वैश्विक साझेदारी को सुदृढ़ करने की दिशा में भारत की पहलअफ्रीका फूड 2025 सम्मेलन में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की सक्रिय भागीदारी

भारत ने खाद्य सुरक्षा, व्यापार और निवेश के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ट्यूनीशिया की राजधानी ट्यूनिस में आयोजित अफ्रीका फूड 2025 सम्मेलन में सक्रिय भागीदारी की। यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 11 से 13 दिसंबर 2025 के बीच आयोजित हुआ, जिसमें भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के प्रतिनिधिमंडल ने भाग लिया। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उप सचिव श्री विवेक कुमार सिंह और उप सचिव श्री अरुणव सेन गुप्ता ने किया।

वैश्विक साझेदारी को सुदृढ़ करने की दिशा में भारत की पहलअफ्रीका फूड 2025 सम्मेलन में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की सक्रिय भागीदारी

अफ्रीका फूड 2025 सम्मेलन को अफ्रीकी महाद्वीप में खाद्य प्रसंस्करण, कृषि व्यापार, खाद्य सुरक्षा और निवेश सहयोग के लिए एक प्रमुख मंच के रूप में देखा जा रहा है। इस आयोजन में विभिन्न देशों के नीति निर्माता, उद्योग जगत के दिग्गज, निवेशक और तकनीकी विशेषज्ञ एक साथ एकत्र हुए, ताकि खाद्य क्षेत्र में उभरती चुनौतियों और संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया जा सके।

सम्मेलन के दौरान भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने इंडिया पवेलियन में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और हितधारकों के साथ व्यापक संवाद किया। इन चर्चाओं में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में व्यापार विस्तार, संयुक्त निवेश, तकनीकी सहयोग और मूल्य संवर्धन जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया गया। प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग की क्षमताओं, गुणवत्ता मानकों और वैश्विक बाजारों के लिए उपलब्ध अवसरों को भी प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।

इसके अतिरिक्त, प्रतिनिधिमंडल ने ट्यूनीशिया सरकार के अधिकारियों तथा विभिन्न औद्योगिक और व्यापारिक संघों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन बैठकों का उद्देश्य भारत और ट्यूनीशिया के बीच खाद्य प्रसंस्करण एवं कृषि आधारित उत्पादों के व्यापार को बढ़ावा देना, बाजार पहुंच को सरल बनाना और दीर्घकालिक सहयोग के नए रास्ते तलाशना था। दोनों पक्षों ने खाद्य सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला सुदृढ़ीकरण और मानकीकरण जैसे विषयों पर विचार साझा किए।

इस आधिकारिक यात्रा के अंतर्गत भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने ट्यूनिस स्थित एक खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला का भी दौरा किया। इस दौरान खाद्य गुणवत्ता जांच, सुरक्षा मानकों और प्रयोगशाला अवसंरचना से संबंधित प्रक्रियाओं का अवलोकन किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने खाद्य सुरक्षा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और गुणवत्ता आश्वासन प्रणालियों में सुधार को लेकर बहुमूल्य सुझाव और अनुभव साझा किए, जिससे भविष्य में तकनीकी सहयोग की संभावनाओं को बल मिला।

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की यह भागीदारी खाद्य सुरक्षा और खाद्य प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने की भारत की प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। यह पहल न केवल व्यापारिक संबंधों को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने और साझा करने के भारत के निरंतर प्रयासों का भी प्रमाण है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »