नई दिल्ली। स्वामी श्रद्धानंद कॉलोनी, भवस्वा डेरी (दिल्ली-110042) क्षेत्र में नालियों की सफाई एवं सीवर व्यवस्था की बदहाल स्थिति को लेकर स्थानीय निवासियों में गहरी चिंता व्याप्त है। लगातार बढ़ती गंदगी, जलभराव और अव्यवस्थित सीवर प्रणाली ने क्षेत्र के जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। विशेष रूप से मंगल बाजार गली नंबर 07 (पार्क के पास) में हालात अत्यंत खराब हो चुके हैं, जहां नालियों की नियमित सफाई नहीं होने के कारण गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।



स्थानीय लोगों के अनुसार, नालियों में लंबे समय से जमा मिट्टी, प्लास्टिक कचरा और अन्य अपशिष्ट पदार्थों के कारण पानी का प्रवाह पूरी तरह बाधित हो गया है। इसके परिणामस्वरूप गली में गंदा पानी भर जाता है, जिससे न केवल आवागमन में कठिनाई होती है बल्कि दुर्गंध और अस्वच्छ वातावरण के कारण लोगों का जीवन भी प्रभावित हो रहा है। जलभराव की स्थिति लंबे समय तक बनी रहने से मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
स्थिति को और अधिक चिंताजनक बनाते हुए, कई स्थानों पर सीवर के ढक्कन खुले पड़े हैं या टूटे हुए हैं, जो किसी भी समय गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों के लिए यह स्थिति अत्यंत जोखिमपूर्ण है। इसके अतिरिक्त, गली और आसपास की सड़कों की हालत भी दयनीय है। जगह-जगह गड्ढे और असमान सतह के कारण जलभराव और अधिक बढ़ जाता है, जिससे समस्या और जटिल हो जाती है।
यह समस्या केवल एक गली तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र में सफाई व्यवस्था की कमी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। मुख्य मार्ग, जो गुर्जर चौक, दुर्गा चौक, गणेश चौक, शनि बाजार, बजरंग चौक और मंगल बाजार से होते हुए रूपनगर मेन रोड तक जाता है, उसकी स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। इस मार्ग पर नियमित रूप से कूड़ा उठाने की व्यवस्था नहीं है और नालियों की सफाई भी अनियमित है, जिससे पूरे इलाके की स्वच्छता प्रभावित हो रही है।
विशेष रूप से मंगल बाजार चौक, बजरंग चौक, शनि बाजार मोड़, मछली मार्केट, गुर्जर चौक और झंडा चौक के आसपास की स्थिति अत्यंत खराब हो चुकी है। शनि बाजार से मछली मार्केट तक सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं, जिससे वाहनों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। खराब सड़क के कारण ई-रिक्शा और अन्य वाहन मुख्य मार्ग से बचते हुए गलियों में प्रवेश करते हैं, जिससे वहां जाम की समस्या उत्पन्न हो जाती है और स्थानीय लोगों को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इस संबंध में क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता एवं आधुनिक वैश्विक कल्याण संस्थान (ट्रस्ट) के कार्यकारी अध्यक्ष श्री उमेश कुमार सिंह ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन अब तक कोई ठोस और स्थायी समाधान नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

कार्यकारी अध्यक्ष
आधुनिक वैश्विक कल्याण संस्थान (ट्रस्ट)
उन्होंने संबंधित विभाग से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से नालियों की सफाई, जमा मिट्टी की खुदाई, सीवर ढक्कनों की मरम्मत और सड़क समतलीकरण का कार्य शुरू किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी आग्रह किया कि नालियों की नियमित सफाई के लिए एक स्थायी और प्रभावी व्यवस्था लागू की जाए, चाहे वह दैनिक हो या साप्ताहिक, ताकि भविष्य में ऐसी समस्याएं दोबारा उत्पन्न न हों।
स्थानीय निवासियों ने भी प्रशासन से अपील की है कि जनस्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इस समस्या का शीघ्र समाधान किया जाए। उनका कहना है कि स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण प्रत्येक नागरिक का अधिकार है और इसके लिए प्रशासन की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
यह मुद्दा केवल एक स्थानीय समस्या नहीं है, बल्कि यह शहरी प्रबंधन, नागरिक सुविधाओं और प्रशासनिक जवाबदेही का भी महत्वपूर्ण संकेतक है। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि संबंधित अधिकारी इस गंभीर विषय को संज्ञान में लेकर शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई करेंगे, जिससे उन्हें राहत मिल सके और क्षेत्र को स्वच्छ एवं सुरक्षित बनाया जा सके। एवीके न्यूज सर्विस