NEW English Version

SBM-U 2.0 के तहत सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन पर जोर

स्वच्छ भारत मिशन अर्बन 2.0 के अंतर्गत सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन को केंद्र में रखते हुए हरिद्वार नगर निगम ने खुले में कचरा फेंकने की समस्या से निपटने के लिए एक संवेदनशील और प्रेरक पहल शुरू की है। इस अभियान की खास बात यह है कि यहां स्वच्छता का संदेश सख्ती या दंड के माध्यम से नहीं, बल्कि संवाद, समझ और मानवीय दृष्टिकोण के साथ दिया जा रहा है।

स्वच्छ भारत मिशन अर्बन 2.0 के तहत चल रही ‘स्वच्छ आदत से स्वच्छ भारत’ पहल के अंतर्गत नगर निगम ने शहर के चिन्हित Garbage Vulnerable Points पर विशेष अभियान शुरू किया है। इन स्थानों पर नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी स्वयं मौजूद रहकर नागरिकों से सीधे संवाद कर रहे हैं और उन्हें खुले में कचरा न फेंकने के लिए जागरूक कर रहे हैं।

इस अनोखे अभियान को “रोकें और समझाएं” नाम दिया गया है। इसके तहत सुबह के समय जब कुछ लोग कचरा फेंकने के लिए इन संवेदनशील बिंदुओं पर पहुंचते हैं, तो उन्हें न तो रोका जाता है और न ही उन पर जुर्माना लगाया जाता है। इसके बजाय नगर निगम कर्मी उनसे शांतिपूर्ण बातचीत करते हैं और स्वच्छता के महत्व को सरल भाषा में समझाते हैं। संदेश को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए ऐसे नागरिकों को प्रतीकात्मक रूप से एक गुलाब का फूल भेंट किया जाता है, जिससे यह स्पष्ट किया जा सके कि स्वच्छता भय से नहीं, बल्कि समझ और जिम्मेदारी से आती है।

यह पहल नागरिकों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक सिद्ध हो रही है। गुलाब जैसे छोटे लेकिन प्रभावी प्रतीक के माध्यम से लोग अपनी आदतों पर पुनर्विचार करने को प्रेरित हो रहे हैं और यह समझ रहे हैं कि शहर की स्वच्छता केवल नगर निगम की नहीं, बल्कि हर नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार शहर में पहले से ही घर घर कूड़ा संग्रहण की व्यवस्थित व्यवस्था मौजूद है। प्रतिदिन लगभग 180 मीट्रिक टन कचरे का संग्रहण और निस्तारण किया जा रहा है। इसके बावजूद कुछ स्थानों पर खुले में कचरा फेंकने की प्रवृत्ति बनी हुई थी, जिससे स्वच्छता प्रयासों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता था। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए यह मानवीय और संवाद आधारित अभियान शुरू किया गया है।

नगर निगम ने कई ऐसे कचरा प्रभावित स्थानों को साफ कर उन्हें आकर्षक स्वरूप दिया है और कुछ स्थानों को सेल्फी पॉइंट के रूप में भी विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य न केवल सफाई बनाए रखना है, बल्कि नागरिकों में स्वच्छ वातावरण के प्रति गर्व और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करना है। हालांकि अधिकारियों का मानना है कि स्थायी स्वच्छता तभी संभव है, जब नागरिक स्वयं इसमें सक्रिय भागीदारी निभाएं।

अभियान के तहत प्रत्येक कचरा संवेदनशील बिंदु पर नियमित सफाई सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही नागरिकों को यह जानकारी दी जा रही है कि वे अपने घरों में गीले और सूखे कचरे को अलग अलग डस्टबिन में रखें और उसे नगर निगम की कचरा गाड़ी को ही सौंपें। कचरा संग्रहण से जुड़ी किसी भी समस्या के समाधान के लिए शिकायत नंबर भी साझा किए जा रहे हैं, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

Book Showcase

Best Selling Books

Shri Durgasaptashati Sachitra

By Gorakhpur Gita Press

₹100

Book 2 Cover

Stop Letting Everything Affect You

By Daniel Chidiac

₹190

Truth without apology

By Acharya Prashant

₹240

30 Days to Better English

By Norman Lewis

₹199

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »