सेमीकॉन इंडिया-2025 प्रथम बार वैश्विक मंडपों, देशव्यापी गोलमेज सम्मेलनों, कौशल पहलो और डिज़ाइन स्टार्टअप मंडप के साथ रिकॉर्ड हितधारक भागीदारी का साक्षी बनेगा

वैश्विक डिजिटल विकास चुनौतियों का सामना करने के लिए सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखलाओं को मज़बूत बनाने और अगली पीढ़ी की तकनीकों को अपनाने के प्रयासों के साथ कदम बढ़ाते हुए भारत वैश्विक चिप इकोसिस्‍टम में एक प्रमुख राष्‍ट्र के रूप में तेज़ी से उभर रहा है। इस पृष्ठभूमि में, सेमीकॉन इंडिया 2025 न केवल भारत की इच्‍छाशक्ति अपितु एक आत्मनिर्भर, विश्वसनीय और विश्वस्तरीय प्रतिस्पर्धी सेमीकंडक्टर इकोसिस्‍टम तैयार करने की उसकी बढ़ती क्षमता को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण मंच बन चुका है। व्‍यापकता के साथ-साथ नवाचार और रणनीतिक साझेदारियों से प्रेरित, यह आयोजन अपने 2024 संस्करण की रिकॉर्ड सफलता के पथ पर आगे बढ़ते हुए आत्मनिर्भर भारत के राष्ट्रीय दृष्टिकोण को परिपुष्ट करता है।

सेमीकॉन इंडिया 2025: अगले सेमीकंडक्टर पॉवरहाउस का निर्माण ‘ सम्मेलन और प्रदर्शनी के चौथे संस्करण का आयोजन आईएसएम और सेमी द्वारा संयुक्त रूप से 2 से 4 सितंबर 2025 तक यशोभूमि (इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर- आईआईसीसी), नई दिल्ली में किया जाएगा यह आयोजन माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला में भारत की बढ़ती क्षमताओं और महत्वाकांक्षाओं को प्रदर्शित करेगा।

भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तत्वावधान में आयोजित, सेमीकॉन इंडिया 2025, नीति, उद्योग, शिक्षा और निवेश समुदायों में वैश्विक और घरेलू हितधारकों को एकजुट करने के लिए एक उच्च प्रभाव वाले मंच के रूप में कार्य करेगा।

सेमीकॉन इंडिया 2025 की मुख्य विशेषताएं

सेमीकॉन इंडिया 2025 का एक प्रमुख आकर्षण पिछले संस्करणों की तुलना में उल्‍लेखनीय रूप से उच्‍च स्‍तर पर हितधारकों की भागीदारी है। यह वैश्विक सेमीकंडक्टर कंपनियों को आकर्षित करने में सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम की बढ़ती सफलता को दर्शाता है। कंपनियां अब भारत को एक उभरते और विश्वसनीय सेमीकंडक्टर केंद्र के रूप में देख रही हैं।

इस संस्करण में कई महत्वपूर्ण पहल देखने को मिलेंगी। पहली बार, प्रदर्शनी में जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर और मलेशिया से चार अंतर्राष्ट्रीय मंडप शामिल होंगे  जबकि पिछले संस्करणों में कोई भी मंडप नहीं था। इसके अलावा, पहली बार आठ देशों के गोलमेज सम्मेलन भी आयोजित किए जा रहे हैं, जो भारत और प्रमुख साझेदार देशों की कंपनियों को द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक साथ लाएंगे।

कौशल विकास और भविष्य की तैयारी को बढ़ावा देने के लिए, पहली बार छात्रों और अभियंताओं के लिए प्रशिक्षण, कौशल उन्नयन और कार्यबल विकास कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे, जिनमें युवा प्रतिभाओं का मार्गदर्शन करने के लिए करियर परामर्श भी शामिल होगा। इस कार्यक्रम में एक समर्पित सेमीकंडक्टर डिज़ाइन स्टार्टअप मंडप भी होगा, जो नवाचार-आधारित चिप डिज़ाइन उद्यमों के लिए एक मंच प्रदान करेगा। इसके अतिरिक्त, इस वर्ष नौ राज्य सरकारों के पैवेलियन भाग लेंगे, जबकि पिछले संस्करण में छह थे।

सेमीकॉन इंडिया 2025 में 18 देशों और इन क्षेत्रों की 300 से ज़्यादा कंपनियां भाग लेंगी, जो सामग्री और उपकरणों से लेकर सिलिकॉन, डिज़ाइन और सिस्टम तक, संपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक्स मूल्य श्रृंखला का प्रदर्शन करेंगी। भागीदारी का दायरा और विविधता वैश्विक सेमीकंडक्टर इकोसिस्‍टम में भारत के बढ़ते एकीकरण का संकेत देती है।

इस कार्यक्रम में तीन दिवसीय सम्मेलन भी शामिल होगा जिसमें वैश्विक मुख्य अनुभव अधिकारी (सीएक्सओ) और विशेषज्ञ वक्ता शामिल होंगे, जो सेमीकंडक्टर विनिर्माण, तकनीकी प्रगति, आपूर्ति श्रृंखला रणनीतियों और उद्योग के रुझानों पर अपनी अंतर्दृष्टि साझा करेंगे।

इस आयोजन की अन्य विशेष विशेषताओं में कार्यबल विकास मंडप, स्टार्टअप मंडप, आठ देश गोलमेज सम्मेलन, बी2बी फोरम और संरचित प्रशिक्षण एवं कौशल उन्नयन कार्यक्रम शामिल हैं, जिनका उद्देश्य भारत की प्रतिभा पाइपलाइन और इकोसिस्‍टम क्षमताओं को मजबूत करना है।

इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) और सेमी ने 11 जुलाई 2025 को  सेमीकॉन इंडिया 2025 – अगले सेमीकंडक्टर पॉवरहाउस का निर्माण’ विषय के साथ आगंतुक पंजीकरण खोलने की घोषणा की है। अधिक जानकारी और पंजीकरण के लिए कृपया https://www.semiconindia.org वेबसाइट देखें।

सेमीकॉन इंडिया के बारे में

सेमीकॉन इंडिया, सेमी द्वारा आयोजित विश्वव्यापी आठ वार्षिक सेमीकॉन प्रदर्शनियों में से एक है, जो वैश्विक सेमीकंडक्टर डिजाइन और विनिर्माण इकोसिस्‍टम अधिकारियों और अग्रणी विशेषज्ञों को एक साथ एक मंच पर लाता है।

सेमीकॉन इंडिया 2025 का उद्देश्य वैश्विक सहयोग को गति प्रदान करना, घरेलू नवाचार को बढ़ावा देना और एक विश्वसनीय, व्‍यापक और प्रतिस्पर्धी इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण केंद्र के रूप में भारत की भूमिका को मज़बूत बनाना है। यह विश्वस्तरीय सेमीकंडक्टर उद्योग के निर्माण की दिशा में भारत के सबसे मज़बूत राष्ट्रव्यापी प्रयासों में से एक है।

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