ज्ञानामृत का पान हमें, प्रति दिवस कराते हैं गुरुवर। शिष्य बने कंगूरा, नींव शिला बन जाते…
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तमसो मां ज्योतिर्गमय
अंतहीन रजनी के तिमिर में नन्हीं दीपशिखा है प्रज्ज्वलित। अभिलाषाओं की चिंगारी गहन अंधेरे में भी…
मौसम ने बदला रंग
वर्षा ऋतु की मनोहारी छटा, प्रकृति का नव श्रृंगार, हरियाली, उमंग और कर्म का संदेश समेटती…
किताबें : स्मृति श्रीवास्तव
किताबों के महत्व पर आधारित यह कविता ज्ञान, संस्कृति, इतिहास और जीवन मूल्यों को दर्शाती है,…
स्वतंत्रता के प्रहरी
भारत के वीरों को समर्पित प्रेरणादायक कविता—शौर्य, त्याग, मानवता और राष्ट्रभक्ति का संदेश, जो हर नागरिक…