डर नहीं, समझिए सांपों को – सर्प संरक्षण की पुकार

-16 जुलाई विश्व सर्प दिवस पर विशेष-

विश्व सर्प दिवस हर साल 16 जुलाई को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों में सांपों के संरक्षण, उनके महत्व और उनके बारे में फैली ग़लतफहमियों को दूर करना है।” भारत में लगभग 3000 से अधिक प्रजातियाँ, जिनमें से करीब 60 विषैली होती हैं।अर्थात केवल कुछ ही प्रजातियाँ विषैली होती हैं। विषैले सांपों के ज़हर से कई औषधियाँ और एंटी-वेनम तैयार किए जाते हैं। सांप कानों से नहीं सुनते, वे ज़मीन की कंपन और वाइब्रेशन से शिकार और खतरे का पता लगाते हैं। सांपों से संबंधित वैज्ञानिक और पर्यावरणीय महत्वः सांप पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में मददगार होते हैं। बायोडायवर्सिटी के लिए इनका संरक्षण जरूरी है।

सांप पारिस्थितिकी तंत्र में संतुलन बनाए रखते हैं। वे चूहे जैसे कीटों को खाते हैं और खेती की रक्षा करते हैं। इनकी सुरक्षा के लिए हम बहुत कुछ कर सकते हैं जैसे सांपों के बारे में जागरूकता बढ़ाना – बहुत से लोग सांपों को केवल खतरनाक समझते हैं, जबकि अधिकांश प्रजातियाँ इंसानों के लिए हानिकारक नहीं होती। प्राकृतिक पारिस्थितिकी में उनका महत्व बताना – सांप कृषि के लिए लाभकारी होते हैं क्योंकि वे चूहों और अन्य कीटों की संख्या को नियंत्रित करते हैं। साथ ही, विषैले सांपों के जहर से कई दवाएँ और एंटी-वेनम बनते हैं। इनको बचाए रखना भी एक बड़ी चुनौती है। आजकल जंगलों की कटाई, प्रदूषण और अंधविश्वास के कारण सांपों की संख्या घट रही है। लोग डर और गलतफहमी के कारण उन्हें मार देते हैं, जो कि गलत है।

           हमें सांपों के प्रति अपनी सोच को बदलना होगा। ये जीव प्रकृति के संतुलन में अहम भूमिका निभाते हैं। विश्व सर्प दिवस हमें यह याद दिलाता है कि हर जीव का जीवन जरूरी है चाहे वह सांप ही क्यों न हो। सांप पारिस्थितिकी तंत्र में संतुलन बनाए रखते हैं। वे चूहे जैसे कीटों को खाते हैं और खेती की रक्षा करते हैं। इनके ज़हर से दवाइयाँ व एंटी-वेनम बनती हैं। वैसे भी सांपों के केवल कुछ ही प्रजातियाँ विषैली होती हैं। हमें अंधविश्वास नहीं, जानकारी फैलानी चाहिए। सांप दिखने पर उन्हें न मारें। वन विभाग या सर्प रेस्क्यू टीम को बुलाएँ। बच्चों को सांपों के बारे में सही जानकारी दें। सांपों के बारे में सही जानकारी फैलाएँ। जंगलों और उनकी जैव विविधता की रक्षा करें।    

यदि सांप दिखे तो स्थानीय वन विभाग या रेस्क्यू टीम को सूचित करें, खुद कार्रवाई न करें।विश्व सर्प दिवस न केवल सांपों के प्रति डर को कम करने का अवसर है, बल्कि उनके संरक्षण के लिए जिम्मेदारी लेने का भी दिन है। सांप हमारे पर्यावरण के महत्वपूर्ण प्रहरी हैं – आइए उन्हें समझें, सराहें और सुरक्षित रखें,। 

सांप न कोई खिलौना है, 
वो भी जीवन का सपना है।
डर से उसको मारो मत, 
डर नहीं, समझ जरूरी है 
सर्प भी जीवन की कड़ी है
हर जीव है प्रकृति का साथी, 
सर्प को भी दो जीने की छाँव थोड़ी
बचेगा सर्प, बचेगी खेती 
बचेगी हमारी धरती की समृद्धि
जीवों से यूँ टकराओ मत
काले, भूरे, हरे रंग का,
हर जंगल में उसका ठिकाना
काटे नहीं जो बेवजह,
फिर क्यों समझो उसे सज़ा?
चूहों को जो खा जाता है,
खेतों को वो बचाता है। 
प्रकृति का है प्रहरी प्यारा, 
सांप नहीं है कोई ख़तरा ।। 

सुरेश सिंह बैस "शाश्वत"
सुरेश सिंह बैस “शाश्वत”

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