NEW English Version

प्रधानमंत्री ने श्री खोडलधाम ट्रस्ट-कैंसर अस्पताल के शिलान्यास समारोह को वीडियो संदेश के माध्यम से संबोधित किया

प्रधानमंत्री ने संबोधन में कहा कि खोडलधाम की पवित्र भूमि और खोडल मां के भक्तों के साथ जुड़ना उनके लिए बड़े सौभाग्‍य की बात है। श्री मोदी ने इस बात को रेखांकित किया कि श्री खोडलधाम ट्रस्ट ने अमरेली में कैंसर अस्पताल और अनुसंधान केंद्र के शिलान्‍यास के साथ जन कल्याण और सेवा के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। श्री खोडलधाम ट्रस्ट-कागवाड की स्थापना के 14 वर्ष पूरे होने वाले हैं, इसका उल्‍लेख करते हुए उन्‍होंने ट्रस्‍ट को अपनी शुभकामनाएं दीं।

प्रधानमंत्री ने बताया कि लेउवा पाटीदार समाज ने सेवा, संस्‍कार और समर्पण के संकल्प के साथ 14 साल पहले श्री खोडलधाम ट्रस्ट की स्थापना की थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि उसके बाद से ही इस ट्रस्ट ने अपनी सेवा के जरिए लाखों लोगों के जीवन में बदलाव लाने का काम किया है। “चाहे शिक्षा का क्षेत्र हो, कृषि का क्षेत्र हो या स्वास्थ्य का क्षेत्र हो, इस ट्रस्ट ने हर दिशा में उत्कृष्ट काम किया है।” प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि अमरेली में बन रहा कैंसर अस्पताल सेवा भावना की एक और मिसाल बनेगा और अमरेली सहित सौराष्ट्र का एक बड़ा क्षेत्र इससे बड़े पैमाने पर लाभान्वित होगा।

इस बात पर गौर करते हुए कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का इलाज किसी भी व्यक्ति और परिवार के लिए एक बड़ी चुनौती बन जाता है, प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है कि किसी भी मरीज को कैंसर के इलाज में कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। प्रधानमंत्री ने कहा कि इसी सोच के साथ, पिछले 9 वर्षों में देश में लगभग 30 नए कैंसर अस्पताल विकसित किए गए हैं और 10 नए कैंसर अस्पतालों पर काम चल रहा है।

प्रधानमंत्री ने कैंसर के इलाज के लिए कैंसर का सही समय पर पता चलने के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि जब तक गांवों के लोगों को कैंसर का पता चलता है, तब तक यह बहुत फैल चुका होता है। प्रधानमंत्री ने बताया कि ऐसी स्थितियों से बचने के लिए केंद्र सरकार ने ग्रामीण स्तर पर 1.5 लाख से ज्यादा आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाए हैं, जहां कैंसर समेत कई गंभीर बीमारियों का जल्द पता लगाने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा, “जब कैंसर का पता जल्दी चल जाता है तो डॉक्टरों को भी इसके इलाज में काफी मदद मिलती है।” श्री मोदी ने सर्वाइकल कैंसर या स्तन कैंसर जैसी बीमारियों का शुरुआती अवस्‍था में ही पता लगाने में आयुष्मान आरोग्य मंदिर की महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के प्रयासों से महिलाओं को भी काफी लाभ पहुंचा है।

प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि गुजरात ने पिछले 20 वर्षों में स्वास्थ्य क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है और यह भारत में चिकित्सा एक बड़ा केंद्र बन गया है। उन्होंने बताया कि 2002 तक गुजरात में केवल 11 मेडिकल कॉलेज थे, जबकि आज इनकी संख्या बढ़कर 40 हो गई है। उन्होंने कहा कि 20 वर्षों में यहां एमबीबीएस सीटों की संख्या लगभग 5 गुना बढ़ गई है और पीजी सीटों की संख्या भी लगभग 3 गुना तक बढ़ गई है। उन्होंने कहा, “अब हमारे पास राजकोट में एम्स भी है।” उन्होंने यह भी बताया कि 2002 तक गुजरात में केवल 13 फार्मेसी कॉलेज थे, जबकि आज उनकी संख्या लगभग 100 हो गई है और पिछले 20 वर्षों में डिप्लोमा फार्मेसी कॉलेजों की संख्या भी 6 से बढ़कर लगभग 30 हो गई है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इस बात को भी रेखांकित किया कि गुजरात ने प्रत्‍येक गांव में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खोलकर स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े सुधार का एक मॉडल पेश किया है, जिससे जनजातीय और गरीब क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा, “गुजरात में 108 एंबुलेंस की सुविधा पर लोगों का भरोसा लगातार मजबूत हुआ है।”

श्री मोदी ने किसी भी देश के विकास के लिए स्वस्थ और मजबूत समुदाय की आवश्यकता पर जोर दिया। आयुष्मान भारत योजना का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “खोडल माता के आशीर्वाद से आज हमारी सरकार इसी सोच का अनुसरण कर रही है”, जिससे आज बड़ी संख्या में कैंसर के मरीजों सहित 6 करोड़ से ज्यादा लोगों के इलाज में मदद मिली है और इससे उनके एक लाख करोड़ रुपये बचाने में मदद मिली है। उन्होंने 10,000 जन औषधि केंद्र खोलने की भी जिक्र किया, जहां दवाएं 80 फीसदी छूट पर उपलब्ध कराई जाती हैं। प्रधानमंत्री ने पीएम जन औषधि केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 25,000 करने की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मरीजों को 30,000 करोड़ रुपये खर्च होने से बचे हैं। उन्होंने कहा, “सरकार ने कैंसर की दवाओं की कीमतों को भी नियंत्रित किया है जिससे अनेक कैंसर रोगियों को लाभ हुआ है।”

ट्रस्ट के साथ अपने दीर्घकालिक जुड़ाव पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री श्री मोदी ने 9 अनुरोध सामने रखे। सबसे पहले, पानी की हर बूंद बचाना और जल संरक्षण के बारे में जागरूकता फैलाना। दूसरा- ग्रामीण स्तर पर डिजिटल लेनदेन के प्रति जागरूकता फैलाना। तीसरा- अपने गांव, मोहल्ले और शहर को स्वच्छता में नंबर वन बनाने के लिए काम करना। चौथा- स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना और जितना ज्‍यादा से ज्‍यादा संभव हो, मेड इन इंडिया उत्पादों का उपयोग करना। पांचवां- देश के भीतर यात्रा करना और घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देना। छठा- किसानों को प्राकृतिक खेती के बारे में जागरूक करना। सातवां- दैनिक आहार में श्री-अन्न को शामिल करना। आठवां- फिटनेस, योग या खेल से जुड़ना और इन्‍हें जीवन का अभिन्न अंग बनाना। और अंत में – किसी भी तरह के नशे और लत से दूर रहना।

प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि यह ट्रस्ट पूरी निष्ठा और क्षमता से अपनी जिम्मेदारियां निभाता रहेगा और अमरेली में बन रहा कैंसर अस्पताल पूरे समाज के कल्याण के लिए मिसाल बनेगा।उन्होंने लेउवा पाटीदार समाज और श्री खोडलधाम ट्रस्ट को शुभकामनाएं देते हुए कहा, “मां खोडल की कृपा से आप समाज सेवा में संलग्‍न रहें।”

अपने संबोधन का समापन करते हुए प्रधानमंत्री ने संपन्न वर्ग से विवाह समारोह देश के भीतर आयोजित करने और विदेशी गंतव्य वाली शादियों से परहेज करने का भी आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने अपनी बात समाप्‍त करते हुए कहा, “मेड इन इंडिया की तरह, अब वेड इन इंडिया।”

Book Showcase

Best Selling Books

Ikigai: The Japanese secret to a long and happy life

By Héctor García, Francesc Miralles

₹318

Book 2 Cover

Why I am an Atheist and Other Works

By Bhagat Singh

₹104

Truth without apology

By Acharya Prashant

₹240

Until Love Sets Us Apart

By Aditya Nighhot

₹176

Translate »