उत्तर प्रदेश कैबिनेट के अहम फैसले: विकास की नई राहें

उत्तर प्रदेश सरकार ने 6 फरवरी 2025 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए, जो प्रदेश के आधारभूत ढांचे, परिवहन, पर्यटन, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में व्यापक परिवर्तन लाने वाले हैं। ये फैसले राज्य के समग्र विकास को गति देने के साथ-साथ आम जनता को सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से लिए गए हैं। आइए, इन फैसलों पर विस्तार से चर्चा करें।

1. प्रदेश में सात बस स्टेशनों का उन्नयन

उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के सात बस स्टेशनों को पीपीपी मॉडल (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) के तहत विकसित करने का निर्णय लिया गया है। इनमें गाज़ियाबाद, लखनऊ, कानपुर और वाराणसी समेत अन्य स्थानों पर स्थित बस स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इस पहल से यात्रियों को उच्चस्तरीय परिवहन सुविधाएं मिलेंगी और राज्य में यातायात व्यवस्था अधिक सुचारु होगी।

2. ‘उत्तर प्रदेश अंतर्जलीय जलमार्ग प्राधिकरण’ की स्थापना

प्रदेश में जल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए ‘उत्तर प्रदेश अंतर्जलीय जलमार्ग प्राधिकरण’ के गठन का प्रस्ताव पारित किया गया। यह प्राधिकरण राज्य की प्रमुख नदियों में जल परिवहन को सुगम बनाएगा और साथ ही पर्यटन को भी बढ़ावा देगा। राज्य में गंगा और यमुना समेत 11 राष्ट्रीय जलमार्ग मौजूद हैं, जिन्हें विकसित करने की योजना बनाई गई है।

3. ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा

सरकार ने प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहरों और किलों को हेरिटेज रिसॉर्ट्स, होटल्स और अन्य पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित करने के लिए मंजूरी दी है। इससे न केवल सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण होगा बल्कि राज्य में पर्यटन उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके तहत अयोध्या, वाराणसी, आगरा और झांसी समेत कई ऐतिहासिक स्थलों पर निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा।

4. लखनऊ में 500 बेड के ट्रॉमा सेंटर का विस्तार

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में 500 बेड के ट्रॉमा सेंटर के विस्तार की योजना को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना में करीब 72 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा, जिससे दुर्घटनाओं और अन्य आपातकालीन स्थितियों में रोगियों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं मिल सकेंगी।

5. शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन

राज्य सरकार ने विद्यालयों में टैबलेट और डिजिटल उपकरणों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए आवश्यक बजट आवंटित किया है। इस योजना के तहत शिक्षकों को डिजिटल संसाधनों तक पहुंच उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे शिक्षण प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी। इसके अलावा, छात्रों को नवीनतम तकनीकों से अवगत कराने के लिए स्मार्ट क्लासेस की स्थापना की जाएगी।

6. ‘शाहगंज विकास प्राधिकरण’ की स्थापना

शाहगंज क्षेत्र के विकास को गति देने के लिए ‘शाहगंज विकास प्राधिकरण’ के गठन की स्वीकृति दी गई है। इस प्राधिकरण के तहत शहरी और ग्रामीण बस्तियों के समुचित विकास के लिए योजनाएं बनाई जाएंगी। इससे आवास, आधारभूत ढांचे और औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

7. नई एक्साइज नीति 2025-26 को मंजूरी

प्रदेश में शराब और अन्य मदिरा उत्पादों की बिक्री को नियंत्रित करने और राज्य की राजस्व वृद्धि को सुनिश्चित करने के लिए नई एक्साइज नीति को मंजूरी दी गई है। इस नीति के तहत लाइसेंसिंग प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया जाएगा और शराब की अवैध बिक्री पर कड़े प्रतिबंध लगाए जाएंगे।

8. यूपी विधानसभा का सत्र 18 फरवरी से प्रारंभ

उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र को 18 फरवरी 2025 से प्रारंभ करने की स्वीकृति दी गई है। यह सत्र वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बजट पारित करने और विभिन्न सरकारी नीतियों पर चर्चा करने के लिए आयोजित किया जाएगा।

उत्तर प्रदेश सरकार के ये निर्णय प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होंगे। बुनियादी ढांचे के विकास से लेकर परिवहन, पर्यटन, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में लिए गए ये फैसले राज्य की प्रगति को एक नई दिशा देंगे। यह स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश तेजी से आत्मनिर्भर बनने की ओर अग्रसर है।

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