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जनगणना 2027: भारत की पहली पूर्ण डिजिटल और ‘स्व-गणना’ आधारित ऐतिहासिक पहल

भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने आज नई दिल्ली में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में जनगणना 2027 की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए इसे देश की अब तक की सबसे व्यापक, तकनीकी रूप से उन्नत और संरचनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण जनगणना बताया। यह जनगणना न केवल डिजिटल माध्यम से संचालित होगी, बल्कि पहली बार नागरिकों को ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) का विकल्प भी प्रदान किया जाएगा।

भारत में जनगणना का संचालन जनगणना अधिनियम, 1948 तथा जनगणना नियम, 1990 (संशोधित) के अंतर्गत किया जाता है। वर्ष 2011 के बाद यह पहली जनगणना होगी और स्वतंत्रता के बाद यह देश की आठवीं तथा कुल मिलाकर सोलहवीं जनगणना श्रृंखला होगी। केंद्र सरकार द्वारा इस संबंध में अधिसूचना 16 जून, 2025 को जारी की गई थी।

दो चरणों में होगी जनगणना प्रक्रिया

जनगणना-2027 को दो प्रमुख चरणों में आयोजित किया जाएगा:

1. मकान सूचीकरण एवं आवास जनगणना (HLO)

  • अवधि: अप्रैल से सितंबर 2026 (राज्य/केंद्रशासित प्रदेश के अनुसार)
  • पूर्व में 15 दिनों की स्व-गणना सुविधा उपलब्ध
  • उद्देश्य:
    • मकानों की स्थिति
    • परिवारों को उपलब्ध मूलभूत सुविधाएं
    • परिसंपत्तियों का विवरण

2. जनसंख्या गणना (Population Enumeration)

  • अवधि: फरवरी 2027
  • हिमाच्छादित क्षेत्रों (लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल) में: सितंबर 2026
  • विशेष प्रावधान:
    • जातिगत गणना (CCPA के निर्णयानुसार)
    • सामाजिक-आर्थिक, शिक्षा, प्रवास, प्रजनन संबंधी आंकड़े

डिजिटल जनगणना: तकनीक आधारित नया मॉडल

इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आधारित होगी:

  • प्रगणक मोबाइल ऐप के माध्यम से डेटा संग्रह करेंगे
  • स्व-गणना के लिए ऑनलाइन पोर्टल उपलब्ध
  • हिंदी एवं अंग्रेज़ी सहित 16 भाषाओं में सुविधा
  • डेटा सुरक्षा के लिए उन्नत प्रोटोकॉल लागू
  • वेब मैपिंग एप्लिकेशन के माध्यम से ब्लॉक निर्धारण

इसके अतिरिक्त, एक केंद्रीकृत पोर्टल विकसित किया गया है जिसमें निम्नलिखित कार्य शामिल होंगे:

  • प्रगणकों की नियुक्ति एवं पहचान पत्र
  • प्रशिक्षण प्रबंधन
  • कार्य आवंटन एवं निगरानी
  • डैशबोर्ड आधारित रियल-टाइम मॉनिटरिंग
  • स्वचालित डेटा प्रोसेसिंग

‘स्व-गणना’ सुविधा: नागरिकों के लिए नई स्वतंत्रता

जनगणना-2027 की एक महत्वपूर्ण विशेषता ‘स्व-गणना’ है, जिसके अंतर्गत नागरिक स्वयं ऑनलाइन फॉर्म भर सकेंगे।

प्रक्रिया:

  1. se.census.gov.in पोर्टल पर लॉग-इन
  2. मोबाइल नंबर से सत्यापन
  3. स्थान चिन्हित करना
  4. परिवार का विवरण भरना
  5. सबमिशन के बाद SE ID प्राप्त करना
  6. प्रगणक को SE ID देना

यह सुविधा नागरिकों को समय और सुविधा के अनुसार डेटा भरने का विकल्प प्रदान करती है, हालांकि पारंपरिक घर-घर सर्वेक्षण भी जारी रहेगा।

वित्तीय प्रावधान और प्रशासनिक ढांचा

जनगणना-2027 के लिए केंद्र सरकार ने ₹11,718.24 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की है। इसमें शामिल हैं:

  • प्रगणकों का मानदेय
  • प्रशिक्षण कार्यक्रम
  • आईटी अवसंरचना
  • लॉजिस्टिक्स और संचालन लागत

प्रशिक्षण संरचना:

  • 100 राष्ट्रीय प्रशिक्षक
  • 2000 मास्टर ट्रेनर्स
  • 45,000 फील्ड ट्रेनर्स
  • लगभग 31 लाख प्रगणक एवं पर्यवेक्षक

प्रशासनिक स्थिरता (Administrative Freeze)

1 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2027 तक सभी प्रशासनिक इकाइयों को स्थिर (फ्रीज़) कर दिया गया है, ताकि डेटा की सटीकता सुनिश्चित की जा सके।

जनगणना का संचालन निम्न स्तरों पर किया जाएगा:

  • 36 राज्य/केंद्रशासित प्रदेश
  • 7,092 उप-जिले
  • 5,128 सांविधिक नगर
  • 4,580 जनगणना नगर
  • लगभग 6.39 लाख गांव

राज्यवार स्व-गणना एवं HLO कार्यक्रम

क्रमराज्य/संघ राज्य क्षेत्रस्व-गणना (Self-Enumeration) अवधिमकानसूचीकरण एवं आवास जनगणना (HLO) अवधि
1अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, दिल्ली (NDMC एवं दिल्ली छावनी बोर्ड), गोवा, कर्नाटक, लक्षद्वीप, मिजोरम, ओडिशा, सिक्किम1 अप्रैल – 15 अप्रैल 202616 अप्रैल – 15 मई 2026
2गुजरात*, दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव5 अप्रैल – 19 अप्रैल 202620 अप्रैल – 19 मई 2026
3उत्तराखंड10 अप्रैल – 24 अप्रैल 202625 अप्रैल – 24 मई 2026
4मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, हरियाणा16 अप्रैल – 30 अप्रैल 20261 मई – 30 मई 2026
5बिहार17 अप्रैल – 1 मई 20262 मई – 31 मई 2026
6तेलंगाना26 अप्रैल – 10 मई 202611 मई – 9 जून 2026
7पंजाब30 अप्रैल – 14 मई 202615 मई – 13 जून 2026
8दिल्ली (दिल्ली नगर निगम), महाराष्ट्र, मेघालय, राजस्थान, झारखंड**1 मई – 15 मई 202616 मई – 14 जून 2026
9उत्तर प्रदेश7 मई – 21 मई 202622 मई – 20 जून 2026
10जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, पुडुचेरी17 मई – 31 मई 20261 जून – 30 जून 2026
11हिमाचल प्रदेश1 जून – 15 जून 202616 जून – 15 जुलाई 2026
12केरल, नागालैंड16 जून – 30 जून 20261 जुलाई – 30 जुलाई 2026
13तमिलनाडु, त्रिपुरा17 जुलाई – 31 जुलाई 20261 अगस्त – 30 अगस्त 2026
14असम2 अगस्त – 16 अगस्त 202617 अगस्त – 15 सितंबर 2026
15मणिपुर17 अगस्त – 31 अगस्त 20261 सितंबर – 30 सितंबर 2026
16पश्चिम बंगालनिर्धारित किया जाना हैनिर्धारित किया जाना है

महत्वपूर्ण टिप्पणियां

  • गुजरात: कार्यक्रम में परिवर्तन संभव है, अंतिम अधिसूचना के अनुसार तिथियां परिवर्तित हो सकती हैं।
  • झारखंड: जनगणना कराने की मंशा की अधिसूचना जारी हो चुकी है, HLO की अंतिम तिथियां पृथक अधिसूचना द्वारा घोषित की जाएंगी।

पूर्व परीक्षण और तैयारी

नवंबर 2025 में देशभर के लगभग 5000 ब्लॉकों में पूर्व-परीक्षण (Pre-test) किया गया, जिसमें निम्नलिखित पहलुओं की जांच की गई:

  • डेटा संग्रहण प्रक्रिया
  • मोबाइल ऐप और पोर्टल की कार्यक्षमता
  • प्रशिक्षण और नियुक्ति व्यवस्था
  • प्रश्नावली की प्रभावशीलता

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