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अलीगढ़ बनेगा जीरो वेस्ट- शहर कचरा मुक्त उत्तर प्रदेश के चुनिंदा शहरों में होगा शुमार

अलीगढ़ : माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार के मार्गदर्शन एवं महापौर प्रशांत सिंघल तथा नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा के कुशल नेतृत्व में नगर निगम अलीगढ़ द्वारा शहर को जीरो वेस्ट सिटी बनाने की दिशा में व्यापक और प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। मथुरा बाईपास स्थित कूड़ा प्रोसेसिंग प्लांट पर वर्षों से जमा लिगेसी वेस्ट (पुराना कचरा) के निस्तारण कार्य ने अब तीव्र गति पकड़ ली है जिससे शहर को कचरे के बदनुमा दाग से मुक्ति दिलाने का मार्ग प्रशस्त हो रहा है।

नगर आयुक्त की सतत निगरानी, निरीक्षण और मॉनिटरिंग के फलस्वरूप लगभग 10 लाख मीट्रिक टन कचरे के विशाल ढेर में से विगत 3–4 माह में रिकॉर्ड लगभग 3 लाख मीट्रिक टन कचरे का वैज्ञानिक ढंग से निस्तारण किया जा चुका है। यह उपलब्धि निश्चित रूप से अलीगढ़ को जीरो वेस्ट बनाने की दिशा में बड़ा कदम होने जा रही है। मथुरा बाईपास स्थित शेष कचरे का भी शीघ्र निस्तारण करते हुए सितंबर 2026 तक इस कचरे के पहाड़ को पूर्णतः समाप्त कर दिया जाएगा।

रविवार को नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी रामानंद त्यागी एवं संबंधित एजेंसी के अधिकारियों के साथ मथुरा बाईपास स्थित कचरा प्रोसेसिंग प्लांट का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अब तक हुए कार्य पर संतोष व्यक्त करते हुए शेष कार्य को और अधिक गति देने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि आगामी 4–5 दिनों में 700 मीट्रिक टन प्रतिदिन क्षमता वाला नया फ्रेश कचरा निस्तारण प्लांट पूर्ण रूप से क्रियाशील किया जाए।

नगर आयुक्त ने बताया कि पिछले 6 माह में नगर निगम की सफाई व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। जहां पूर्व में शहर से प्रतिदिन लगभग 400–450 मीट्रिक टन कचरा एकत्र होता था, वह अब बढ़कर 700 मीट्रिक टन प्रतिदिन हो गया है। इसके साथ ही डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण एवं यूजर चार्ज (शुल्क) में भी अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है, जो लगभग ₹48 लाख प्रति माह से बढ़कर ₹86 लाख प्रति माह हो गई है।

नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने कहा अलीगढ़ को स्वच्छ, सुंदर और कचरा मुक्त बनाने के लिए नगर निगम पूर्ण रूप से प्रयासरत है दिन-रात कार्य कर रही टीम के प्रयासों से रिकॉर्ड समय में 3 लाख मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण संभव हो पाया है। सितंबर 2026 तक शेष कचरे का भी निस्तारण कर शहर को इस बदनुमा दाग से निजात दिलाई जाएगी साथ ही नए 700 मीट्रिक टन प्रतिदिन क्षमता वाले प्लांट के शुरू होने से शहर में निकलने वाले ताजा कचरे का रोजाना वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण सुनिश्चित होगा।

उन्होंने बताया कि कचरे के निस्तारण के बाद उत्पन्न सामग्री जैसे RDF (Refuse Derived Fuel) का उपयोग वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट, सीमेंट उद्योग एवं पेपर मिलों में किया जाएगा, जिससे कचरे का पुनः उपयोग (रीसायक्लिंग) भी सुनिश्चित हो सकेगा।

महापौर प्रशांत सिंघल ने कहा माननीय मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में अलीगढ़ विकास और जनता के विश्वास की नई दास्तान लिख रहा है। बदलता अलीगढ़, संवरता अलीगढ़, अतिक्रमण अलीगढ़ विकसित उत्तर प्रदेश @2047 के विजन को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। 

एजेंसी के प्रमुख दायित्व:

लगभग 10 लाख मीट्रिक टन (±20%) लिगेसी वेस्ट का वैज्ञानिक निस्तारण।

700 टन प्रतिदिन (TPD) ताजा ठोस अपशिष्ट (Fresh MSW) की डिज़ाइन, निर्माण एवं संचालन (Design, Build, Operate) आधार पर 20+5 वर्षों तक प्रोसेसिंग।, अहसान रब मीडिया सहायक

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