कारण, लक्षण, जोखिम कारक और बचाव के उपायों को समझना जरूरी
विश्व स्ट्रोक दिवस
स्ट्रोक एक गंभीर चिकित्सकीय आपातस्थिति है, जिसमें मस्तिष्क के किसी हिस्से तक रक्त की आपूर्ति बाधित हो जाती है या मस्तिष्क के भीतर रक्तस्राव होने लगता है। इस कारण मस्तिष्क की कोशिकाओं को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और वे क्षतिग्रस्त होने लगती हैं। स्ट्रोक को आम बोलचाल में ब्रेन अटैक भी कहा जाता है। समय पर उपचार नहीं मिलने पर यह जानलेवा हो सकता है या व्यक्ति की शारीरिक और मानसिक क्षमताओं को स्थायी रूप से प्रभावित कर सकता है। इसलिए इसके लक्षणों की पहचान, जोखिम कारकों की जानकारी और समय पर चिकित्सा सहायता बेहद महत्वपूर्ण है।
विश्व स्ट्रोक दिवस प्रत्येक वर्ष 29 अक्टूबर को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य स्ट्रोक के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा इसकी रोकथाम, समय पर उपचार और पुनर्वास के महत्व को समझाना है। विश्व स्ट्रोक संगठन इस वैश्विक जागरूकता अभियान का नेतृत्व करता है। वर्ष 2026 के अभियान में भी स्ट्रोक के लक्षणों को पहचानने और बिना देरी के कार्रवाई करने पर जोर दिया गया है।
स्ट्रोक के प्रमुख प्रकार
स्ट्रोक मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है। इस्केमिक स्ट्रोक में मस्तिष्क को रक्त पहुंचाने वाली धमनी में रक्त का थक्का जमने या रक्त प्रवाह बाधित होने के कारण मस्तिष्क के किसी हिस्से को पर्याप्त रक्त नहीं मिल पाता। हेमोरेजिक स्ट्रोक में मस्तिष्क की कोई रक्त वाहिका फट जाती है, जिससे मस्तिष्क के भीतर या आसपास रक्तस्राव होने लगता है। दोनों स्थितियों में उपचार का तरीका अलग हो सकता है। इसलिए स्ट्रोक की आशंका होने पर चिकित्सकीय जांच के बिना स्वयं दवा देना या उपचार करना उचित नहीं है।
शुरुआती लक्षणों की पहचान है जरूरी
स्ट्रोक के लक्षण अक्सर अचानक सामने आते हैं। इनमें चेहरे, हाथ या पैर में कमजोरी अथवा सुन्नपन, विशेषकर शरीर के एक तरफ, बोलने या दूसरों की बात समझने में परेशानी, अचानक दृष्टि धुंधली होना, चलने में कठिनाई, चक्कर आना और शरीर का संतुलन बिगड़ना शामिल हैं। बिना स्पष्ट कारण के अचानक अत्यधिक तेज सिरदर्द होना भी गंभीर चेतावनी हो सकती है।
स्ट्रोक के संकेत पहचानने के लिए एफएएसटी (FAST) नियम उपयोगी है। इसमें फेस का अर्थ चेहरे का एक तरफ झुकना, आर्म का अर्थ एक बांह में कमजोरी, स्पीच का अर्थ बोलने में परेशानी और टाइम का अर्थ तत्काल आपातकालीन सहायता लेना है। यदि इनमें से कोई एक लक्षण दिखाई दे, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें। भारत में आपातकालीन सहायता के लिए 112 पर संपर्क किया जा सकता है। मरीज को स्वयं
Unlock this article to continue reading.
Price: ₹3