लाल किले के पास हुए विस्फोट पर केंद्रीय मंत्रिमंडल की शोकसभा : आतंकवाद के प्रति “शून्य सहनशीलता” की नीति को दोहराया गया

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में 10 नवंबर 2025 की शाम लाल किले के निकट हुए कार विस्फोट की घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया गया। इस आतंकवादी घटना में कई निर्दोष लोगों की मृत्यु हो गई तथा कई अन्य घायल हुए। मंत्रिमंडल ने पीड़ितों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की।

मंत्रिमंडल का संकल्प प्रस्ताव

मंत्रिमंडल ने इस अवसर पर एक औपचारिक प्रस्ताव (Resolution) पारित किया, जिसमें इस भीषण आतंकवादी कृत्य की कड़ी निंदा की गई और पीड़ितों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की गई। प्रस्ताव में कहा गया, “देश ने एक जघन्य आतंकी घटना देखी है, जिसे राष्ट्रविरोधी ताकतों ने अंजाम दिया। 10 नवंबर 2025 की शाम लाल किले के निकट एक कार विस्फोट हुआ, जिसमें कई निर्दोष लोगों की जान गई और कई अन्य घायल हुए। मंत्रिमंडल इस नृशंस हिंसा में मारे गए सभी नागरिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करता है और उनके शोक-संतप्त परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना प्रकट करता है।”

मंत्रिमंडल ने घायल व्यक्तियों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की तथा उन चिकित्सा कर्मियों, आपातकालीन सहायता दलों और सुरक्षाकर्मियों की सराहना की, जिन्होंने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ कर अनेक जानें बचाईं।

आतंकवाद के खिलाफ कड़ा संदेश

मंत्रिमंडल ने इस घिनौने और कायराना आतंकवादी हमले की तीव्र निंदा करते हुए कहा कि भारत सरकार आतंकवाद के प्रति अपनी ‘शून्य सहनशीलता’ (Zero Tolerance) की नीति पर पूरी दृढ़ता से कायम है।

प्रस्ताव में यह भी दोहराया गया कि भारत किसी भी रूप या स्वरूप में आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा और ऐसे कृत्यों के दोषियों को न्याय के कठघरे में लाने के लिए हर संभव कदम उठाएगा।

वैश्विक समर्थन के प्रति आभार

बैठक में यह भी उल्लेख किया गया कि इस आतंकी घटना के बाद कई देशों की सरकारों ने भारत के प्रति एकजुटता और संवेदना व्यक्त की है। मंत्रिमंडल ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा जताए गए समर्थन और सहयोग के लिए आभार प्रकट किया।

सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता की सराहना

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस गंभीर स्थिति में सुरक्षा एजेंसियों, दिल्ली पुलिस, एनआईए, फॉरेंसिक टीमों और नागरिकों द्वारा दिखाए गए साहस और समन्वय की सराहना की। प्रस्ताव में कहा गया, “घटना के बाद अधिकारियों, सुरक्षा एजेंसियों और नागरिकों ने जिस तत्परता, साहस और मानवीयता के साथ कार्य किया, वह अत्यंत प्रशंसनीय है। संकट की घड़ी में उनका समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा हमारे समाज के सशक्त मूल्यों का प्रमाण है।”

जांच में तेजी और पारदर्शिता का निर्देश

मंत्रिमंडल ने संबंधित एजेंसियों को घटना की जांच को अत्यधिक तत्परता और पेशेवर ढंग से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं ताकि अपराधियों, उनके सहयोगियों और प्रायोजकों की पहचान कर उन्हें शीघ्र न्याय के दायरे में लाया जा सके। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार सर्वोच्च स्तर पर इस घटना की निगरानी कर रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति अटल संकल्प

मंत्रिमंडल ने अपने प्रस्ताव के अंत में भारत सरकार की इस अटल प्रतिबद्धता को दोहराया कि सरकार हर नागरिक की सुरक्षा और राष्ट्रीय अखंडता की रक्षा के लिए पूर्ण रूप से समर्पित है। “सरकार भारतवासियों के जीवन, सम्मान और सुरक्षा की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगी। आतंकवाद और हिंसा की कोई भी कोशिश हमारे राष्ट्रीय संकल्प को कमजोर नहीं कर सकती।”

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