भारत में उभरते खेलों को नई दिशा देने की दिशा में केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने भारतीय लैक्रोस टीमों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें वर्ष 2028 में लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने का लक्ष्य निर्धारित करने का आह्वान किया है। यह संदेश उन्होंने रियाद में आयोजित एशियाई लैक्रोस खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष और महिला टीमों के साथ बातचीत के दौरान दिया।

डॉ. मांडविया ने खिलाड़ियों की ऐतिहासिक उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि यह सफलता न केवल भारतीय लैक्रोस के लिए, बल्कि देश में उभरते खेलों के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि सीमित अंतरराष्ट्रीय अनुभव के बावजूद दोनों टीमों का स्वर्ण पदक जीतना इस बात का प्रमाण है कि भारतीय खिलाड़ियों में अपार संभावनाएं मौजूद हैं।
उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि अब उन्हें अपने प्रदर्शन को और ऊंचाई तक ले जाने के लिए अधिक अनुशासन, निरंतर अभ्यास और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुभव अर्जित करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक को लक्ष्य बनाकर आगे बढ़ना चाहिए और इसके लिए अभी से तैयारी शुरू करनी होगी।
डॉ. मांडविया ने यह भी रेखांकित किया कि केंद्र सरकार ‘खेलो इंडिया’ जैसी योजनाओं के माध्यम से खिलाड़ियों को हर संभव सहायता प्रदान कर रही है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी खिलाड़ी की सफलता का मूल आधार उसका जुनून, समर्पण और निरंतर प्रयास ही होता है।
उल्लेखनीय है कि फरवरी 2026 में सऊदी अरब के रियाद में आयोजित एशियाई लैक्रोस खेलों में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुष और महिला दोनों वर्गों में सिक्स फॉर्मेट में स्वर्ण पदक अपने नाम किए। पुरुष टीम ने फाइनल में इराक को हराया, जबकि महिला टीम ने पाकिस्तान को पराजित कर स्वर्ण पदक हासिल किया।
भारतीय महिला लैक्रोस टीम ने वर्ष 2024 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदार्पण किया था, जबकि पुरुष टीम ने 2025 में अपनी अंतरराष्ट्रीय यात्रा शुरू की। इतने कम समय में यह उपलब्धि हासिल करना भारतीय लैक्रोस के तेजी से विकास को दर्शाता है।
इस सफलता की एक विशेषता यह भी रही कि टीम में देश के विभिन्न राज्यों के खिलाड़ियों ने भाग लिया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि लैक्रोस अब राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक पहचान बना रहा है। टीम में राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा, गुजरात, तमिलनाडु, ओडिशा, असम, जम्मू-कश्मीर, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश के खिलाड़ी शामिल रहे।
एशिया-पैसिफिक लैक्रोस यूनियन के अंतर्गत आयोजित ये खेल क्षेत्र में प्रतिस्पर्धात्मक ढांचे को मजबूत करने के प्रयासों का हिस्सा हैं, खासकर उस परिप्रेक्ष्य में जब लैक्रोस को लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक में शामिल किया गया है।