पर्यटन मंत्रालय के अधीन भारतीय पर्यटन विकास निगम (आईटीडीसी) ने जनजातीय कार्य मंत्रालय के सहयोग से नई दिल्लीके होटल सम्राट स्थित कौटिल्य हॉल में जनजातीय होमस्टे मालिकों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह का आयोजन किया।
यह पहल सामुदायिक पर्यटन को बढ़ावा देने और देश भर में जनजातीय होमस्टे संचालकों के पेशेवर आतिथ्य कौशल को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य जनजातीय कार्य मंत्रालय के आईटीडीसी के आईएचएम अशोक द्वारा आयोजित संरचित प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के माध्यम से सेवा मानकों को बढ़ाना, आगंतुकों के अनुभवों को बेहतर बनाना और जनताीय समुदायों के लिए स्थायी आजीविका के अवसरों का समर्थन करना है। इस कार्यक्रम में अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम और गुजरात से 40 प्रतिभागियों के पहले बैच ने भाग लिया।
इस समारोह में जनजातीय कार्य मंत्रालय की सचिव श्रीमती रंजना चोपड़ा , आईएएस, जनजातीय कार्य मंत्रालय के अपर सचिव श्री मनीष ठाकुर, आईएएस , आईटीडीसी की प्रबंध निदेशक सुश्री मुग्धा सिन्हा,आईएएस,जनजातीय कार्य मंत्रालय की निदेशकडॉ. वरनाली डेका, आईएएस और आईटीडीसी के वाणिज्य एवं विपणन निदेशक श्री राजेश राणा उपस्थित थे।
इस कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण आईएचएम अशोक द्वारा विकसित प्रकाशन ट्राइबल होमस्टे- ऑपरेशन एंड डेवलपमेंट मैनुअल 2026 का विमोचन था। यह मैनुअल भारत भर में जनजातीय होमस्टे के विकास और पेशेवर प्रबंधन के लिए एक संरचित प्रारूप प्रदान करता है। इच्छुक और वर्तमान होमस्टे संचालकों के लिए एक व्यावहारिक मार्गदर्शिका के रूप में तैयार किया गया यह प्रकाशन बहुभाषी संसाधन के रूप में विकसित किया गया है और समुदायों के बीच व्यापक पहुंच और प्रभावी प्रसार सुनिश्चित करने के लिए इसे हिंदी और गुजराती में अनुवादित किया गया है।
इस अवसर पर जनजातीय कार्य मंत्रालय के सचिव ने कहा है भारतीय पर्यटकों की सोच बदल रही है। आज के यात्री भीड़-भाड़ से दूर, प्रकृति के करीब और प्रदूषण मुक्त स्थलों की तलाश कर रहे हैं, साथ ही वे इन वातावरणों का वास्तविक अनुभव करने के लिए अधिक समय तक ठहरना पसंद करते हैं। ऐसे देश में जहां होटल के कमरों की भारी कमी है, होमस्टे मॉडल एक सशक्त समाधान प्रस्तुत करता है।
उन्होंने कहा कि यह न केवल आधुनिक यात्रियों की अपेक्षाओं को पूरा करता है, बल्कि जनजातीय परिवारों, विशेष रूप से प्राकृतिक पगडंडियों से समृद्ध पर्वतीय और जनजातीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए सार्थक आजीविका के अवसरों का भी सृजन करता है। होमस्टे मालिकों को आतिथ्य सत्कार के बुनियादी सिद्धांतों से अवगत कराकर, यह पहल स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को बदलने की क्षमता रखती है। आईटीडीसी द्वारा उत्कृष्टता के साठ वर्ष पूरे किए जा रहे हैं, ऐसे में जनजातीय कार्य मंत्रालय के साथ यह साझेदारी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से आज हम जो छोटा सा बीज बो रहे हैं, वह एक मजबूत और दीर्घकालिक मॉडल के रूप में विकसित होगा जो कई और समुदायों को पर्यटन आधारित आजीविका के अवसरों को अपनाने के लिए प्रेरित करेगा।”
इस अवसर पर अपने संबोधन में आईटीडीसी की प्रबंध निदेशक, आईएएस सुश्री मुग्धा सिन्हा ने कहा कि भारत में होमस्टे अभियान प्रधानमंत्री मोदी के देश भर में एक लाख होमस्टे स्थापित करने के दृष्टिकोण से प्रेरित है। 1,500 प्रतिभागियों को प्रशिक्षित करने का हमारा तात्कालिक प्रयास मात्र शुरुआत है। हमारा व्यापक लक्ष्य उन्हें अपने-अपने राज्यों में प्रशिक्षकों के प्रशिक्षक बनने के लिए सशक्त बनाना है, जिससे यह मॉडल तेजी से विस्तारित हो सके और यह सुनिश्चित हो सके कि समुदाय अपने घर के पास ही प्रशिक्षण प्राप्त कर सकें।
उन्होंने कहा कि यह पहल अलगाव को दूर करने और सार्थक सहयोग के माध्यम से कार्य करने की हमारी प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है। जनजातीय कार्य मंत्रालय, पर्यटन मंत्रालय और अतुलनीय भारत मंच की शक्तियों और सामंजस्य को एक साथ लाकर, हम एक ऐसा ढांचा तैयार कर रहे हैं जो सतत पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ देश भर के समुदायों के लिए आजीविका के नए अवसर भी पैदा करता है।
आईटीडीसी और जनजातीय कार्य मंत्रालय के बीच यह सहयोग समावेशी विकास और पर्यटन के माध्यम से आजीविका सृजन पर सरकार के व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाता है। इसका उद्देश्य जनजातीय होमस्टे संचालकों को उच्च गुणवत्ता वाले अनुभव प्रदान करने के लिए आवश्यक कौशल और ज्ञान से लैस करके समुदाय-आधारित पर्यटन को मजबूत करना भी है। यह जनजातीय परंपराओं को संरक्षित करते हुए सार्थक आर्थिक अवसरों का सृजन करके सतत विकास में भी योगदान देता है।

भारत पर्यटन विकास निगम के बारे में:
आईटीडीसी की स्थापना 1966 में देश में पर्यटन अवसंरचना के विकास और विस्तार के उद्देश्य से की गई थी। निगम अपने अतिथियों को विश्व स्तरीय सेवाएं और सुविधाएं प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। होटलों के संचालन के अलावा, आईटीडीसी ने टिकट बुकिंग, टूर और ट्रैवल, इवेंट मैनेजमेंट, ड्यूटी-फ्री शॉपिंग, प्रचार और मुद्रण परामर्श, इंजीनियरिंग परामर्श, साउंड एंड लाइट शो का आयोजन, आतिथ्य शिक्षा और कौशल विकास जैसे गैर-होटल क्षेत्रों में भी अपनी सेवाएं एक ही बैनर तले प्रदान की हैं।