त्योहार हो और ख़रीदारी न हो] ऐसा हो सकता है क्या त्योहार का मौसम आते ही…
Category: फीचर/आर्टिकल
हमें निश्चित तौर पर यह तैयारी करनी होगी कि हर पेट को अन्न मिले और खाद्यान्न की किसी भी प्रकार की कमी ना होने पाएं
एक समय था जब भारत अपनी खाद्यान्न आपूर्ति के लिये दूसरे देशों की दया पर निर्भर…
गरीबी या मक्कारी: अतुल मलिकराम (राजनीतिक रणनीतिकार)
गरीबी, एक ऐसा शब्द है जो सुनने में जितना साधारण लगता है, वास्तविकता में उतना ही…
मानसिक स्वास्थ्य के लिए विवेकानंद जी के विचार आज भी प्रासंगिक
आधुनिक समय में भी स्वामी विवेकानंद के एक-एक शब्द दुनिया भर में लोगों को प्रेरित करते…
दशहरा शक्ति की साधना, कर्म एवं नवसृजन का पर्व
भारतीय त्योहार एवं मेले जहां संस्कृति के अभिन्न अंग हैं वहीं प्रेरणाओं से भी जुडे़ हैं।…
संघर्षों के बीच सफलता की कहानी लिखती बालिकाएं
दुनियाभर में बालिकाओं को सम्मान एवं समानतापूर्ण जीवन में हिस्सेदारी बढ़ाने, उसके सेहतमंद जीवन से लेकर…
बेहतर दुनिया बनाने के लिये मन को स्वस्थ करना जरूरी
मन की स्वस्थता शरीर की स्वस्थता से भी ज्यादा जरूरी है, क्योंकि जीवन की पूर्णता, सार्थकता…
समानतावाद के अग्रणी नेता रहे जयप्रकाश नारायण
लोकनायक जयप्रकाश जी एक ऐसे व्यक्तित्व के स्वामी थे, जो न पद का भूखा था और…
पत्रकारों की स्वतंत्रता को बल देती सुुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी में शुक्रवार को कहा कि पत्रकारों के विरुद्ध सिर्फ इसलिए…