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मानसून की सुस्त चाल से बढ़ी चिंता, जून आधा बीता किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए

केरल में समय पर दस्तक देने के बावजूद दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार अब धीमी पड़ गई है, जिसका असर छत्तीसगढ़ सहित मध्य भारत के कई हिस्सों में देखने को मिल रहा है।

बारिश का इंतजार जारी; खेती-किसानी पर मंडराने लगी चिंता

मौसम विभाग के पूर्वानुमानों के अनुसार प्रदेश में मानसून के आगमन की जो संभावित तिथियां बताई गई थीं, वे अब पीछे खिसकती नजर आ रही हैं। इसके चलते किसानों की चिंता बढ़ने लगी है, क्योंकि खरीफ फसलों की बुआई का समय धीरे-धीरे नजदीक आता जा रहा है। गत दिवस बिलासपुर प्रदेश के सबसे गर्म शहरों में शामिल रहा। यहां अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 3.3 डिग्री अधिक रहा। तेज धूप, उमस और गर्म हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया। मानसून की प्रतीक्षा कर रहे नागरिकों और किसानों को फिलहाल राहत मिलती नहीं दिख रही है।

बंगाल की खाड़ी में बनेगा सिस्टम, फिर बढ़ेगी मानसून की रफ्तार

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 26 से 27 जून के आसपास बंगाल की खाड़ी में एक निम्न दाब क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से मानसून को नई ऊर्जा मिल सकती है और वह तेजी से आगे बढ़ते हुए छत्तीसगढ़ समेत मध्य भारत के हिस्सों को कवर कर सकता है। यदि यह प्रणाली अपेक्षित रूप से विकसित होती है तो जून के अंतिम सप्ताह में प्रदेश के कई इलाकों में झमाझम बारिश की शुरुआत हो सकती है।

किसानों के पास अभी लगभग 20 दिन का समय

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि धान प्रधान छत्तीसगढ़ में खेती की दृष्टि से अभी स्थिति चिंताजनक नहीं है। सामान्यतः धान की रोपाई और बुआई का मुख्य कार्य जुलाई के पहले और दूसरे पखवाड़े में शुरू होता है। ऐसे में किसानों के पास अभी लगभग 20 दिनों का समय उपलब्ध है। यदि आगामी सप्ताह में मानसून सक्रिय हो जाता है तो खेती-किसानी का कार्य सामान्य रूप से संचालित किया जा सकेगा। विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे जल्दबाजी में बुआई न करें और पर्याप्त वर्षा होने की प्रतीक्षा करें। पर्याप्त नमी मिलने के बाद ही खेतों की तैयारी और बुआई का कार्य शुरू करना अधिक लाभकारी होगा।

गर्मी से बेहाल लोग, बारिश का बेसब्री से इंतजार

एक ओर किसान अच्छी बारिश की उम्मीद लगाए बैठे हैं, तो दूसरी ओर शहरों में रहने वाले लोग भी भीषण गर्मी और उमस से राहत पाने के लिए मानसून की बाट जोह रहे हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि जून के अंतिम सप्ताह में मौसम का मिजाज बदल सकता है और प्रदेशवासियों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।

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