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वैश्विक अनिश्चितताओं के दौर में युवाओं को मजबूत और तैयार रहना होगा: एनसीसी कैडेटों से प्रेरणा लेने का आह्वान

रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने युवाओं से आह्वान किया है कि वे वैश्विक अनिश्चितताओं और तेजी से बदलते अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य के बीच शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से स्वयं को सुदृढ़ बनाएं तथा हर चुनौती का सामना करने के लिए सदैव तैयार रहें। उन्होंने यह बात दिल्ली कैंट में आयोजित राष्ट्रीय कैडेट कोर गणतंत्र दिवस शिविर में एनसीसी कैडेटों को संबोधित करते हुए कही।

रक्षा मंत्री ने युवाओं से उन एनसीसी कैडेटों से प्रेरणा लेने का आग्रह किया, जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देशभर में आयोजित मॉक ड्रिल और जन जागरूकता अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने एनसीसी कैडेटों को राष्ट्र की दूसरी रक्षा पंक्ति बताते हुए कहा कि संकट की घड़ी में उन्होंने सशस्त्र बलों का साथ देकर अपनी जिम्मेदारी का असाधारण परिचय दिया।

अपने संबोधन में श्री सिंह ने हाल की सुरक्षा स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में स्थित आतंकवादी ठिकानों को सटीक और प्रभावी कार्रवाई के माध्यम से नष्ट किया। उन्होंने इसे पहलगाम में हुए कायरतापूर्ण आतंकवादी हमले का सशक्त और संतुलित उत्तर बताया। रक्षा मंत्री ने कहा कि यह सफलता सैनिकों की शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक मजबूती का परिणाम है, जिन्होंने केवल उन्हीं तत्वों को निशाना बनाया जो देश के लिए खतरा बने हुए थे।

युवाओं की क्षमता का उल्लेख करते हुए रक्षा मंत्री ने महाभारत के पात्र अभिमन्यु का उदाहरण दिया और कहा कि आज का युवा किसी भी प्रकार के चक्रव्यूह में प्रवेश कर उससे विजयी होकर निकलने की समझ रखता है। उन्होंने युवाओं से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं से अपेक्षाएं पहले से कहीं अधिक बढ़ गई हैं और राष्ट्र को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर है।

रक्षा मंत्री ने एनसीसी को युवाओं के सर्वांगीण विकास का एक प्रभावी मंच बताया। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवन में जहां तकनीक और सुविधाएं लोगों को आराम के दायरे में सीमित कर रही हैं, वहीं एनसीसी परेड, ड्रिल और शिविरों के माध्यम से कैडेटों को उस आराम क्षेत्र से बाहर निकलने का अवसर देती है। इससे उनमें मानसिक दृढ़ता विकसित होती है और वे ऐसे जीवन कौशल सीखते हैं जो आपदा प्रबंधन और सामाजिक सेवा के दौरान स्वयं और दूसरों की सहायता में उपयोगी सिद्ध होते हैं।

उन्होंने कहा कि एनसीसी कैडेटों में अनुशासन, देशभक्ति और एकाग्रता की भावना विकसित करती है। आज के समय में जब त्वरित परिणामों की अपेक्षा बढ़ती जा रही है, एनसीसी धैर्य, निरंतरता और फोकस का महत्व सिखाती है। ये गुण न केवल व्यक्तिगत जीवन में बल्कि राष्ट्रीय जिम्मेदारियों के निर्वहन में भी निर्णायक भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि यही एकाग्रता आगे चलकर कैडेटों के जीवन के हर क्षेत्र में दिखाई देती है, चाहे वे सशस्त्र बलों में जाएं या नागरिक सेवाओं, चिकित्सा, इंजीनियरिंग, शिक्षा, विज्ञान, प्रशासन अथवा राजनीति जैसे क्षेत्रों में योगदान दें।

रक्षा मंत्री ने कैडेटों को केवल एक लक्ष्य पर निर्भर न रहने की सलाह दी और जीवन में वैकल्पिक योजनाओं के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि जब केवल एक ही विकल्प होता है और वह सफल नहीं होता, तो निराशा और भय उत्पन्न होते हैं। इसके विपरीत यदि वैकल्पिक योजनाएं तैयार हों तो परिस्थितियों को बेहतर ढंग से संभाला जा सकता है। उन्होंने सैन्य सोच को अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि चुनौतियों का सामना लचीलापन और दूरदृष्टि के साथ करना चाहिए।

एनसीसी की ऐतिहासिक भूमिका का उल्लेख करते हुए श्री सिंह ने कहा कि एनसीसी से प्रशिक्षित अनेक व्यक्तियों ने राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने बताया कि परमवीर चक्र से सम्मानित कैप्टन मनोज पांडे और कैप्टन विक्रम बत्रा एनसीसी कैडेट रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वे भी एनसीसी से जुड़े रहे हैं। 1965 और 1971 के युद्धों के दौरान एनसीसी कैडेटों को रक्षा की दूसरी पंक्ति के रूप में तैनात किया गया था, जो इस संगठन की विश्वसनीयता और योगदान को दर्शाता है।

आगामी 26 जनवरी को देश के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर रक्षा मंत्री ने संविधान के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संविधान केवल एक ग्रंथ नहीं है, बल्कि सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक अधिकारों एवं कर्तव्यों का आधार है। उन्होंने एनसीसी कैडेटों से आग्रह किया कि वे संविधान के मूल्यों को समझें और समाज में उनके संवाहक बनें।

कार्यक्रम के दौरान एक दीक्षांत समारोह का आयोजन भी किया गया, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन और कर्तव्यनिष्ठा के लिए रक्षा मंत्री पदक और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। इस वर्ष रक्षा मंत्री पदक जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख निदेशालय की कैडेट अर्पुन दीप कौर तथा पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम निदेशालय के कैडेट पाल्डेन लेपचा को प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त विभिन्न निदेशालयों के कैडेटों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

रक्षा मंत्री ने एनसीसी की तीनों शाखाओं से चयनित कैडेटों द्वारा प्रस्तुत गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया। कार्यक्रम के अंतर्गत सिंधिया स्कूल, ग्वालियर के एनसीसी कैडेटों द्वारा प्रस्तुत बैंड प्रदर्शन और विभिन्न सामाजिक विषयों पर आधारित ध्वज क्षेत्र प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही। इस अवसर पर एनसीसी महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स सहित रक्षा मंत्रालय और एनसीसी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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