केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में अखिल विश्व गायत्री परिवार के शताब्दी समारोह में भाग लिया।
कार्यक्रम में परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा जी की 100वीं जयंती, अखंड दीपक प्राकट्य के 100 वर्ष तथा परम पूज्य गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी की आध्यात्मिक साधना के 100 वर्ष सहित तीन महत्वपूर्ण उपलब्धियों का स्मरण किया गया।

समारोह में भारत और विदेशों से गायत्री परिवार के प्रतिनिधियों, पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
आयोजन में संस्थापक के असाधारण आध्यात्मिक समर्पण और युग निर्माण के उनके दृष्टिकोण का स्मरण किया गया। साथ ही, सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक सद्भाव, जनकल्याण की प्रतिबद्धता और समाज सेवा के मूल्यों के प्रति संकल्प को दोहराया गया।

डॉ. वीरेंद्र कुमार ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सहयोग से संचालित नशा मुक्त भारत अभियान में अखिल विश्व गायत्री परिवार के महत्वपूर्ण योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विश्व गायत्री परिवार ने आध्यात्मिक जागरूकता, शिक्षा, नशीले पदार्थों के हानिकारक प्रभावों के प्रति जागरूकता तथा इनके दुरुपयोग के विरुद्ध राष्ट्रीय आंदोलन को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने कहा कि ये प्रयास प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के व्यसनमुक्त भारत, संस्कारयुक्त भारत के निर्माण संबंधी दृष्टिकोण को सुदृढ़ बनाते हैं। गायत्री परिवार ने सामुदायिक सहभागिता और निरंतर जागरूकता पहल द्वारा लोगों, विशेषकर युवाओं को स्वस्थ और दायित्वपूर्ण जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया है।

शताब्दी समारोह में हजारों प्रतिभागियों की उपस्थिति अखिल विश्व गायत्री परिवार के शताब्दी भर के समर्पण और सेवा भावना को दर्शाती है। डॉ. वीरेंद्र कुमार ने देव संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. चिन्मय पांड्या और समाज सेवा एवं राष्ट्र निर्माण के संगठन के मिशन को आगे बढ़ाने में जुटी समर्पित टीम के प्रयासों की भी सराहना की।

अखिल विश्व गायत्री परिवार के संस्थापक पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी की शिक्षाओं से प्रेरित यह आध्यात्मिक संगठन वसुधैव कुटुम्बकम् के दर्शन को निरंतर बढ़ावा दे रहा है और स्वस्थ एवं अधिक समरसतापूर्ण समाज निर्मित करने के उद्देश्य से संचालित पहल में योगदान दे रहा है। नशामुक्ति के क्षेत्र में इसके कार्य जागरूकता, सामुदायिक सहभागिता और सामूहिक दायित्व के माध्यम से नशीले पदार्थों के दुरुपयोग की समस्या से निपटने में आध्यात्मिक एवं सामाजिक संगठनों की महत्वपूर्ण भूमिका दर्शाते हैं।

डॉ. वीरेंद्र कुमार ने कहा कि माता भगवती देवी शर्मा की शताब्दी स्मृति समारोह में लोगों द्वारा नशीले पदार्थों की लत से मुक्ति के लिए सामूहिक संकल्प नशा मुक्त भारत अभियान में महत्वपूर्ण योगदान है।

केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने कहा कि वर्ष 2020 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के राष्ट्रव्यापी आह्वान के बाद से देशभर में करोड़ों लोग नशा मुक्त भारत अभियान से जुड़ गए हैं। उन्होंने सामुदायिक स्तर पर लोगों को संगठित करने और नशीले पदार्थों के दुरुपयोग पर जागरूकता अभियान मजबूत बनाने में अखिल विश्व गायत्री परिवार की विशेष और अनुकरणीय भूमिका की सराहना की।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने दोहराया कि नशामुक्त भारत का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए आध्यात्मिक संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों, नागरिक समूहों और लोगों की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। इस शताब्दी समारोह से मादक पदार्थों के दुरूपयोग रोकने तथा सामाजिक दायित्व और जनकल्याण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता नए सिरे से सुदृढ़ बनाने का महत्वपूर्ण मंच मिला। साभार : पीआईबी