लक्ष्‍मी कुंड पर सोरहिया मेले के बाद साफ सफाई कर आत्मनिर्भर भारत की कामना से मां लक्ष्‍मी की उतारी आरती

पौराणिक कुंडों- तालाबों- पोखरों – सरोवरों को संरक्षित रखने का आवाह्न 

काशी के पौराणिक कुंडों और तालाबों के संरक्षण की कड़ी में सोमवार को सोरहिया मेले के बाद लक्ष्मी कुंड पर बिखरी गंदगी को नमामि गंगे ने नगर निगम के साथ  साफ कर सामाजिक दायित्‍वों को निर्वहन किया। इस दौरान काशी के पौराणिक कुंडों- तालाबों- पोखरों – सरोवरों को संरक्षित करने की अपील करने के साथ ही मातृ नवमी पर आत्मनिर्भर भारत की कामना से माता लक्ष्मी की आरती उतारकर श्री समृद्धि की कामना की गई। नमामि गंगे ने नगर निगम के कर्मचारियों के साथ जीवित्पुत्रिका व्रत सोरहिया मेले के बाद लक्ष्मी कुंड में इधर-उधर बिखरे निर्माल्य एवं सामग्रियों को बटोर कर नगर निगम की कूड़ा गाड़ी के हवाले किया। श्रद्धालुओं द्वारा छोड़ी गई पॉलिथीन , केमिकल युक्त मूर्तियां एवं अन्य गंदगियों को कुंड परिसर से बाहर निकाला। जल संरक्षण के आग्रह के बीच लक्ष्मी कुंड के आसपास नगर निगम के कर्मचारियों के साथ सफाई की। कुंड की सफाई के पूर्व सदस्यों ने नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक राजेश शुक्ला के नेतृत्व में माता लक्ष्मी की आरती उतारी।

महालक्ष्मी से खुशहाल, आत्मनिर्भर, आरोग्य और समृद्धि पूर्ण भारत की कामना की। संयोजक राजेश शुक्ला ने कहा कि सनातनी संस्कृति के जन्म से लेकर मृत्यु तक के आयोजन पवित्र नदियों, कुंडों, तालाबों, पोखरों और सरोवर के किनारे होते हैं। हमारे जीवन में जल की महत्ता को समझ कर स्वच्छता की जिम्मेदारी का निर्वहन भी हमें स्वयं को करना होगा। पवित्र नदियों जलाशयों के किनारे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन के बाद बचे हुए निर्माल्य व सामग्रियों को हम छोड़कर न जाएं जिससे कि इनके किनारे गंदगी का अंबार न लगे। आयोजन के दौरान प्रमुख रूप से नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला, नगर निगम सुपरवाइजर विक्की कुमार, अमित कुमार, नगर निगम के कर्मचारीगण उपस्थित रहे ।

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