बरसात के मौसम में अलीगढ़ के रामघाट रोड व छर्रा अड्डा क्षेत्र में होने वाली जलभराव की जटिल समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में नगर निगम ने एक और ठोस कदम बढ़ाया है। शुक्रवार को महापौर प्रशांत सिंघल एवं नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने पार्षद वार्ड 24 बॉबी कुमार व वार्ड 25 सुनील कुमार निगम के साथ संयुक्त रूप से विधिवत पूजा-अर्चना कर दो अत्याधुनिक 83 HP फ्लूड हैंडलिंग यूनिट पंप सेटों व 04 डीजल चलित 30 एचपी के मोबाइल पंप का शुभारंभ किया।

इन हाई-पावर पंप यूनिटों के आगमन से जलभराव की स्थिति में बड़े सुधार की उम्मीद की जा रही है। नगर निगम द्वारा यह फ्लूड हैंडलिंग यूनिट विशेष तौर पर रामघाट रोड शाहजमाल, मैरिस रोड गूलर रोड एवं छर्रा अड्डा जैसे अत्यधिक जलभराव प्रभावित क्षेत्रों के लिए मंगवाए गए हैं। इस यूनिट की सहायता से वर्षा के दौरान 2 से 3 घंटे के भीतर जलनिकासी की संभावना है। जिससे नागरिकों को आवागमन से राहत मिलेगी।
नगर आयुक्त ने बताया
नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने बताया कि इन 2 यूनिट्स को मोबाइल स्वरूप में रखा गया है ताकि आवश्यकता अनुसार इन्हें शहर के अन्य जलभराव प्रभावित इलाकों में भी प्रयोग किया जा सके। मोबाइल पंप का इस्तेमाल अस्थाई रूप से जलभराव के पॉइंट पर किया जा सकेगा।
फ्लूड हैंडलिंग यूनिट की विशेषताएं
- 83 HP की उच्च क्षमता
- डीजल चलित
- आपूर्ति पुणे से ली गयी है
- प्रतिघंटा 1154 प्रति घनमीटर जल की निकासी
- मोबाइल ट्रॉली युक्त)
- 2–3 घंटे में प्रभावी होने की संभावना जलनिकासी
- बरसात के मौसम में त्वरित क्विक एक्शन के लिए तैनात।
- 04 30 एचपी के मोबाइल डीजल चलित पंप आपूर्ति कानपुर से ली गयी है।
नगर आयुक्त ने कहा
83 हॉर्स पावर की इन दोनों यूनिट्स की विशेषता यह है कि यह भारी मात्रा में जल को कम समय में खींच सकती हैं। नगर निगम ने इन पंपों की आपूर्ति तत्काल प्रभाव से सुनिश्चित की है। 24×7 आपात स्थिति में यह यूनिट काम में लाई जाएंगी। इनकी मदद से अब भारी बारिश में रामघाट रोड मैरिस रोड छर्रा अड्डा व शाह जमाल की जल निकासी प्रभावी होने की सम्भावना है।
महापौर ने कहा
नगर निगम अलीगढ़ की प्राथमिकता है कि कोई भी क्षेत्र जलभराव से प्रभावित न हो। इन 2 फ्लूड पंप यूनिटों के आने से रामघाट रोड शाहजमाल व छर्रा अड्डा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में जलनिकासी की रफ्तार बढ़ेगी। यह जनता को समर्पित एक स्थायी समाधान की दिशा में बड़ा कदम है हमारा उद्देश्य सिर्फ समस्या बताना नहीं, बल्कि उसका समाधान देना है।