बिलासपुर। शहर के खेल प्रेमियों और उभरते क्रिकेट खिलाड़ियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ के लिए 12 एकड़ जमीन आवंटन की प्रक्रिया जल्द पूरी होने जा रही है। इस पहल से बिलासपुर का नाम राष्ट्रीय क्रिकेट के मानचित्र पर प्रमुखता से दर्ज होगा।नगर विधायक अमर अग्रवाल ने बताया कि शहर के मंगला क्षेत्र में स्टेडियम निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित कर ली गई है। अब जमीन के मूल्यांकन और परियोजना लागत निर्धारण के बाद निर्माण कार्य तेजी से शुरू किया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया के अगले डेढ़ से 2 वर्ष के भीतर यह स्टेडियम पूरी तरह से आकर ले लेगा। बोर्ड आफ कंट्रोल फार क्रिकेट इन इंडिया (बीसीसीआइ) और राज्य सरकार दोनों ही इस परियोजना को लेकर गंभीर हैं।स्टेडियम बनने से शहर में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। होटल, परिवहन और स्थानीय व्यापार को भी लाभ मिलेगा। बड़े मैचों के दौरान शहर में बाहरी लोगों की आवाजाही बढ़ेगी, जिससे बिलासपुर की पहचान एक स्पोर्ट्स सिटी के रूप में विकसित होगी।मालूम हो कि इस स्टेडियम के बनने के बाद जिले के क्रिकेटरों को मैदान न होने की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। इससे खिलाड़ियों की क्रिकेट विधा में निखार आएगा और बिलासपुर से भी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्रिकेटर निकल सकेंगे। इससे क्रिकेट क्षेत्र में बिलासपुर का भविष्य बेहतर होगा। स्टेडियम निर्माण के लिए स्थानीय क्षेत्र मंगल में 12 एकड़ जमीन की आवंटन प्रक्रिया हो गई है तेज अब यहां सीख रही बड़े खिलाड़ी और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी भी खेलते नजर आएंगे।
क्रिकेट के नक्शे पर उभरेगा बिलासपुर
बिलासपुर में स्टेडियम बनने के बाद शहर सीधे तौर पर राष्ट्रीय क्रिकेट आयोजनों से जुड़ जाएगा। अभी तक छत्तीसगढ़ में रायपुर प्रमुख क्रिकेट केंद्र रहा है, लेकिन अब बिलासपुर भी इस सूची में शामिल होने जा रहा है। इससे स्थानीय खिलाड़ियों को बड़े मंच पर खेलने का अवसर मिलेगा।
अब होगी रणजी व बड़े टूर्नामेंट की संभावना
नए स्टेडियम बनने के बाद रणजी
ट्राफी के मैचों का आयोजन संभव होगा। इसके साथ ही अन्य राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं भी यहां आयोजित की जा सकेंगी। भविष्य इंडियन प्रीमियर लीग जैसी लीग स जुड़ने की संभावनाएं भी बढ़ेगी।
युवाओं क्रिकेटरों को मिलेगा बड़ा प्लेटफार्म
स्टेडियम निर्माण से जिले के युवा
क्रिकेटरों को बेहतर सुविधाएं और अभ्यास का आधुनिक माहौल मिलेगा। इससे प्रतिभाओं को निखारने और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का रास्ता आसान होगा। कोचिंग, चयन और प्रतियोगिता का दायरा भी बढ़ेगा।
