नगर आयुक्त/सीईओ अलीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड प्रेम प्रकाश मीणा ने स्मार्ट सिटी मिशन के तहत लगभग 62 करोड़ रुपये की लागत से शहर को जलभराव से निजात दिलाने की बहुप्रतीक्षित ड्रेनेज सिस्टम परियोजना के अंतर्गत छर्रा अड्डा, पला और कालीदह पोखर क्षेत्र में सम्पवेल निर्माण व राइजिंग मेन डालने के कार्य के निरीक्षण के क्रम में छर्रा अड्डा पंपिंग स्टेशन से डाली जा रही नई 1000 डायमीटर की नई राइजिंग पाइप लाइन कार्य का निरीक्षण किया।

शुक्रवार को नगर आयुक्त ने मुख्य अभियंता वी.के. सिंह व सी.एन.डी.एस.व स्मार्ट सिटी के इंजीनियरों के साथ छर्रा अड्डा पुल के नीचे निर्माणाधीन 130 एमएलडी क्षमता के सम्पवेल व 1000 डायमीटर की डाली जाने वाली राइजिंग मेंन पाइप लाइन कार्य का निरीक्षण करते हुए 15 अप्रैल 2026 तक इसके कार्य को पूर्ण करने के निर्देश दिए। मौके पर नगर आयुक्त के सी.एन.डी.एस. को प्रतिदिन 100 मीटर के हिसाब से 10 अप्रेल 26 तक पाइप लाइन डालने, अप्रैल के प्रथम सप्ताह में सभी पंप को इंस्टॉल करने व अप्रैल की द्वितीय सप्ताह में इसको पूर्ण रूप से क्रियाशील करने के स्पष्ट निर्देश दिए। नगर आयुक्त ने मौके पर निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों का सत्यापन किया।
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने मुख्य अभियंता वी.के.सिंह और सी.एन.डी.एस जल निगम के परियोजना प्रबंधक को साफ शब्दों में कहा कि निर्धारित डेडलाइन के अनुसार अगर कार्य पूर्ण नहीं होते हैं तो कार्यदाई एजेंसी के विरुद्ध ₹ 20 लाख का जुर्माना लगाने की कार्रवाई की जाएगी।
जलनिकासी होगी रिकॉर्ड समय में
नगर आयुक्त ने बताया कि इन दोनों नए पम्पिंग स्टेशनों के क्रियाशील होने से जलनिकासी के समय में रिकॉर्ड बदलाव आएगा। जहाँ अब तक पहले छर्रा अड्डा की 10 एमएलडी की क्षमता से जलनिकासी होती थी अब बढ़ाकर 130 एमएलडी हो जाएगी वहीं कालीदह की पहले 0.5 एमएलडी की क्षमता से जलनिकासी होती थी बढ़कर 8 एमएलडी जल निकासी की क्षमता हो जाएगी। निश्चित रूप से इन दोनों पंपिंग स्टेशनों की वजह से जल निकासी में बड़ा सुधार आएगा जहां दो से तीन दिन तक जल भराव की समस्या से नागरिक परेशान होते थे वहीं अब बारिश में दो से 3 घंटे में इन दोनों पंपिंग स्टेशन के आसपास के जल भराव के परंपरागत क्षेत्र से जल निकासी सम्भव हो सकेगी।
उन्होंने बताया कि छर्रा अड्डा और कालीदह में निर्मित होने वाले सम्पवेल क्रियाशील होने के बाद इन दोनों क्षेत्र में बरसों पुरानी जल भराव की समस्या में सुधार होगा और नागरिकों को निश्चित रूप से राहत मिलेगी।