ट्रेनवा में भीड़ भइल बा

सोचले रहनी एह बार हम गांवे जाइब।
धूमधाम से सबके साथे छठ मनाइब।
बाकी टूट गइल देखल सब सपनवा।
ट्रेनवा में भीड़ भइल बा।
ए छठी मइया,
कइसे आईं करे राउर पूजनवा।
ट्रेनवा में भीड़ भइल बा।
ढेर दिना भइल रहे गांवे गइल।
कमाए-खाए में लाइफ़ बिजी अइसन भइल।
एगो रउरे रहीं आवे के बहनवा।
ट्रेनवा में भीड़ भइल बा।
ए छठी मइया,
कइसे आईं करे राउर पूजनवा।
ट्रेनवा में भीड़ भइल बा।
तीन माह पहिले से टिकट बनवनी।
एढ़ा-डेढ़ा रुपया लगवनी।
तबो लागे पड़ल लमहर लाइनवा।
ट्रेनवा में भीड़ भइल बा।
ए छठी मइया,
कइसे आईं करे राउर पूजनवा।
ट्रेनवा में भीड़ भइल बा।

रौनक द्विवेदी
(करथ, आरा)
Book Showcase

Best Selling Books

The Psychology of Money

By Morgan Housel

₹262

Book 2 Cover

Operation SINDOOR: The Untold Story of India's Deep Strikes Inside Pakistan

By Lt Gen KJS 'Tiny' Dhillon

₹389

Atomic Habits: The life-changing million copy bestseller

By James Clear

₹497

Never Logged Out: How the Internet Created India’s Gen Z

By Ria Chopra

₹418

Translate »