NEW English Version

प्रकृति पुकार रही हैः अब संरक्षण नहीं, सहभागिता चाहिए

हर वर्ष 28 जुलाई को मनाया जाने वाला विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस हमें प्रकृति, पर्यावरण एवं…

भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौताः एक क्रांतिकारी कदम

भारत और ब्रिटेन के बीच ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की अंतिम स्वीकृति ने न केवल…

भूखमरी है विकास के विरोधाभासी स्वरूप की भयावह तस्वीर

विश्व खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) की हालिया रिपोर्ट ने एक बार फिर वैश्विक समुदाय को…

मुंबई लोकल ट्रेन बम धमाकों का फैसला और उठते सवाल

11 जुलाई 2006 को मुंबई की भीड़भरी लोकल ट्रेनों में हुए सीरियल बम धमाकों ने समूचे…

दुनिया की लाखों जिन्दगियां में जहर घोलता अकेलापन

‘हर छठा व्यक्ति अकेला है’-यह निष्कर्ष विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की ताज़ा रिपोर्ट का है, जिसने…

बड़ी जीत है द रेजिस्टेंट फ्रंट का आतंकी संगठन घोषित होना

पहलगाम में जब आतंकी हमले में निर्दोषों का रक्त बहा, आहें एवं चीखें गूंजी, जिसने न…

स्कूलों को उड़ाने की धमकियांः सुरक्षा पर मंडराता खतरा

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के करीब 45 स्कूलों में बम विस्फोट की धमकी बेहद गंभीर और चिंताजनक…

क्या बिहार में सुशासन अब जंगलराज में बदल रहा है?

बिहार में एक बार फिर कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। बेखौफ अपराधियों का…

विपक्ष की लोकतंत्र पर चिंता या सत्तालोभ की राजनीति ?

भारतीय लोकतंत्र आज विश्व के सबसे बड़े, जीवंत और जागरूक लोकतंत्रों में गिना जाता है। यह…

निरंकुश अभिव्यक्ति से जुड़े सुप्रीम फैसलों का स्वागत हो

सुप्रीम कोर्ट ने अभिव्यक्ति की आजादी एवं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एंटी सोशल अभिव्यक्ति की सुनवाई…

Translate »