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पराक्रम दिवस- 2024 उत्सव: लाल किलाइतिहास और सांस्कृतिक झलकियों का प्रदर्शन करेगा

पराक्रम दिवस-2024 के अवसर परदिल्ली के लाल किले में ऐतिहासिक प्रतिबिंबों और जीवंत सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों को एक साथ जोड़ते हुए एक बहुआयामी उत्सव मनाया जाएगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 23 जनवरी की शाम को इस कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे और यह उत्सव 31 जनवरी तक जारी रहेगा।

इस बड़े उत्सव का आयोजन संस्कृति मंत्रालय की ओर से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, साहित्य अकादमी और भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार जैसे अपने सहयोगी संस्थानों की सहभागिता में किया जा रहा है। इस उत्सव के एक हिस्से के तहत यहकार्यक्रम गतिविधियों की एक समृद्ध श्रृंखला की मेजबानी करेगा, जो नेताजी सुभाष चंद्र बोस और आजाद हिंद फौज की समृद्ध विरासत को सामने लाएगी।

लाल किले की नेताजी सुभाष चंद्र बोस और आजाद हिंद फौज की गाथा में महत्वपूर्ण भूमिका है। लाल किले के परिसर में एक संग्रहालय बोस और आईएनए की विरासत को संरक्षित व सम्मान देने के लिए समर्पित है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री श्री मोदी ने साल 2019 में नेताजी के जन्मदिन के अवसर पर किया था। कर्नल प्रेम सहगल, कर्नल गुरबख्श सिंह ढिल्लों और कर्नल शाहनवाज खान के नाम इतिहास में लाल किला ट्रायल में प्रमुख व्यक्तियों के रूप में दर्ज हैं। भारत की आजादी को लेकर उनकी प्रतिबद्धता के कारण कुख्यात लाल किला बैरक मामला सामने आया था।यह एक ऐतिहासिक मामला था, जिसने आजाद हिंद फौज के अटूट संकल्प को प्रदर्शित किया।

इस कार्यक्रम के दौरानप्रतिष्ठित लाल किले को पृष्ठभूमि में एक प्रोजेक्शन मैपिंग शो के माध्यम से एक कैनवास में बदल दिया जाएगा, जिसमें राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) के कलाकार मंच पर प्रदर्शन करेंगे औरइसकी दीवारों को इतिहास व कला के एक आश्चर्यजनक संयोजन में बहादुरी और बलिदान की कहानियों से रोशन किया जाएगा। साथ ही, भारतीय राष्ट्रीय सेना के दिग्गजों को विशेष सम्मान दिया जाएगा।

इस कार्यक्रम में आगंतुक लाल किले में नेताजी और आजाद हिंद फौज की उल्लेखनीय यात्रा का विवरण देने वाली दुर्लभ तस्वीरों व दस्तावेजों को प्रदर्शित करते हुए अभिलेखागार की प्रदर्शनियों के जरिए एक समृद्ध अनुभव प्राप्त करेंगे। इसके अलावापेंटिंग और मूर्तिकला कार्यशालाएं व्यावहारिक अनुभव प्रदान करेंगी, आधुनिक तकनीक एआर और वीआर प्रदर्शनी के साथ केंद्रीय स्तर पर होगी, जो ऐतिहासिक घटनाओं पर एक अद्वितीय और संवादात्मक परिप्रेक्ष्य प्रस्तुत करेगी।

इस कार्यक्रम के दौरान आगंतुकों के लिए प्रवेश निःशुल्क रहेगा।

नेताजी सुभाष चंद्र बोस के सम्मान में साल 2021 से हर साल पराक्रम दिवस मनाया जाता है। साल 2021 मेंउद्घाटन समारोह कोलकाता के विक्टोरिया मेमोरियल हॉल में हुआ। साल 2022 में इंडिया गेट पर नेताजी की होलोग्राम प्रतिमा का अनावरण किया गया। वहीं, 2023 मेंअंडमान और निकोबार द्वीप समूह के 21 सबसे बड़े अनाम द्वीपों का नाम 21 परमवीर चक्र पुरस्कार विजेताओं के नाम पर रखा गया। साथ ही, नेताजी को समर्पित राष्ट्रीय स्मारक के एक मॉडल का अनावरण किया गया, जिसे नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वीप पर स्थापित किया जाना था।

पराक्रम दिवस- 2024 कार्यक्रम के दौरानप्रधानमंत्री गणतंत्र दिवस की झांकियों और सांस्कृतिक प्रदर्शनों के साथ देश की विविधता को प्रदर्शित करने के लिए पर्यटन मंत्रालय की ओर से आयोजित किए जा रहे ‘भारत पर्व‘ की डिजिटल रूप से शुरुआत भी करेंगे। 23 से 31 जनवरी, 2024 तक चलने वाले नौ दिवसीय कार्यक्रम में 26 मंत्रालय और विभाग नागरिक केंद्रित पहल, वोकल फॉर लोकल और विविध पर्यटक आकर्षणों को रेखांकित करेंगे। यह पूरे विश्व के लोगों को शामिल करने और राष्ट्र की पुनरुत्थान की भावना कोप्रतिबिंबित करने व उत्सव मनाने के लिए एक मंच होगा। इसका आयोजन लाल किले के सामने राम लीला मैदान और माधव दास पार्क में होगा।

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