NEW English Version

पीओके की पुकार और दुनिया की जिम्मेदारी

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में इन दिनों जो परिस्थितियां निर्मित हो रही हैं, वे केवल एक…

लंबी उम्र, लेकिन जीवन स्वस्थ क्यों नहीं? ..

मान लो "यदि किसी व्यक्ति की आयु 80 वर्ष है, लेकिन अंतिम 10–15 वर्ष अस्पतालों, दवाइयों…

अब समय आ गया है… “मोबाइल उपयोग बंद दिवस” मनाने का डिजिटल संयम की ओर एक आवश्यक कदम

आज का युग विज्ञान और प्रौद्योगिकी का युग है। मानव सभ्यता ने जितनी तीव्र गति से…

बहनः संस्कृति, संवेदना और सशक्त भारत की आधारशिला

रिश्तों की दुनिया में यदि कोई संबंध निस्वार्थ प्रेम, आत्मीयता, विश्वास, त्याग और आजीवन साथ का…

क्या अब भारत की आरक्षण व्यवस्था के व्यापक पुनर्मूल्यांकन का समय आ गया है…?

भारत का संविधान समानता, सामाजिक न्याय और अवसरों की समता का आदर्श प्रस्तुत करता है। इसी…

आंदोलन की संस्कृतिः अधिकार नहीं, उत्तरदायित्व भी आवश्यक

भारत का लोकतंत्र केवल चुनावों की व्यवस्था नहीं है, बल्कि संवाद, असहमति और संवैधानिक मर्यादाओं का…

पर्वत केवल ऊँचाइयाँ नहीं, मानव साहस की जीवंत पहचान हैं

प्रकृति ने मानव को अनेक अनमोल उपहार दिए हैं, जिनमें पर्वत सबसे विराट, सबसे स्थिर और…

हिंदी साहित्य में मुंशी प्रेमचंद का स्थान सर्वश्रेष्ठ

हिंदी और उर्दू साहित्य के इतिहास में यदि किसी लेखक ने जनसाधारण के जीवन, संघर्ष, पीड़ा,…

मित्रता है मानवता का सबसे मजबूत सेतु

आज का विश्व अभूतपूर्व वैज्ञानिक प्रगति, तकनीकी विकास और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उत्कर्ष का साक्षी…

चिंतनीय : एआई की अनियंत्रित छलांग और मानवता के सामने नई चुनौती

तकनीक मानव जीवन को सरल, सुरक्षित और अधिक सक्षम बनाने के उद्देश्य से विकसित की जाती…

Translate »