वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) के सचिव श्री एम. नागराजू ने बुधवार को मंथन, डीएफएस में एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में केंद्रीय केवाईसी रिकॉर्ड रजिस्ट्री (सीकेवाईसीआर) के पुनर्गठन और अपने ग्राहक को जानें (केवाईसी) अनुपालन से जुड़े अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य नागरिकों के लिए वित्तीय सेवाओं की प्रक्रियाओं को सरल और सुगम बनाना था।

इस उच्चस्तरीय बैठक में विभिन्न मंत्रालयों, वित्तीय क्षेत्र के नियामकों, वित्तीय संस्थानों और अन्य प्रमुख हितधारकों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
केवाईसी प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर
बैठक के दौरान सचिव श्री नागराजू ने सीकेवाईसीआर के आधुनिकीकरण और केवाईसी प्रक्रिया को सरल एवं सुव्यवस्थित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि केवाईसी से जुड़े वर्तमान ढांचे में सुधार कर इसे और अधिक उपयोगकर्ता अनुकूल बनाया जाना चाहिए, जिससे नागरिकों को वित्तीय सेवाओं का लाभ उठाने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि वित्तीय क्षेत्र में केवाईसी प्रक्रियाओं की दक्षता को बढ़ाना, अतिरेक को कम करना और सुरक्षा मानकों को मजबूत करना बेहद आवश्यक है। इस दिशा में सरकार और वित्तीय नियामकों द्वारा अब तक उठाए गए कदमों की समीक्षा की गई और भविष्य की रणनीति पर मंथन किया गया।
हितधारकों से मिले अहम सुझाव
बैठक के दौरान विभिन्न हितधारकों ने केवाईसी प्रक्रिया को और अधिक सरल एवं पारदर्शी बनाने के लिए अपने महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए। इन सुझावों पर गहन विचार-विमर्श किया गया और यह सुनिश्चित करने पर सहमति बनी कि केवाईसी प्रणाली को ऐसा रूप दिया जाए जिससे नागरिकों और वित्तीय संस्थानों—दोनों के लिए यह अधिक सहज और सुरक्षित हो।
इस बैठक से साफ संकेत मिला कि सरकार और वित्तीय नियामक निकाय केवाईसी प्रक्रियाओं को आधुनिक, तेज़ और सुरक्षित बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। आने वाले समय में इन प्रस्तावों पर ठोस कदम उठाकर नागरिकों को अधिक सहज वित्तीय सेवाएं प्रदान करने की दिशा में सार्थक पहल की जाएगी।