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हादसे को न्योता दे रहे शहर के कोचिंग सेंटर्स, सुरक्षा इंतजाम नदारद

 उड़ान आईएएस एकेडमी सील

बिलासपुर। लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने और 15 छात्रों की मौत की घटना के बाद बिलासपुर में संचालित कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शहर के दयालबंद, गांधी चौक, राजेंद्र नगर रोड और पुराने हाईकोर्ट रोड क्षेत्र में बड़ी संख्या में संचालित कोचिंग सेंटर सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रहे हैं। कई संस्थानों में बेसमेंट पार्किंग को ही क्लासरूम में तब्दील कर दिया गया है, जबकि अधिकांश भवनों में फायर सेफ्टी, आपातकालीन निकास और पार्किंग जैसी मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं।

लखनऊ अग्निकांड के बाद प्रशासन जागा, शहर के कई संस्थानों में मिली गंभीर खामियां,

इस संवाददाता की जानकारी में सामने आया कि शहर में 150 से अधिक कोचिंग संस्थान संचालित हैं, जिनमें से कई बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों के चल रहे हैं। संकरी गलियों और तंग इमारतों में संचालित इन संस्थानों में क्षमता से अधिक विद्यार्थियों को बैठाया जा रहा है। आगजनी या किसी अन्य आपदा की स्थिति में यहां से सुरक्षित निकासी लगभग असंभव दिखाई देती है।

संकरी गली में हजारों छात्रों की आवाजाही

गांधी चौक स्थित पुराने बिहारी टॉकीज के सामने की एक संकरी गली में करीब 10 कोचिंग संस्थान संचालित हो रहे हैं। यहां प्रतिदिन एक हजार से अधिक छात्र पहुंचते हैं, जबकि गली इतनी संकरी है कि सामान्य आवागमन तक मुश्किल हो जाता है। क्लास समाप्त होने के समय छात्रों की भारी भीड़ लग जाती है। इसी क्षेत्र में पुस्तक दुकानें, फोटोकॉपी सेंटर और चाय-नाश्ते के ठेले भी संचालित हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो जाती है।

बांस-बल्लियों और टिन शेड के सहारे चल रहीं कक्षाएं

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ स्थानों पर टिन शेड और बांस-बल्लियों के सहारे अस्थायी कक्षाएं बनाई गई हैं। कई भवनों की सीढ़ियां अत्यंत संकरी हैं और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है। कुछ कोचिंग संस्थानों में छात्रों को बैठाने के लिए बेसमेंट पार्किंग का उपयोग किया जा रहा है, जो सुरक्षा मानकों का खुला उल्लंघन है।

निगम के पास नहीं पूरा रिकॉर्ड

स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नगर निगम के पास शहर में संचालित सभी कोचिंग संस्थानों, उनके भवन अनुमति पत्र, फायर सेफ्टी प्रमाणपत्र और पार्किंग व्यवस्था का समग्र रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि अधिकांश संस्थान सुरक्षा प्रमाणपत्र लेने के लिए आवेदन तक नहीं करते।

संयुक्त टीम की छापेमार कार्रवाई

लखनऊ हादसे के बाद मंगलवार को नगर निगम, जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया। निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे के निर्देश पर उपायुक्त अंकुर पांडे के नेतृत्व में हुई कार्रवाई के दौरान कई संस्थानों में सुरक्षा संबंधी कमियां पाई गईं। पुराना हाईकोर्ट रोड स्थित उड़ान आईएएस एकेडमी में फायर सेफ्टी, भवन अनुज्ञा और अन्य आवश्यक मानकों का पालन नहीं पाया गया। दस्तावेजों की जांच में संस्थान के पास आवश्यक अनुमतियां भी नहीं मिलीं। गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से संस्थान को सील कर दिया। इसके अलावा चंद्रा एकेडमी, आचार्य एकेडमी, ऑक्सीडेशन कोचिंग, प्रीमियर एकेडमी और पटेल ट्यूटोरियल सहित अन्य संस्थानों का भी निरीक्षण किया गया। जहां कमियां मिलीं, उन्हें निर्धारित समय सीमा में सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं।

सुरक्षा से समझौता कर कमाया जा रहा मुनाफा

जांच में पाया गया कि कई संस्थानों में क्षमता से दो से तीन गुना अधिक छात्रों को बैठाया जा रहा है। अधिकांश भवनों में आपातकालीन निकास द्वार नहीं हैं, अग्निशमन यंत्र या तो अनुपलब्ध हैं या उपयोग योग्य स्थिति में नहीं हैं। बहुमंजिला इमारतों में संचालित इन संस्थानों की सीढ़ियां और गलियारे इतने संकरे हैं कि किसी दुर्घटना की स्थिति में भगदड़ से बड़ा हादसा हो सकता है।

हर हादसे के बाद ही क्यों जागता है तंत्र?

सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्रशासन और नगर निगम की कार्रवाई हमेशा किसी बड़ी दुर्घटना के बाद ही क्यों शुरू होती है। यदि नियमित निरीक्षण और निगरानी की व्यवस्था होती, तो बिना अनुमति और सुरक्षा मानकों के विपरीत चल रहे संस्थान वर्षों तक संचालित नहीं हो पाते। विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना केवल हादसे के बाद की औपचारिकता नहीं, बल्कि प्रशासन की निरंतर जिम्मेदारी है।

अधिकारियों ने क्या कहा

संजय अग्रवाल, कलेक्टर ने कहा कि कोचिंग संस्थानों की जांच के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। रजिस्ट्रेशन, सुरक्षा मानकों और फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं की विस्तृत जांच की जाएगी।

प्रकाश कुमार सर्वे, आयुक्त नगर निगम ने कहा कि शहर में संचालित कोचिंग संस्थानों का सर्वे कराया जा रहा है। उड़ान आईएएस एकेडमी को पूरी तरह अवैध पाए जाने पर सील किया गया है। अन्य संस्थानों को भी नोटिस जारी कर निर्धारित समय सीमा में कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए हैं, अन्यथा उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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