NEW English Version

मिशन जीरो-स्वच्छता कार्यों में होने वाली मौतों को समाप्त करना” पर राष्ट्रीय कार्यशाला

आज ओडिशा के भुवनेश्वर स्थित लोकसेवा भवन के राज्य सम्मेलन केंद्र में संस्थागत तंत्र को मजबूत करने, उपयुक्त प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने, परिचालन तत्परता सुनिश्चित करने और देश भर के शहरों में मशीनो से स्वच्छता सेवाओं को बढ़ाने के उद्देश्य से, “मिशन जीरो: स्वच्छता कार्य में होने वाली मौतों को समाप्त करना” विषय पर एक राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

इस कार्यशाला में ओडिशा के माननीय मुख्यमंत्री श्री मोहन चरण मांझी ने शिरकत की। उपस्थित अन्य गणमान्य व्यक्तियों में भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सचिव श्री सुधांश पंत; ओडिशा सरकार की मुख्य सचिव श्रीमती अनु गर्ग; ओडिशा सरकार के आवास एवं शहरी विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती उषा पाधी; सीपीएचईईओ के सलाहकार श्री वी.के. चौरसिया; डब्ल्यूएटीसीओ के प्रबंध निदेशक श्री देबब्रत मोहंती; नमस्ते कार्यक्रम के कार्यान्वयन के लिए नोडल एजेंसी एनएसकेएफडीसी के प्रबंध निदेशक श्री प्रभात कुमार सिंह; यूएमसी की सुश्री मेघना मल्होत्रा ​​और श्री ज़ेरक्स राव; भुवनेश्वर नगर निगम के नगर आयुक्त श्री चंचल राणा (आईएएस); और पिंपरी चिंचवड नगर निगम के नगर आयुक्त डॉ. विजय सूर्यवंशी (आईएएस) शामिल थे।

वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, शहरी स्थानीय निकाय (यूएलबी), स्वच्छता क्षेत्र के विशेषज्ञ, निर्माता, प्रौद्योगिकी प्रदाता, नागरिक समाज संगठन और स्वच्छता कार्यकर्ता एक सुरक्षित, सम्मानजनक और पूरी तरह से मशीनों से स्वच्छता प्रणाली के निर्माण पर विचार-विमर्श करेंगे।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य स्वच्छता कार्यों में होने वाली मौतों को शून्य तक पहुंचाने के समग्र लक्ष्य के साथ संस्थागत तंत्रों को मजबूत करना, उपयुक्त प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देना, परिचालन तत्परता सुनिश्चित करना और शहरों में मशीनों से स्वच्छता सेवाओं का विस्तार करना था।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सचिव श्री सुधांश पंत ने दोहराया कि स्वच्छता कार्यों में शून्य मृत्यु दर प्राप्‍त करना माननीय प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के दृष्टिकोण के अंतर्गत एक प्रमुख राष्ट्रीय प्राथमिकता है। उन्होंने स्वच्छता सेवाओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और सम्मानपूर्वक प्रदान करने के लिए सरकार के समग्र दृष्टिकोण की आवश्यकता पर बल दिया।

श्री पंत ने बताया कि मशीनीकरण को बढ़ावा देने और सफाई कर्मचारियों और उनके आश्रितों के लिए व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका के अवसर सुनिश्चित करने के लिए नमस्ते और गरिमा योजनाएं लागू की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि 2024 में शुरू किए गए स्वच्छता सारथी/कचरा बीनने वाले घटक ने कचरा बीनने वालों को सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण पहलों के दायरे में लाकर ढांचे को और मजबूत किया है।

सचिव ने आगे कहा कि आपातकालीन प्रतिक्रिया स्वच्छता इकाइयों (ईआरएसयू) के माध्यम से व्यवस्थित स्वच्छता सेवा वितरण सुनिश्चित करने, मिशन जीरो एजेंडा को आगे बढ़ाने और स्वच्छता कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए कल्याणकारी उपायों की व्यापकता प्राप्त करने के उद्देश्य से नमस्ते कार्यक्रम को 2031 तक बढ़ा दिया गया है।

इस कार्यशाला ने हितधारकों को अनुभव साझा करने, नवाचारों को प्रदर्शित करने और सुरक्षित स्वच्छता संचालन के लिए व्यावहारिक समाधानों पर चर्चा करने के लिए एक मंच भी प्रदान किया।

सचिव ने सुरक्षा उपकरण और साजो-सामान के बाज़ार का दौरा किया और हितधारकों से बातचीत की, जहां स्वच्छता कर्मचारियों की सुरक्षा और कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए डिज़ाइन की गई प्रौद्योगिकियों और उपकरणों का प्रदर्शन किया गया। उन्होंने कचरा बीनने वालों और स्वच्छता कर्मचारियों से बने ‘कचरे से धन’ स्वयं सहायता समूहों द्वारा स्थापित स्टालों का भी दौरा किया, जहां आजीविका सृजन, उद्यमिता और टिकाऊ अपशिष्ट प्रबंधन के अवसरों के बारे में बताया गया।

गौरतलब है कि इस कार्यक्रम में भारत सरकार और ओडिशा सरकार के प्रतिनिधियों, शहरी स्थानीय निकायों के वरिष्ठ अधिकारियों, सीपीएचईईओ, स्वच्छता क्षेत्र के संस्थानों, नागरिक समाज संगठनों, प्रौद्योगिकी और उपकरण प्रदाताओं के साथ-साथ स्वच्छता कर्मचारी एक साथ आए।

विभिन्न हितधारकों की भागीदारी ने खतरनाक मैनुअल स्वच्छता प्रथाओं को समाप्त करने के लिए सरकारों, शहरी स्थानीय निकायों, प्रौद्योगिकी प्रदाताओं और समुदायों के बीच समन्वित कार्रवाई के महत्व का उल्‍लेख किया।

कार्यशाला ने एक सुरक्षित, गरिमापूर्ण, प्रौद्योगिकी-संचालित और टिकाऊ स्वच्छता प्रणाली के निर्माण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता की पुष्टि की, जहां स्वच्छता कर्तव्यों का पालन करते समय किसी भी स्वच्छता कर्मी की जान न जाए।

मिशन जीरो दृष्टिकोण का उद्देश्य मशीनीकरण, संस्थागत तैयारी, श्रमिक सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा और आजीविका सहायता के माध्यम से स्वच्छता कार्य में परिवर्तन लाना है, जिससे पूरे देश में स्वच्छता कार्यों में होने वाली मौतों को शून्य तक लाने का मार्ग प्रशस्त हो सके। साभार : पीआईबी

Book Showcase

Best Selling Books

Shri Durgasaptashati Sachitra

By Gorakhpur Gita Press

₹100

Book 2 Cover

Stop Letting Everything Affect You

By Daniel Chidiac

₹190

Truth without apology

By Acharya Prashant

₹240

30 Days to Better English

By Norman Lewis

₹199

Translate »