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आईटीसी मिशन सुनहरा कल मेगा जॉब फेयर जम्मू में सफलतापूर्वक हुआ संपन्न

जम्मू: जम्मू और आसपास के जिलों के 500 से ज्यादा लोगों ने आईटीसी मिशन सुनहरा कल मेगा जॉब फेयर में हिस्सा लिया। इस जॉब फेयर का आयोजन आईटीसी मिशन सुनहरा कल (एमएसके) ने किया था। आईटीसी मिशन सुनहरा कल (एमएसके) आईटीसी लिमिटेड का एक प्रमुख कार्यक्रम है। इसके अलावा एनआईआईटी फाउंडेशन और जिला रोजगार और परामर्श केंद्र (डीईसीसी), जम्मू की भी इस आयोजन में प्रमुख भूमिका रही। विगत माह जम्मू में इस जॉब फेयर का समापन हुआ। यह आयोजन आईटीसी मिशन सुनहरा कल के रोजगार और प्लेसमेंट प्रदान करने के प्रयासों के तहत आयोजित किया गया था। इसमें 21 जानी-मानी कंपनियाँ और नौकरी ढूँढ़ने वाले लोग डायरेक्ट एंगेजमेंट, इंटरव्यू और प्रारम्भिक मूल्यांकन के लिए एक साथ आए।

उम्मीदवारों को विभिन्न सेक्टर्स में रोजगार के अवसर प्रदान किए गए। कई भर्तीकर्ताओं ने उम्मीदवारों से सीधे बातचीत की और उनके कौशल तथा करियर लक्ष्यों के आधार पर प्रारम्भिक इंटरव्यू आयोजित किए। इस जॉब फेयर ने स्थानीय उद्योगों और प्रतिभाशाली युवाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया तथा क्षेत्र में प्लेसमेंट व्यवस्था को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कार्यक्रम में कई अतिथिगण उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य अतिथि के रूप में जम्मू-कश्मीर पुलिस सेवा, एसएसपी ट्रैफिक, जम्मू के श्री अमित भसीन; श्री मुखलिस अली, सहायक निदेशक, जिला रोजगार और परामर्श केंद्र (डीईसीसी); श्री खालिद शेख, विशेष कर्तव्य अधिकारी, जम्मू-कश्मीर कौशल विकास मिशन; श्री सचिन शर्मा, फैक्ट्री मैनेजर, आईटीसी लिमिटेड; श्री अमन वशिष्ठ, एचआर एग्जीक्यूटिव, आईटीसी लिमिटेड; श्री गिरिराज शाह, वरिष्ठ कार्यक्रम प्रबंधक, आईटीसी लिमिटेड; श्री अखिलेश शर्मा, राष्ट्रीय प्रमुख (कौशल और आजीविका), एनआईआईटी फाउंडेशन; श्री विक्रांत चंदेला, राष्ट्रीय प्रमुख (प्लेसमेंट), एनआईआईटी फाउंडेशन; और श्री सुमित भुकानिया, क्षेत्रीय प्रबंधक (कौशल और आजीविका), एनआईआईटी फाउंडेशन आदि शामिल थे।

इस मौके पर श्री गिरिराज शाह ने कहा, “हमें मिशन सुनहरा कल कार्यक्रम को मिली इस शानदार प्रतिक्रिया को देखकर बहुत खुशी है। यह हमारे साझेदारों के साथ मिलकर काम करने और अपने उद्देश्यों को पूरा करने के हमारे प्रयासों को दर्शाता है।”

एनआईआईटी फाउंडेशन के प्रवक्ता श्री अखिलेश शर्मा ने कहा, “जम्मू मेगा जॉब फेयर दर्शाता है कि जब उद्योग, सरकारी रोज़गार सेवाएँ और कार्यान्वयन साझेदार मिलकर काम करते हैं, तो कितना प्रभाव पैदा हो सकता है। हम स्थानीय युवाओं को ज़रूरी कौशल सिखाने और उन्हें अच्छे रोजगार के अवसर दिलाने के लिए समर्पित हैं।”

आयोजकों ने ज़ोर दिया कि जॉब फेयर को सभी के लिए समावेशी और सुलभ बनाने के उद्देश्य से डिज़ाइन किया गया था। स्थल-पर मूल्यांकन के माध्यम से भर्तीकर्ता प्रवेश-स्तर और कुशल पदों के लिए उपयुक्त उम्मीदवार की पहचान कर पाएंगे। इंटरव्यू को निष्कर्षतः स्थायी नौकरी के प्रस्ताव में बदलने के लिए, आयोजन के बाद अनुवर्ती प्लेसमेंट सहायता और शॉर्टलिस्टिंग / छँटनी की प्रक्रिया जारी रहेगी।

आईटीसी मिशन सुनहरा कल के बारे में

आईटीसी मिशन सुनहरा कल (एमएसके) आईटीसी लिमिटेड का सबसे बड़ा सततता (सस्टेनेबिलिटी) कार्यक्रम है। इस मिशन का उद्देश्य पूरे भारत में पर्यावरण के प्रति मज़बूत, आर्थिक रूप से संपन्न और सामाजिक रूप से समावेशी समुदाय बनाना है। आईटीसी की ज़िम्मेदार और सबको साथ लेकर चलने वाली विकास-दृष्टि पर आधारित मिशन सुनहरा कल लंबी अवधि की विकास संबंधी चुनौतियों, जैसे जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधनों की कमी, आजीविका-संबंधी चुनौतियाँ और ग्रामीण-शहरी असंतुलन को संबोधित करता है। यह मिशन आईटीसी के ‘सुनहरा कल’ यानि एक सुनहरा भविष्य बनाने के लक्ष्य को दर्शाता है, जिसमें पर्यावरण सुरक्षा और समुदाय की भलाई दोनों शामिल हैं।

मिशन सुनहरा कल दो रणनीतिक प्राथमिक क्षेत्रों (होराइज़न) पर आधारित एक संगठित और दीर्घकालिक योजना का पालन करता है। ये दोनों क्षेत्र इसकी योजना एवं क्रियान्वयन प्रक्रिया का मार्गदर्शन करते हैं। यह दृष्टिकोण कार्यक्रम को पर्यावरणीय सततता और मानव विकास दोनों को एक साथ बढ़ावा देने में सक्षम बनाता है तथा दीर्घकालिक प्रभाव सुनिश्चित करता है। यह कार्यक्रम संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के अनुरूप है- विशेषकर एसडीजी 1, एसडीजी 6, एसडीजी 8, एसडीजी 11, एसडीजी 12, एसडीजी 13 और एसडीजी 17।

मिशन सुनहरा कल का होराइज़न-1 प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन (एनआरएम) पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य पर्यावरणीय आधार को सुदृढ़ करना और जलवायु परिवर्तन के प्रति लचीलापन बढ़ाना है। इस चरण में भूमि, जल और अन्य प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग और प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाता है, ताकि पर्यावरणीय स्वास्थ्य और दीर्घकालिक उत्पादकता बेहतर हों। संसाधन संरक्षण और जलवायु अनुकूलन के लिए प्रणालीगत दृष्टिकोण अपनाते हुए होराइज़न-1 सतत आजीविका को बढ़ावा देता है तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए पारिस्थितिक तंत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहायक है।

होराइज़न-2 सामुदायिक विकास पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य समुदायों की सामाजिक और आर्थिक क्षमताओं को मजबूत करना है। यह स्थानीय संस्थानों को सशक्त बनाकर, समावेशी भागीदारी को बढ़ावा देकर तथा आजीविका सुरक्षा का समर्थन करते हुए जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने का प्रयास करता है। क्षमता निर्माण, संस्थागत सुदृढ़ीकरण और समुदाय-नेतृत्वित योजनाओं के माध्यम से होराइज़न-2 ऐसे सशक्त और आत्मनिर्भर समुदायों के निर्माण का लक्ष्य रखता है जो समय के साथ विकास के परिणामों को बनाए रख सकें।

मिशन सुनहरा कल को सरकारी संस्थाओं, सिविल समाज संगठनों, नॉलेज पार्टनर्स और स्थानीय समुदायों के साथ मिलकर लागू किया जाता है। यह साझेदारी-आधारित मॉडल समुदाय की स्वायत्तता, पारदर्शिता और दीर्घकालिक हस्तक्षेप सुनिश्चित करता है। प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन (एनआरएम) और सामुदायिक विकास को एक ही फ्रेमवर्क में जोड़कर आईटीसी मिशन सुनहरा कल पर्यावरणीय सततता और मानव विकास के बीच तालमेल स्थापित करता है।

कुल मिलाकर, आईटीसी मिशन सुनहरा कल पारिस्थितिक सुदृढ़ता और सामुदायिक सशक्तिकरण पर संतुलित फोकस के माध्यम से सतत विकास को आगे बढ़ाने के प्रति आईटीसी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इन दोनों रणनीतिक स्तंभों पर कार्य करते हुए मिशन सुनहरा कल सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति तथा पूरे भारत में समुदायों के लिए एक सशक्त, समावेशी और सतत भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। मुस्कान सिंह

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