राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग द्वारा डिजिटल इंडिया के अंतर्गत ‘संगठन और अर्थव्यवस्था का डिजिटल परिवर्तन’ पर क्षमता निर्माण कार्यक्रम का आयोजन

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय  अपने डिजिटल इंडिया विज़न के अंतर्गत डिजिटल गवर्नेंस में क्षमता निर्माण पहलों की योजना बनाता है और उन्हें क्रियान्वित करता है। इसी कड़ी में, राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग द्वारा देश भर के केंद्र और राज्य सरकारों के अधिकारियों के लिए 11 से 14 अगस्त, 2025 तक भारतीय प्रबंधन संस्थान, अहमदाबाद में ‘संगठन एवं अर्थव्यवस्था का डिजिटल परिवर्तन’ विषय पर 4 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश, बिहार, नई दिल्ली, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुदुचेरी, राजस्थान, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल सहित विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के कुल 27 अधिकारियों ने भाग लिया।

इस कार्यक्रम का उद्घाटन 11 अगस्त, 2025 को इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय  के अधीन राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग के मुख्य परिचालन अधिकारी एवं निदेशक, श्री रजनीश कुमार ने किया। श्री कुमार ने डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचनाओं – पहचान, भुगतान और डेटा विनिमय – द्वारा संचालित देश की अग्रणी डिजिटल प्रगति पर प्रकाश डाला और नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण पर ज़ोर दिया। उन्होंने डिजिटल परिवर्तन के भविष्य को आकार देने के लिए केस स्टडी, नीतिगत ढांचे और प्रभाव आकलन का आह्वान किया।

यह कार्यक्रम सरकारी अधिकारियों को डिजिटल अर्थव्यवस्था की व्यापक समझ से लैस करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो शासन और सेवा वितरण में डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी डिजिटल तकनीकों की परिवर्तनकारी भूमिका पर ज़ोर देता है। विषयगत मॉड्यूल और संवाददात्मक सत्रों के माध्यम से, प्रतिभागी ज़िम्मेदार डिजिटल परिवर्तन, डेटा-आधारित निर्णय लेने, समावेशी सेवा वितरण और उभरती प्रौद्योगिकियों के रणनीतिक मूल्य जैसे प्रमुख क्षेत्रों का अन्वेषण कर सकते हैं। पाठ्यक्रम व्याख्यानों, केस स्टडीज़ और व्यावहारिक गतिविधियों का एक मिश्रण है जो स्वास्थ्य, शासन और अन्य क्षेत्रों में नवीन सोच और व्यावहारिक अनुप्रयोग को बढ़ावा देता है।

डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के अंतर्गत क्षमता निर्माण योजना का उद्देश्य सभी सरकारी स्तरों पर पर्याप्त और प्रासंगिक क्षमताएं निर्मित करना और ई-गवर्नेंस परियोजनाओं की संकल्पना, नेतृत्व, डिज़ाइन और कार्यान्वयन हेतु आवश्यकता-आधारित प्रशिक्षण प्रदान करना है। बड़ी संख्या में सरकारी अधिकारियों तक पहुंचने और उन्हें प्रासंगिक कौशलों में प्रशिक्षित करने के लिए सशक्त प्रयास किए गए हैं।

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