जगजननी मां तुझे नमन है,
भवतारिणी मां तुझे नमन।
ब्रह्मस्वरूपिणी तुझे नमन है,
भयहारिणी मां तुझे नमन।
तू ही है परधाम निवासिनी,
मूलाधार निवासिनी तू।
अष्टमातृका योगिनी तू ही,
सकल कष्ट निवारिणी तू।
हे विश्वेश्वरी तुझे नमन है,
हे नारायणी तुझे नमन।
सर्वमंत्रमयी तुझे नमन है,
महातपा मां तुझे नमन।
दश विद्या और नव दुर्गा तू,
सर्व सौभाग्य दायिनी तू।
तू ही शक्ति है, तू ही सौम्या,
मंगला व्याधि विनाशिनी तू।
हे कात्यायनी तुझे नमन है,
हे भवभामिनी तुझे नमन।
तपस्विनी मां तुझे नमन है,
हे शाम्भवी मां तुझे नमन।
तू ही जयंती, तू ही काली,
सर्व शत्रु विनाशिनी तू।
तू ही शिवा है, तू ही धात्री,
चतुर्भुजा परमेश्वरी तू।
हे करुणामयी तुझे नमन है,
स्नेहसुधामयी तुझे नमन।
कृपादृष्टि और दयादृष्टि,
बरसाओ हम करते वंदन !!!


