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अब हर प्लेयर के पास होगा अपना खुद का कोच; सौरव गांगुली और काबुनी ने भारत में लॉन्च किया एआई स्पोर्ट टेक प्लेटफॉर्म

आज टेक्नोलॉजी सिर्फ जिंदगी नहीं, खेल भी बदल रही है। अब कोई प्लेयर चाहे अपने क्षेत्र का हो या फिर ग्राउंड का, उसे कोचिंग के लिए किसी बड़ी एकेडमी या ट्रेनर की जरूरत नहीं पड़ेगी। ऐसा इसलिए, क्योंकि यूके की एआई और स्पोर्ट्स टेक कंपनी, काबुनी ने भारतीयों के लिए लॉन्च किया है एक ऐसा प्लेटफॉर्म, जो प्लेयर्स की प्रैक्टिस को रिकॉर्ड कर उनके हर मूवमेंट का रियल टाइम एनालिसिस करता है। मशीन लर्निंग और बायोमैकेनिक्स की मदद से यह ऐप उसी वक्त बताता है कि क्या सही हुआ और कहाँ सुधार की जरूरत है, बिल्कुल किसी असली कोच की तरह।

अब हर प्लेयर के पास होगा अपना खुद का कोच; सौरव गांगुली और काबुनी ने भारत में लॉन्च किया एआई स्पोर्ट टेक प्लेटफॉर्म

काबुनी का उद्देश्य है कि हर बच्चे और प्लेयर को प्रोफेशनल लेवल की क्रिकेट कोचिंग मिल सके। ऐसे में, अपने स्पोर्ट टेक प्लेटफॉर्म और डिवाइस के जरिए काबुनी ट्रेनिंग को एक नया रूप दे रहा है। यह एक एआई और लैंग्वेज मॉडल प्लेटफॉर्म है, जो खेल से ही सीखता है। यह दशकों पुराने क्रिकेट डेटा, प्लेयर्स की मूवमेंट और कोचिंग नॉलेज के आधार पर आपके फोन या काबुनी डिवाइस के जरिए हर यूज़र को पर्सनलाइज्ड, डेटा-बेस्ड कोचिंग देता है। काबुनी हर मूवमेंट को, चाहे वो कवर ड्राइव हो या बॉलिंग एक्शन, ध्यान से देखकर उसका पूरा एनालिसिस करता है और तुरंत बताता है कि कहाँ सुधार की जरूरत है। यह फीडबैक वीडियो, फोटो, टेक्स्ट या आवाज़ के जरिए दिया जाता है।

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और काबुनी के ग्लोबल ब्रांड एंबेसडर सौरव गांगुली ने कहा, “क्वालिटी कोचिंग बच्चों को बेहतर और तेज़ी से सीखने में मदद करती है, जिससे उनकी सेहत भी बनी रहती है। पहले इस लेवल की कोचिंग सिर्फ प्रोफेशनल प्लेयर्स के लिए थी, लेकिन अब यह सबके लिए है।”

काबुनी के को-फाउंडर और सीएफओ पैट्रिक बैडेनॉक ने कहा, “चाहे सड़क पर खेलो, स्कूल के मैदान में, नेट्स में या क्रिकेट पिच पर, काबुनी हर प्लेयर को अपना गेम रिकॉर्ड करने, पर्सनलाइज्ड फीडबैक पाने और अपनी तरक्की का आनंद लेने की आज़ादी देता है।”

काबुनी को कैम्ब्रिज डिज़ाइन पार्टनरशिप के साथ मिलकर तैयार किया गया है, जो ह्यूमन परफॉर्मेंस और स्पोर्ट्स इनोवेशन के क्षेत्र में दुनिया के प्रमुख लीडर्स हैं। काबुनी की टेक्नोलॉजी यह सुनिश्चित करती है कि कोचिंग ‘ग्रासरूट से लेकर एलीट लेवल तक’ हर स्तर पर सटीक, सुरक्षित और सभी के लिए सुलभ हो।

क्रिकेट से शुरुआत करते हुए, काबुनी आगे चलकर टेनिस, गोल्फ, बैडमिंटन, टेबल टेनिस और कई अन्य खेलों में भी कदम बढ़ाएगा। इसका उद्देश्य परफॉर्मेंस, वेलनेस, कम्युनिटी पार्टिसिपेशन और रोज़मर्रा की फिटनेस को जोड़ते हुए एक मल्टी-स्पोर्ट इकोसिस्टम तैयार करना है।

सौरव गांगुली ‘दादा’ ने कहा, “भारत में क्रिकेट सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि एक धर्म है। काबुनी दुनिया का पहला डिजिटल इकोसिस्टम है, जो क्रिकेट से शुरुआत करते हुए, खेल के माध्यम से वास्तविक दुनिया के खेल को कैप्चर करता है। यह खेल को सीखने का हिस्सा बनाएगा और हर प्लेयर को अपने भीतर के एथलीट को पहचानने में मदद करेगा।”

काबुनी के फाउंडर और सीईओ नीमेश पटेल ने कहा, “फिट इंडिया मूवमेंट के लक्ष्य, 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 के ओलंपिक के अवसरों के साथ भारत का खेल भविष्य बेहद उज्ज्वल है। काबुनी का वादा है कि आने वाले दस सालों में हम सौ करोड़ भारतीयों को ज्यादा एक्टिव, ज्यादा खेलने और ज्यादा सेहतमंद जीवन जीने के लिए प्रेरित करेंगे।”

साथ ही, काबुनी अपने भारत में होने वाली अपनी कुल आमदनी का 1% हिस्सा देशभर में ग्रासरूट स्पोर्ट्स को समर्थन देने में लगाएगा। मुस्कान सिंह

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