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आचार्य महाप्रज्ञ का प्रेक्षाध्यान का दर्शन आज के विश्व की सबसे बड़ी आवश्यकता है: मुनिश्री जयकुमार

‘महावीर से महाप्रज्ञ’ कार्यक्रम में गूंजा अहिंसा, प्रेक्षाध्यान और मानवता संदेश

आचार्य श्री महाप्रज्ञ के 107वें जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में “महावीर से महाप्रज्ञ” विषय पर एक भव्य आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन दक्षिण दिल्ली स्थित पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स में किया गया। जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा, दिल्ली एवं आचार्य श्री महाश्रमण प्रवास व्यवस्था समिति, दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम ने भगवान महावीर के अहिंसा एवं आत्मसंयम के संदेश तथा आचार्य महाप्रज्ञ के प्रेक्षाध्यान, जीवन-विज्ञान और मानव एकता के दर्शन को जन-जन तक पहुँचाने का सशक्त प्रयास किया।

आचार्य श्री महाश्रमण जी के सुशिष्य मुनिश्री जयकुमार जी (ठाणा-3) ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि भगवान महावीर का अहिंसा का संदेश और आचार्य महाप्रज्ञ का प्रेक्षाध्यान का विज्ञान आज की अशांत दुनिया के लिए अमृत के समान है। उन्होंने कहा कि मनुष्य यदि आत्मानुशासन, ध्यान और नैतिक मूल्यों को जीवन में उतार ले तो परिवार, समाज और राष्ट्र-तीनों में शांति एवं सद्भाव का वातावरण निर्मित हो सकता है। कार्यक्रम का शुभारंभ जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा-दिल्ली के सांस्कृतिक प्रभारी श्री जय सिंह दुगड़, श्री ललित श्यामसुखा एवं साथियों द्वारा आचार्य महाप्रज्ञ को समर्पित प्रेरणादायी गीत “प्रज्ञा, महाप्रज्ञ की प्रज्ञा” की सामूहिक प्रस्तुति से हुआ। गीत ने पूरे सभागार को आध्यात्मिक भावनाओं से ओत-प्रोत कर दिया।

मुख्य अतिथि श्री कन्हैयालाल जैन पटावरी ने कहा कि आचार्य महाप्रज्ञ का जीवन-दर्शन संपूर्ण मानवता की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने कहा कि महाप्रज्ञजी के विचार केवल पढ़ने के लिए नहीं, बल्कि जीवन में उतारने के लिए हैं और यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री अश्विनी उपाध्याय ने अपने मुख्य वक्तव्य में कहा कि जब तक समाज में नैतिकता, चरित्र और आध्यात्मिक चेतना का विकास नहीं होगा, तब तक सुशासन और सामाजिक समरसता का लक्ष्य अधूरा रहेगा। उन्होंने कहा कि आचार्य महाप्रज्ञ के जीवन-मूल्य नई पीढ़ी को संस्कारित एवं राष्ट्र को सशक्त बनाने की दिशा में अत्यंत उपयोगी हैं।

समारोह में श्री तेजकरण सुराणा, श्री सुखराज सेठिया, श्री हेमंत पटावरी, श्री बजरंग बोथरा, श्री राजेश जैन, श्री बाबूलाल गोलछा, श्रीमती कविता बरड़िया, श्री प्रदीप खटेर सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण सुप्रसिद्ध कवि, लेखक, विचारक एवं गायक बाबा सत्यनारायण मौर्य की ओजस्वी प्रस्तुति रही, जिसमें उन्होंने भगवान महावीर और आचार्य महाप्रज्ञ के जीवन-दर्शन को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत कर श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन अंतरराष्ट्रीय कवि श्री राजेश चेतन ने किया। आयोजन की सफलता में जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा, दिल्ली के अध्यक्ष श्री बिमल कुमार बैंगानी, महामंत्री श्री प्रदीप संचेती, कार्यक्रम संयोजक श्री इंद्र बैंगानी तथा व्यवस्थाओं एवं समन्वय में श्री राजेश भंडारी की उल्लेखनीय भूमिका रही।

आचार्य श्री महाश्रमण प्रवास व्यवस्था समिति-दिल्ली के महामंत्री श्री सुखराज सेठिया ने कहा कि यह आयोजन केवल जन्मोत्सव नहीं, बल्कि आचार्य महाप्रज्ञ के चिंतन, दर्शन, प्रेक्षाध्यान, अहिंसा, नैतिकता और मानव एकता के संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाने का सशक्त जन-जागरण अभियान है। मंगलपाठ एवं सामूहिक सद्भावना संदेश के साथ संपन्न हुए इस आयोजन ने उपस्थित जनसमूह को आध्यात्मिक चेतना, नैतिक जीवन, अहिंसा और मानवता के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी। यह समारोह भगवान महावीर से आचार्य महाप्रज्ञ तक प्रवाहित आध्यात्मिक परंपरा और मानवीय मूल्यों का एक प्रेरक उत्सव बन गया। कार्यक्रम में दिल्ली-एनसीआर सहित विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, शिक्षाविदों, उद्योगपतियों, समाजसेवियों, युवाओं एवं महिलाओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही।

ललित गर्ग लेखक, पत्रकार, स्तंभकार
ललित गर्ग
लेखक, पत्रकार, स्तंभकार

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