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वेदांता एल्यूमिनियम ने अपनी टीम के कामकाजी अभिभावकों की मदद के लिए उठाए रचनात्मक कदम

कंपनी ने यह सुनिश्चित किया है कि इसके दूरस्थ प्रचालनों में पदस्थ कर्मचारियों को मिले महानगरों की तरह बेहतरीन जीवनशैली ।

क्या हो अगर आपकी मनचाही नौकरी के लिए आपको महानगर से कहीं दूर जाना पड़े? संभव है कि कुछ लोग ऐसी नौकरी का प्रस्ताव स्वीकार करने से हिचकिचाएं क्योंकि कार्यस्थल पर एक कर्मचारी के अलावा भी हमें पिता, माता, बेटा, बेटी या जीवनसाथी जैसी कई भूमिकाओं का निर्वहन अपने जीवन में करना होता है। लोगों के मन में सवाल उठेंगे कि इस नौकरी के लिए जिस जगह जाना पड़ेगा वहां रहने की सुविधा कैसी होगी? क्या वहां आसपास अच्छे स्कूल होंगे? क्या उनके प्रियजनों को जरूरत पड़ने पर अच्छा इलाज मिल सकेगा?

भारत की सबसे बड़ी एल्यूमिनियम उत्पादक वेदांता एल्यूमिनियम इस बात को लेकर आश्वस्त है कि उपरोक्त सभी प्रश्नों और उनके अलावा भी कई सवालों के लिए उसके पास सकारात्मक जवाब हैं। यह कंपनी विश्व स्तरीय संयंत्रों का प्रचालन करती है जो लॉजिस्टिक, इंफ्रास्ट्रक्चर व सामग्री उपलब्धता संबंधी कारणों से ओडिशा के झारसुगुडा व कालाहांडी में तथा छत्तीसगढ़ के कोरबा जैसे अर्द्धशहरी या ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित हैं।

दुनिया के सबसे बड़े सिंगल-लोकेशन एल्यूमिनियम स्मेल्टिंग प्रचालनों में से एक झारसुगुडा में स्थित है, जबकि लांजीगढ़ (कालाहांडी) में वेदांता की एल्यूमिनियम रिफाइनरी है जो विकास की दृष्टि से पिछड़े इस जिले के विकास में प्रमुख योगदान देने वालों में से एक है। भारत की प्रतिष्ठित एल्यूमिनियम उत्पादक और वेदांता एल्यूमिनियम की सहयोगी बालको कोरबा जिले में स्थित है।

इन दूरदराज स्थानों के बावजूद वेदांता के हर प्रचालन क्षेत्र में कर्मचारियों के लिए उत्कृष्ट रिहाइशी टाउनशिप बनाई गई है। साथ में आला दर्जे के हॉस्पिटल व स्कूल भी हैं जहां क्रमशः उत्तम चिकित्सा व शिक्षा उपलब्ध है। इसके अलावा कंपनी ने कई कर्मचारी अनुकूल नीतियों को भी लागू किया है जो न केवल कामकाजी व निजी जीवन में संतुलन संभव बनाती हैं बल्कि कर्मचारियों का कल्याण सुनिश्चित करने में परिवारों की सक्रिय भागीदारी को भी प्रोत्साहित करती हैं।

 निरंतर कर्मचारी केंद्रित दृष्टिकोण के माध्यम से कंपनी ऐसी संस्कृति को बढ़ावा दे रही है जिनसे न केवल बतौर अभिभावक कर्मचारियों को मदद मिले बल्कि उनके परिवारों को भी सहयोग मुहैया कराया जाए। इस हेतु कंपनी ने कई अनूठी पहल की हैं।

जैसे कंपनी के संयंत्रों में कार्यरत कर्मचारी के जीवनसाथी को नौकरी के लिए आवष्यक मानकों एवं कसौटी के मुताबिक पाए जाने पर ’स्पाउसल हायरिंग पॉलिसी’ के अंतर्गत नौकरी के अवसर दिए जाते हैं। इससे उद्योग के भीतर मौजूद शीर्ष प्रतिभाओं को दूरदराज स्थित संयंत्रों के लिए आकर्षित किया जाता है और यह सुनिश्चित किया जाता है कि पेशेवर लिहाज से एवं व्यक्ति के तौर पर कर्मचारियों को समृद्ध होने का उपयुक्त परिवेश प्राप्त हो।

जिन कर्मचारियों के बच्चे साथ रहते हैं उनके लिए कंपनी की टाउनशिप में डे केयर सेंटर, शिशु गृह, स्कूल, खेल के मैदान, पुस्तकालय व कोचिंग सेंटर उपलब्ध कराए गए हैं ताकि माता-पिता इस बात को लेकर आश्वस्त रहें कि उनके बच्चों के संपूर्ण विकास संबंधी आवश्यकताएं पूरी हो रही हैं। वेदांता एल्यूमिनियम द्वारा संचालित स्कूलों ने उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। डीएवी-वेदांता इंटरनेशनल स्कूल लांजीगढ़, ओडिशा के प्रचालनों के करीब स्थापित किया गया है जिसने असाधारण परिणाम दिए हैं।

अकादमिक वर्ष 2022-2023 में स्कूल के 10वीं और 12वीं कक्षाओं के टॉपर विद्यार्थियों ने क्रमशः 97 प्रतिशत एवं 92.6 प्रतिशत अंक हासिल किए। पढ़ाई-लिखाई के अलावा भी गतिविधियां होती हैं जिनमें कराटे, तीरंदाजी व सौरा कला सिखाए जाते हैं। कर्मचारियों व समुदाय के सदस्यों के बच्चों के लिए कंपनी समर कैंप आयोजित करती है। इस साल के समर कैंप में शामिल होना 500 बच्चों के लिए आनंददायक अनुभव रहा। इन शिविरों में बच्चों को दिलचस्प ढंग से आत्मरक्षा, पाक कला, शिल्प कला, सामाजिक एवं भोजन संबंधी शिष्टाचार तथा अन्य कई कौशल सिखाए गए।

वेदांता एल्यूमिनियम के प्रचालन क्षेत्रों के आसपास हॉस्पिटल स्थापित किए गए हैं जिनमें विभिन्न रोगों की विषेषज्ञतापूर्ण उत्तम चिकित्सा सेवाएं मुहैया कराई जाती हैं जिससे कर्मचारियों व उनके प्रियजनों को तत्काल स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त होती हैं। हाल ही में वेदांता झारसुगुड़ा ने अपनी टाउनशिप में पुनर्वास केन्द्र स्थापित किया है जहां तंत्रिका संबंधी मोटर रोग से पीड़ित एवं बोल पाने अक्षम दिव्यांग बच्चों तथा वृद्धों की देखभाल की जाती है।

इसके चिकित्सा केंद्र सामुदायिक स्वास्थ्य देखभाल के महत्वपूर्ण केंद्र बन कर उभरे हैं जहां हर साल सैकड़ों लोग इलाज के लिए आते हैं। अकेले लांजीगढ़ स्थित वेदांता हॉस्पिटल में प्रति वर्ष 60,000 से ज्यादा लोग आते हैं जिससे यह संकेत मिलता है कि यह अस्पताल समुदाय के लोगों तक उत्तम स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहा है।

वेदांता एल्यूमिनियम मानव पूंजी को अपनी सबसे बड़ी संपत्ति मानती है इसीलिए यह नए अभिभावकों के लिए मददगार वातावरण की सक्रियता से रचना कर रही है। कंपनी यह सुनिश्चित करती है कि भावी माताओं को छह महीनों का नियत सवैतनिक मातृत्व अवकाश प्राप्त हो। इसके अलावा वेदांता एल्यूमिनियम उनके काम पर लौटने की प्रक्रिया को भी सुगम बनाती है।

उनकी अनुपस्थिति में जो विकास हुए हैं उनसे परिचित कराने के लिए विशेष सत्र किए जाते हैं। साथ ही प्रमुख सुरक्षा अभ्यासों का दोहराव भी होता है। नई माताओं को कार्य की सुविधाजनक अवधि प्रदान की जाती है ताकि वे अपने शिशु की देखभाल ठीक से कर सकें। इसके अतिरिक्त शिशु-गृह की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है ताकि उनकी गैरमौजूदगी में उनके बच्चे की पेशेवर ढंग से देखरेख सुनिश्चित हो।

इन कदमों के असर पर रोशनी डालते हुए वेदांता लिमिटेड, एल्यूमिनियम व्यवसाय के मुख्य प्रचालन अधिकारी श्री सुनील गुप्ता कहते हैं, ’’वैष्विक माता-पिता दिवस के अवसर पर हम यह दोहराते हैं कि माता-पिता बनना जीवन का महत्वपूर्ण पहलू है और कार्यस्थल पर भी इसका उत्सव मनाया जाना चाहिए और समर्थन किया जाना चाहिए। इसलिए हमने कामकाजी माता-पिता को पेशेवर एवं निजी जीवन में संतुलन मुहैया कराने के लिए सहयोगात्मक वातावरण बनाया है।

इस प्रकार विविध कार्यषैलियों एवं आधारभूत संरचना के जरिए वे एक परिपूर्ण कैरियर बना सकते हैं। हम अपनी कार्यषैलियों एवं सहयोगी आधारभूत संरचनाओं में निरंतर वृद्धि करते रहते हैं ताकि हमारे कर्मचारियों व उनके परिवारों को सशक्त करने वाला माहौल तैयार हो सके।’’ अपना दृष्टिकोण प्रकट करते हुए बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा,

’’हम एक ऐसा परिवेश रचने के लिए समर्पित हैं जो लचीली कार्य संस्कृति को बढ़ावा देकर संभाले जा सकने वाले कार्यभार के साथ कामकाजी माता-पिता के सहयोग को सक्षम करे। हम पेशेवर व निजी जीवन के संतुलन पर ध्यान देते हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि माता-पिता अपने परिवारों के लिए भी उतना गुणवत्तापूर्ण समय समर्पित कर सकें जितना वे संगठन के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए करते हैं।’’

हाल ही में, 15 मई को दुनिया भर में इंटरनेशनल डे ऑफ फैमिलीज मनाया गया। इस मौके पर ’प्राउड फैमिलीज’ कार्यक्रम के तहत वेदांता एल्यूमिनियम ने अपने ओडिशा व छत्तीसगढ़ के प्रचालनों में सैकड़ों कर्मचारियों के परिवारों की मेजबानी की। इस कार्यक्रम के द्वारा कर्मचारियों के परिवारों ने स्वयं देखा कि दुनिया के सबसे बड़े एल्यूमिनियम परिसरों में से एक झारसुगुडा में किस तरह उच्च गुणवत्ता का एल्यूमिनियम बनाया जाता है।

साथ ही उनके प्रियजनों के लिए स्थापित विश्व स्तरीय सुविधाओं का भी उन्होंने अनुभव लिया। इन कोशिशों के चलते कंपनी को ’ग्रेट प्लेस टू वर्क’ और साथ ही रहने की उत्कृष्ट जगह होने का खिताब भी मिला है। वेदांता झारसुगुडा को यह प्रमाणन लगातार 6 बार मिला है, जबकि बालको को लगातार चैथी बार तथा वेदांता लांजीगढ़ को अब तक 5 बार मिल चुका है। ये दर्शाते हैं कि कर्मचारियों के संपूर्ण कल्याण पर भरपूर जोर दिया जाता है। कंपनी उन्हें महज मेहनताने से ही प्रेरित नहीं करती बल्कि उनके लिए चहुंमुखी प्रसन्नता की व्यवस्था की गई है।

वेदांता लिमिटेड की इकाई वेदांता एल्यूमिनियम भारत की सबसे बड़ी एल्यूमिनियम उत्पादक है। वित्तीय वर्ष 23 में 22.9 लाख टन उत्पादन के साथ कंपनी ने भारत के कुल एल्यूमिनियम का आधे से ज्यादा हिस्सा उत्पादित किया। यह मूल्य संवर्धित एल्यूमिनियम उत्पादों के मामले में अग्रणी है, इन उत्पादों का प्रयोग कई अहम उद्योगों में किया जाता है।

वेदांता एल्यूमिनियम को एल्यूमिनियम उद्योग में डाउ जोंस सस्टेनेबिलिटी इंडेक्स (डीजेएसआई) 2022 में दूसरी वैश्विक रैंकिंग मिली है, जो इसकी सस्टेनेबल डेवलपमेंट प्रक्रियाओं का प्रमाण है। देश भर में अपने विश्वस्तरीय एल्यूमिनियम स्मेल्टर्स, एल्यूमिना रिफाइनरी और पावर प्लांट्स के साथ कंपनी हरित भविष्य के लिए विभिन्न कार्यों में एल्यूमिनियम के प्रयोग को बढ़ावा देने और इसे ’भविष्य की धातु’ के रूप में पेश करने के अपने मिशन को पूरा करती है। www.vedantaaluminium.com

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