नई दिल्ली: भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस सह्याद्रि और आईएनएस कुलिश ने फिलीपींस में आयोजित आसियान-भारत समुद्री अभ्यास (AIME-2026) में अपनी भागीदारी पूरी कर ली है। ‘विश्वास में अटूट, समुद्र में एकजुट’ विषय पर आयोजित इस अभ्यास का उद्देश्य भाग लेने वाली नौसेनाओं के बीच पेशेवर संवाद, परिचालन समन्वय और समुद्री सहयोग को मजबूत करना रहा।
अभ्यास के दौरान बंदरगाह और समुद्री, दोनों चरणों में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। बंदरगाह चरण की शुरुआत उद्घाटन समारोह के साथ हुई। इस दौरान वरिष्ठ नौसैनिक अधिकारियों के बीच संवाद के अलावा खेलकूद, योग, सामुदायिक संपर्क कार्यक्रम और विषय विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श जैसी गतिविधियां आयोजित की गईं। इन कार्यक्रमों ने भाग लेने वाली नौसेनाओं के कर्मियों को एक-दूसरे के अनुभवों और कार्यप्रणालियों को समझने का अवसर प्रदान किया।

बंदरगाह चरण के बाद समुद्री चरण के लिए परिचालन समन्वय और आवश्यक तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया गया। समुद्र में संयुक्त गतिविधियों से पहले की गई तैयारियों ने विभिन्न नौसैनिक इकाइयों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
समुद्री चरण में विभिन्न अभ्यास
समुद्री चरण के दौरान आईएनएस सह्याद्रि और आईएनएस कुलिश ने भाग लेने वाली नौसेनाओं के साथ कई संयुक्त समुद्री अभ्यासों में हिस्सा लिया। इनमें मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR), जहाज पर चढ़कर तलाशी एवं जब्ती तथा समुद्र में चल रहे जहाजों के बीच रसद आपूर्ति जैसे अभ्यास शामिल रहे।
इसके अलावा हेलीकॉप्टर से संबंधित परिचालन गतिविधियों का भी अभ्यास किया गया। इनमें एक जहाज से दूसरे जहाज पर हेलीकॉप्टर की लैंडिंग, हेलीकॉप्टर के माध्यम से रसद पहुंचाना तथा घायल कर्मियों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रियाओं का अभ्यास शामिल था। इन गतिविधियों का उद्देश्य विभिन्न नौसैनिक इकाइयों के बीच समन्वय और संयुक्त रूप से अभियान संचालित करने की क्षमता को बेहतर बनाना था।
समुद्री सहयोग को मिला नया आयाम
एआईएमई-2026 के बंदरगाह और समुद्री चरणों ने भाग लेने वाली नौसेनाओं के बीच आपसी विश्वास, समझ और परिचालन तालमेल को मजबूत करने का अवसर प्रदान किया। संयुक्त अभ्यासों के माध्यम से समुद्री अभियानों से जुड़ी प्रक्रियाओं, संचार और समन्वय का व्यावहारिक अनुभव भी साझा किया गया।
आईएनएस सह्याद्रि और आईएनएस कुलिश की भागीदारी भारत की एक्ट ईस्ट नीति तथा महासागर (MAHASAGAR क्षेत्र में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक एवं समग्र उन्नति) के व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप है। भारतीय नौसेना लगातार मित्र और साझेदार देशों की नौसेनाओं के साथ समुद्री सहयोग तथा परिचालन सहभागिता को बढ़ाने की दिशा में कार्य कर रही है।
एआईएमई-2026 में भारतीय नौसेना की भागीदारी ने क्षेत्रीय समुद्री सहयोग को आगे बढ़ाने और साझा समुद्री हितों के लिए विभिन्न नौसेनाओं के बीच समन्वय को मजबूत करने की दिशा में एक और अवसर प्रदान किया।