भारतीय नौसेना के अग्रणी युद्धपोत आईएनएस तरकश ने एक और बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए पश्चिमी हिंद महासागर में 2500 किलोग्राम से अधिक मादक पदार्थों को जब्त किया है। यह कार्रवाई समुद्री अपराधों पर लगाम कसने और क्षेत्रीय सुरक्षा को और मजबूत करने की नौसेना की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

समुद्री गश्त पर था आईएनएस तरकश
आईएनएस तरकश जनवरी 2025 से पश्चिमी हिंद महासागर में अपनी सुरक्षा जिम्मेदारियों को निभा रहा है। यह संयुक्त कार्य बल (CTF) 150 का सक्रिय सहयोगी है, जो बहरीन स्थित संयुक्त समुद्री बलों (CMF) का हिस्सा है। इसके अलावा, यह युद्धपोत बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास एनजैक टाइगर में भी भाग ले रहा है।
पी8आई विमान से मिली संदिग्ध गतिविधियों की सूचना
31 अप्रैल 2025 को गश्त के दौरान, भारतीय नौसेना के पी8आई गश्ती विमान ने समुद्र में संदिग्ध जहाजों की गतिविधियों का पता लगाया। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले कि ये जहाज अवैध गतिविधियों, विशेष रूप से मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त हो सकते हैं। इसके बाद आईएनएस तरकश ने रणनीतिक रूप से अपने पैंतरे बदले और संदिग्ध जहाजों की ओर बढ़ा।
विशेष ऑपरेशन: संदिग्ध नौका पर मरीन कमांडो का धावा
आईएनएस तरकश ने मुंबई स्थित समुद्री परिचालन केंद्र और पी8आई विमान के समन्वय से संदिग्ध डाउ नौका को रोका। नौका की गतिविधियों पर पैनी नजर रखते हुए, आईएनएस तरकश ने अपने विशेष हेलीकॉप्टर को तैनात किया, जिससे क्षेत्र में अन्य संदिग्ध जहाजों की पहचान की जा सके।
इसके बाद, मरीन कमांडो के साथ विशेषज्ञ बोर्डिंग टीम संदिग्ध नौका पर चढ़ गई और गहन तलाशी अभियान शुरू किया। इस तलाशी के दौरान विभिन्न सीलबंद पैकेट बरामद किए गए, जिनमें 2386 किलोग्राम हशीश और 121 किलोग्राम हेरोइन मिली।
आईएनएस तरकश का परचम, समुद्री सुरक्षा में बढ़त
संदिग्ध नौका को आईएनएस तरकश ने अपने नियंत्रण में ले लिया और चालक दल से गहन पूछताछ की गई। इस ऑपरेशन से समुद्र में मादक पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क पर करारा प्रहार किया गया है।
भारतीय नौसेना की यह ऐतिहासिक जब्ती यह साबित करती है कि वह हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए पूरी तरह समर्पित है। बहुराष्ट्रीय समुद्री अभियानों में नौसेना की सक्रिय भागीदारी का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में सुरक्षा, समृद्धि और स्थिरता को मजबूत करना है।