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केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने बिहार के पटना में ‘जय भीम पदयात्रा’ की

केंद्रीय युवा मामले एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने आज बिहार के पटना में ऐतिहासिक जय भीम पदयात्रा का नेतृत्व किया। पदयात्रा को बिहार विधानसभा के माननीय अध्यक्ष श्री नंद किशोर यादव ने हरी झंडी दिखाई तथा पदयात्रा में 6,000 से अधिक माईभारत युवा स्वयंसेवकों ने भाग लिया। यह पदयात्रा बाबासाहेब के जीवन और विरासत के प्रति एक जीवंत श्रद्धांजलि थी, जिसमें युवाओं की भागीदारी और संविधान के स्थायी मूल्यों पर जोर दिया गया।

सभा को संबोधित करते हुए डॉ. मनसुख मांडविया ने भारत के युवाओं की ताकत पर जोर दिया और उनसे नए भारत के निर्माण के लिए डॉ. अंबेडकर की विरासत के पथप्रदर्शक बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, ‘‘पटना में उगते सूरज ने न केवल एक प्रतिमा को बल्कि एक भावना को भी प्रकाशित किया, डॉ. अंबेडकर के आदर्शों के प्रति नई प्रतिबद्धता और एक विकसित भारत को उसकी सबसे शक्तिशाली शक्ति, उसके युवाओं के नेतृत्व में आगे बढ़ाया।’’

केंद्रीय मंत्री ने देश के युवाओं से आग्रह किया कि वे विकसित भारत की ओर भारत की यात्रा में बाबासाहेब अंबेडकर और अन्य महान नेताओं की दूरदर्शिता, विरासत और अनुकरणीय कार्यों से प्रेरणा लें। उन्होंने 1947 की शुरुआत में महिलाओं के लिए समान अधिकार सुनिश्चित करने में बाबासाहेब अंबेडकर के अग्रणी योगदान पर प्रकाश डाला, वह समय जब दुनिया के कई हिस्सों में लैंगिक समानता को मान्यता नहीं दी गई थी।

युवा पीढ़ी से इन राष्ट्रीय प्रतीकों के आदर्शों पर चलने का संकल्प लेने का आह्वान करते हुए डॉ. मांडविया ने युवाओं के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय विकास के महत्व को दोहराया। उन्होंने माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व की सराहना की और युवाओं से एक मजबूत, आत्मनिर्भर और समावेशी विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री द्वारा परिकल्पित पंचप्राण के साथ खुद को जोड़ने का आह्वान किया।

पूरे देश में, हर राज्य की राजधानी और 5000 स्थानों पर जय भीम पदयात्रा आयोजित की गई, जहांमाई भारत के स्वयंसेवकों ने डॉ. बी.आर. अंबेडकर की मूर्तियों की सफाई की और डॉ. अंबेडकर के चिरस्थायी दृष्टिकोण को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिससे समावेशी, सशक्त और युवा-नेतृत्व वाले भारत के निर्माण के लिए सामूहिक प्रतिबद्धता को बल मिला। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय युवा मामले और खेल राज्य मंत्री श्रीमती रक्षा निखिल खडसे ने मुंबई में जय भीम पदयात्रा में भाग लिया, जिससे एकता और राष्ट्रीय भागीदारी का संदेश और अधिक बढ़ गया।

युवा उपलब्धि प्राप्त करने वालों और माई भारत स्वयंसेवकों द्वारा संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है। माई भारतयुवा स्वयंसेवकों ने पदयात्रा में सक्रिय रूप से भाग लिया और ऊर्जावान और हृदयस्पर्शी नारों के माध्यम से सामाजिक सद्भाव, लोकतांत्रिक मूल्यों और समावेशी प्रगति की भावना को प्रतिध्वनित किया।

मार्ग में कई स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए, जिसमें माई भारतके स्वयंसेवकों ने डॉ. बी.आर. अंबेडकर को समर्पित गीत गाए, जिससे पदयात्रा में जोश और उत्साह भर गया। मार्ग में प्रतिभागियों को जलपान वितरित किया गया, ताकि उनकी सुविधा और स्वास्थ्य सुनिश्चित हो सके। नागरिक जिम्मेदारी के एक मजबूत प्रदर्शन में, माई भारतके स्वयंसेवकों को सक्रिय रूप से मार्ग की सफाई करते हुए देखा गया, जो पूरे पदयात्रा के दौरान सेवा की भावना को दर्शाता है।

पटना उच्च न्यायालय के निकट पदयात्रा के समापन पर डॉ. मनसुख मांडविया ने अन्य नेताओं के साथ डॉ. बीआर अंबेडकर की प्रतिमा के आसपास सफाई अभियान में भाग लिया। इसके बाद उन्होंने बाबासाहेब की तस्वीर पर माल्यार्पण किया और भारतीय संविधान के निर्माता को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी उपस्थित गणमान्य लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित कर सामूहिक सम्मान के साथ याद किया।

डॉ. मनसुख मांडविया के साथ कई प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्ति शामिल थे, जिनमें बिहार के माननीय उपमुख्यमंत्री, श्री सम्राट चौधरी और श्री विजय कुमार सिन्हा, पूर्व केंद्रीय मंत्री और पटना के सांसद, श्री रविशंकर प्रसाद, राज्य मंत्री, श्री नितिन नबीन और श्री सुरेंद्र मेहता, संसद सदस्य, श्रीमती शाम्भवीचौधरी, विधायक, श्रीमती श्रेयसी सिंह एवं विधान पार्षद श्री संजय मयूखशामिल थे।

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