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विश्व पुस्तक मेले में सुप्रसिद्ध लेखिका रिंकल शर्मा की पुस्तकों का  लोकार्पण

रामायण की पाठशाला पुस्तक द्वारा बच्चों को रामायण से जोड़ने का भारतीय साहित्य में प्रथम प्रयास

विश्व पुस्तक मेले में सुप्रसिद्ध लेखिका सुश्री रिंकल शर्मा की तीन पुस्तकों- रामायण की पाठशाला, गांधीजी की बातें बच्चों को सीख और ऐतिहासिक प्रेरक प्रसंग का सफ़ल विमोचन हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुप्रसिद्ध व्यंग्यकार सुभाष चन्दर ने की। मुख्य अतिथि प्रख्यात लेखक  गिरीश पंकज  एवं हिंदी अकादमी के उप सचिव ऋषि कुमार शर्मा रहे। बतौर अतिविशिष्ट अतिथि जूली फिल्म के अभिनेता  विक्रम मकानदार उपस्थित थे। कार्यक्रम अध्यक्ष सुभाष चन्दर ने कहा, ‘रिंकल शर्मा एक प्रतिष्ठित लेखिका हैं जो अपने विशिष्ट लेखन के लिए जानी जाती हैं। इनकी तीनों पुस्तकें पठनीय और बच्चों के साथ साथ बड़ों के लिए भी उपयोगी हैं। आज के समय में बच्चों को रामायण से कैसे जोड़ा जाए और गांधी जी के विचारों से कैसे उन्हें प्रेरित किया जाए, ये इन पुस्तकों का अपने आप में एक अनूठा प्रयास है’। पुस्तक पर अपने विचार रखते हुए मुख्य अतिथि गिरीश पंकज ने कहा, ‘ रिंकल शर्मा को अभी हाल ही में हिन्दी अकादमी से नाटक सम्मान दिया गया है, उसके लिए मैं उन्हें हार्दिक बधाई देता हूं। साथ ही रिंकल शर्मा ने बच्चों की बेहतरीन कहानियां बुनते हुए उन्हें रामायण से जोड़ने का जो प्रयास किया है वो भारत में पहली बार हुआ है। उन्होंने रामायण की कहानियों और गांधी जी के सुविचारों को आम जनमानस के पात्रों जैसे दादा, नानी, मम्मी पापा और अर्जुन, पिंटू इत्यादि द्वारा बाल पाठकों तक पहुंचाने की एक सार्थक कोशिश की है जिसके लिए वो बधाई की पात्र हैं’। हिन्दी अकादमी के उप सचिव ऋषि कुमार शर्मा ने कुंवर बेचैन की कविता की पंक्तियां पढ़ते हुए अपनी बात रखी और रिंकल शर्मा एवं अद्विक पब्लिशर को बेहतरीन पुस्तकों के प्रकाशन के लिए बधाई दी। 

कार्यक्रम का संचालन चर्चित लेखक श्री रणविजय राव ने किया। पुस्तक लोकार्पण का आयोजन अद्विक पब्लिशर के  प्रकाशक श्री अशोक गुप्ता एवं उनकी टीम सुश्री स्वाति चौधरी, ज़ोया, बिपिन राजभर इत्यादि द्वारा किया गया। बाल साहित्य  पर आधारित अपनी पुस्तकों रिंकल शर्मा ने कहा कि ” रामायण के प्रति मेरा झुकाव बचपन से ही रहा। घर में माहौल इस तरह का था कि रामायण की पूजा की जाती थी। रामायण ग्रन्थ अपने युग का आईना है। जिस तरह राम के बिना रामायण अधूरी उसी तरह गांधी जी के बिना सुविचार अधूरे हैं। हमारा देश राम का देश है, हमारा देश गांधी का देश है। इसीलिए मैंने गांधी जी के जीवन से जुड़े किस्सों और रामायण की घटनाओं से आज के बच्चों की समस्याओं को सुलझाते हुए उन्हें सीख देने की कोशिश की है। साथ ही मेरी तीसरी पुस्तक हमारे इतिहास से जुड़े पात्रों के किस्से हैं जो पढ़ने में बहुत ही रोचक और प्रेरणा देने वाले हैं। लोकार्पण से पहले पुस्तक की बिक्री होना पुस्तक की सफ़लता और मेरे प्रयास की सफलता का प्रतीक है”। 

कार्यक्रम में मंच पर बाल साहित्यकार समीर गांगुली, कवयित्री सुश्री नेहा वैद्य , लेखक महेंद्र भीष्म ,  मोटिवेशनल स्पीकर सुश्री शालिनी अगम, श्री राजीव तनेजा और श्री शिवराज सिंह उपस्थित रहे।  

कार्यक्रम में चार चांद लगाने का काम श्री विकास मिश्रा, सुश्री सोनी नीलू झा , सुश्री नूतन यादव , सुश्री आकांक्षा प्रिया, श्री राजेश मांझी, सुश्री वंदना यादव, सुश्री मनु लक्ष्मी मिश्रा, श्री सुरेन्द्र अरोड़ा , श्री रामस्वरूप दीक्षित, श्री संजीब पत्जोशी , श्री उमेश, श्री श्रीराम शर्मा, श्री विनय विक्रम सिंह, श्री हरीश अरोड़ा, सुश्री पूनम सिंह, श्री वागीश शर्मा , श्री ओमप्रकाश प्रजापति, श्री अमित शर्मा, अर्जुन पंडित, श्री इशहाक खान, श्री मनोज भावुक, श्री विकास मिश्रा, श्री मुकेश पोपली, सुश्री रक्षंदा रूही मेंहदी, श्री नेत्रराम भारती  इत्यादि ने किया।

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