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धुंधलाती गुरु-गरिमा को पुनःस्थापित करने का महापर्व

भारतीय संस्कृति का प्राण यदि किसी एक तत्व में समाहित है, तो वह है-गुरु। गुरु केवल…

परिवार परम्परा एवं बिखरते रिश्ते पर सुप्रीम कोर्ट की चिंता

परिवार केवल एक छत के नीचे रहने वाले लोगों का समूह नहीं, बल्कि विश्वास, त्याग, धैर्य…

व्यक्ति-क्रांति से धर्म-क्रांति के पुरोधा: युगद्रष्टा आचार्य भिक्षु

भारतीय आध्यात्मिक परम्परा में कुछ महापुरुष ऐसे हुए हैं जिन्होंने केवल धर्म का उपदेश नहीं दिया,…

जल संकट का असंतुलित प्रबंधन: अस्तित्व पर मंडराता खतरा

जल केवल प्रकृति का उपहार नहीं, बल्कि मानव सभ्यता के अस्तित्व का आधार है। पृथ्वी पर…

स्व-देखभालः स्वस्थ व्यक्ति से विश्वकल्याण की भारतीय दृष्टि

मानव सभ्यता के विकास के इस दौर में जितनी तीव्र गति से विज्ञान, तकनीक और भौतिक…

संवाद से सशक्त होगा लोकतंत्र, हिंसा से नहीं

दिल्ली के जंतर-मंतर से संसद भवन तक हाल के आंदोलन के दौरान जो तनाव, टकराव और…

राष्ट्रीय ध्वज: राष्ट्र की अखंडता का अमर प्रतीक

राष्ट्रीय ध्वज किसी भी राष्ट्र का सबसे गौरवपूर्ण प्रतीक होता है। वह केवल रंगों से सजा…

विक्रम-1 नए भारत की अंतरिक्ष उड़ान का स्वर्णिम अध्याय

भारत ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया है कि यदि संकल्प, वैज्ञानिक दृष्टि और नवाचार…

संघ की जीवंत परम्परा की सूरत सत्य के आईने में

सृजन में शोर नहीं होता। साधना के जुबान नहीं होती। किंतु सिद्धि में वह शक्ति होती…

संसद का मानसून सत्रः हंगामे नहीं, समाधान का संकल्प बने

भारतीय लोकतंत्र का सबसे बड़ा बल उसकी संसद है। यही वह मंच है जहां देश की…

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