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तुलसीदासः भक्ति, लोकमंगल और जीवन-दर्शन के अमर व्याख्याता

भारत की संत-परंपरा में गोस्वामी तुलसीदास का स्थान केवल एक महान कवि अथवा रामभक्त के रूप…

अल्पसंख्यकों की असुरक्षा से आतंकवाद तक पाक का यथार्थ

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी का स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिया गया हालिया बयान…

उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा मानसून सत्र

संसदीय मर्यादाओं का क्षरण कब तक? आखिर कब हम संसद के एक-एक मिनट का उपयोग करने…

आत्मनिर्भरता से विकसित भारत की ओर आजादी की उड़ान

15 अगस्त भारत के राष्ट्रीय जीवन का वह गौरवपूर्ण दिन है, जब हमारी धरती ने पराधीनता…

विदेशी चंदे पर नियंत्रण और संतुलन की अपेक्षा

12 अगस्त 2026 का दिन भारतीय संसद के लिए इसलिए महत्वपूर्ण रहा कि विदेशी अंशदान (विनियमन)…

अंगदान की संस्कृति ही मानवता को नई दिशा दे सकती है

मनुष्य जीवनभर अपने लिए बहुत कुछ अर्जित करता है-धन, संपत्ति, प्रतिष्ठा, संबंध और सुविधाएँ। लेकिन जीवन…

भागवत की नजरों में जेन-जी आंदोलन का दृष्टिकोण

जंतर-मंतर से उठी हाल की युवा आवाजों ने भारतीय लोकतंत्र के सामने कई नए प्रश्न खड़े…

भारत की आत्मा एवं प्रकृति के संरक्षक हैं आदिवासी

विश्व आदिवासी दिवस केवल एक अंतरराष्ट्रीय आयोजनभर नहीं है, बल्कि यह उस मूल चेतना का अभिनंदन…

ढाका की राजनीति और भारत-बांग्लादेश संबंधों की नई परीक्षा

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना द्वारा दिसंबर 2026 में स्वदेश लौटने की घोषणा केवल एक…

संसदीय-गतिरोध से नहीं चलेगा लोकतंत्र, संवाद ही है समाधान

भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति उसकी संसद है। यही वह सर्वोच्च लोकतांत्रिक मंच है जहां…

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