शैक्षिक संवाद मंच द्वारा 25 एवं 26 अक्टूबर को लखनऊ में समारोह सम्पन्न
लखनऊ। ‘विद्यालय बनें आनंदघर’ के संकल्प को साकार करने वाले बेसिक शिक्षकों के स्वप्रेरित रचनात्मक मैत्री समूह शैक्षिक संवाद मंच होटल अम्बर, लखनऊ में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय शैक्षिक संगोष्ठी एवं शिक्षक सम्मान समारोह में विभिन्न राज्यों के 40 शिक्षक-शिक्षिकाओं को राष्ट्रीय शिक्षा प्रहरी सम्मान-2026 भेंट किया गया।
उक्त जानकारी देते हुए शैक्षिक संवाद मंच के संयोजक दुर्गेश्वर राय ने बताया कि इस द्विदिवसीय संगोष्ठी में विद्यालयों में वर्ष भर रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से सीखने-सिखाने का आनंदमय शैक्षिक परिवेश रचने वाले चयनित 40 शिक्षक एवं शिक्षिकाओं को मंचस्थ अतिथियों शिव मोहन यादव (एनसीईआरटी, नई दिल्ली), कमलेश जोशी (शिक्षाविद एवं लेखक, लखनऊ), ज़ाकिर अली रजनीश (विज्ञान कथाकार, लखनऊ), रंजीता सचदेव (रंगकर्मी, लखनऊ) तथा मंच के संस्थापक प्रमोद दीक्षित मलय द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा प्रहरी सम्मान से सम्मानित कर अंगवस्त्र, सम्मान पत्र, स्मृति चिह्न, मोती-माला एवं शिक्षा साहित्य भेंट किया गया।

राष्ट्रीय शिक्षा प्रहरी सम्मान-2026 से सम्मानित होने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं में लखनऊ से सुनीता वर्मा, अमिता सचान, निशा सिंह, रूबी चौधरी, सारिका श्रीवास्तव एवं कनक, आगरा से प्रज्ञा गौरव एवं ज्योति जैन, अम्बेडकर नगर से विजय शंकर यादव, कानपुर से वत्सला सिंह अक्स, कानपुर देहात से विनीत कुमार मिश्रा एवं प्रतीक्षा त्रिपाठी, मऊ से राजेन्द्र प्रसाद राव एवं मीरा कुमारी, फतेहपुर से सीमा मिश्रा एवं डॉ. सुनील कुमार तिवारी, वाराणसी से विन्ध्येश्वरी प्रसाद ‘विन्ध्य’, डॉ. श्रवण कुमार गुप्त एवं डॉ. अरविन्द कुमार द्विवेदी, उन्नाव से रेखा कुशवाहा एवं प्रीति भारती, रामपुर से नीलम रानी सक्सैना, गाजीपुर से रिम्पू सिंह ‘सुभाषिनी’, बांदा से रामकिशोर पांडेय एवं इंसाफ अली, कन्नौज से गुंजन भदौरिया, कौशाम्बी से सत्यप्रकाश, हरदोई से मंजू वर्मा, शाहजहांपुर से अमिता शुक्ला, इटावा से दाऊ दयाल वर्मा एवं अनुराधा दोहरे, गोरखपुर से दुर्गेश्वर राय एवं दीप्ति राय ‘दीपांजलि’, हापुड़ से ऋतु श्रीवास्तव, रुचिता पांडेय एवं पारुल प्रियम, गोंडा से अशोक कुमार, बलरामपुर से कुसुम कुमारी तथा हरियाणा के रेवाड़ी जनपद से अशोक कुमार आर्य शामिल हैं। इस अवसर पर कविता, रिपोर्ताज, आत्मकथात्मक संस्मरण, पत्र साहित्य, जीवनी, लेख विधाओं पर आधारित कुल 11 पुस्तकों एवं बच्चों की पत्रिका ‘बाल उमंग’ का विमोचन भी किया गया।
इनमें छह एकल संग्रह हैं और पांच साझा संग्रह हैं। मौन शिलाएं टूट रहीं (सीमा मिश्रा, फतेहपुर), बाल पंचामृत-2, चित्रकूट के घाट पर, चार पत्र (दुर्गेश्वर राय, गोरखपुर), अजेय योद्धा (प्रमोद दीक्षित मलय, बांदा), करुण स्वर (स्व. हरिनाथ दूबे ‘करुण’, संपा- डॉ. अरविंद कुमार द्विवेदी) एकल संग्रह हैं। मेरा बचपन मेरी बातें (संपा- दुर्गेश्वर राय, सह संपा- डॉ. श्रवण कुमार गुप्त, भारती, नीलम रानी सक्सैना, सुनीता वर्मा एवं अशोक कुमार आर्य), काव्याम्बर-2 (संपा- दुर्गेश्वर राय, सह संपा- अशोक कुमार आर्य, नीलम रानी सक्सैना एवं डॉ. श्रवण कुमार गुप्त), मुक्तगान (संपा-दुर्गेश्वर राय) भाव कलश (संपा- सीमा मिश्रा एवं विजय शंकर यादव) तथा सुरभित हिंदी (संपा- (सुनीता वर्मा, अमिता सचान, नीलम रानी सक्सैना एवं समरेंद्र बहादुर) साझा संग्रह हैं। इनमें कविता विधा पर छह संग्रह तथा जीवनी, रिपोर्ताज, बाल साहित्य, पत्र साहित्य एवं आत्मकथात्मक संस्मरण विधा पर एक-एक संग्रह शामिल है। अतिथियों ने ऐसे आयोजनों को शिक्षा एवं साहित्य की बेहतरी के लिए आवश्यक कार्यक्रम बताया। कार्य का आरंभ मां सरस्वती की कांस्य प्रतिमा पर माल्यार्पण तथा गिजुभाई बधेका एवं सावित्रीबाई फुले के छवि चित्रों पर पुष्पांजलि और दीप प्रज्ज्वलित से हुआ।कार्यक्रम का संचालन प्रीति भारती तथा आभार प्रदर्शन विनीत कुमार मिश्रा ने किया। कार्यशाला की व्यवस्था में रामकिशोर पांडेय, विजय शंकर यादव, इंसाफ अली एवं सुनीता वर्मा जुटे रहे।प्रमोद दीक्षित मलय