
नई दिल्ली । राजधानी दिल्ली के संगम विहार स्थित लाल बाबा मंदिर में मैथिली समाज ने अपनी 40 वर्ष पुरानी सांस्कृतिक एवं धार्मिक परंपरा को जीवंत रखते हुए नौ दिवसीय कीर्तन का भव्य आयोजन किया। इस धार्मिक आयोजन में 50 से अधिक युवाओं, बुजुर्गों, महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। नौ दिनों तक चले इस कार्यक्रम में मैथिली गीतों, सोहर, समदाउन और मां भगवती के भक्ति गीतों की मधुर गूंज से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
इस आयोजन में मिथिलांचल की समृद्ध लोकसंस्कृति, धार्मिक आस्था और पारंपरिक संगीत की अनूठी झलक देखने को मिली। पारंपरिक धुनों पर प्रस्तुत मैथिली गीतों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम में सभी आयु वर्ग के लोगों की भागीदारी ने यह संदेश दिया कि अपनी सांस्कृतिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने में सामूहिक प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
नौ दिवसीय कीर्तन के मुख्य गायक मैथिली लोकगायक श्री दिलीप झा ने अपनी सुरीली आवाज, मनमोहक गायन शैली और प्रभावशाली लय से श्रोताओं का मन मोह लिया। उनके गायन ने श्रद्धालुओं को भक्ति और संगीत की धारा में सराबोर कर दिया। श्री दिलीप झा धार्मिक अनुष्ठानों, पूजा-पाठ और भजन-कीर्तन के आयोजनों में मैथिली लोकगीतों एवं भक्ति संगीत की प्रस्तुति के लिए जाने जाते हैं।
आयोजन मैथिली समाज की एकता, आपसी सहयोग और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने का माध्यम बना। 40 वर्षों से चली आ रही इस परंपरा का निरंतर आयोजन मिथिला की लोकपरंपराओं के संरक्षण और संवर्धन के प्रति समाज की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इस अवसर पर कृष्ण मिश्रा (लकी), कुंदन झा सहित मैथिली समाज के अनेक सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने इस परंपरा को भविष्य में भी निरंतर जारी रखने और नई पीढ़ी को अपनी भाषा, संस्कृति एवं धार्मिक विरासत से जोड़ने की भावना व्यक्त की। एवीके न्यूज सर्विस