नई दिल्ली: केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने मंगलवार को राष्ट्रमंडल खेल 2026 में मुक्केबाजी, जूडो और पैरा एथलेटिक्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले भारतीय खिलाड़ियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने खिलाड़ियों की ऐतिहासिक उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्हें देश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया और सक्रिय खेल जीवन के बाद भी खेलों के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।
सम्मान समारोह में भारतीय मुक्केबाजी दल, जूडो दल और पैरा एथलेटिक्स के पदक विजेताओं को सम्मानित किया गया। खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धियों के लिए स्वर्ण पदक पर 30 लाख रुपये, रजत पदक पर 20 लाख रुपये तथा कांस्य पदक पर 10 लाख रुपये की नकद पुरस्कार राशि प्रदान की गई।

डॉ. मांडविया ने खिलाड़ियों से कहा कि उनका लक्ष्य केवल पदक जीतना या सरकारी नौकरी प्राप्त करना नहीं होना चाहिए, बल्कि उन्हें अपने अनुभव और विशेषज्ञता के माध्यम से भविष्य की प्रतिभाओं को तैयार करने का दायित्व भी निभाना चाहिए। उन्होंने खिलाड़ियों से सेवानिवृत्ति के बाद खेल अकादमियां स्थापित करने और युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देकर भारत को वैश्विक खेल महाशक्ति बनाने में योगदान देने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने विस्तारित खेलो इंडिया योजना के लिए 36,000 करोड़ रुपये के निवेश का प्रावधान किया है, जो देश में खेलों के बुनियादी ढांचे, प्रशिक्षण सुविधाओं और खिलाड़ियों के समग्र विकास को नई गति देगा। उन्होंने कहा कि यह निवेश भारतीय खेलों की निरंतर प्रगति सुनिश्चित करेगा तथा खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।
डॉ. मांडविया ने खिलाड़ियों से “इंडिया फर्स्ट” की भावना के साथ खेलते रहने का आह्वान करते हुए कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों में मिली सफलता केवल शुरुआत है। उन्होंने खिलाड़ियों को आगामी एशियाई खेल 2026 में और अधिक स्वर्ण पदक जीतने का लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जिन खिलाड़ियों ने रजत और कांस्य पदक जीते हैं, वे स्वर्ण जीतने का प्रयास करें, जबकि स्वर्ण पदक विजेता अपनी उत्कृष्टता को बनाए रखें।
केंद्रीय मंत्री ने खिलाड़ियों को अपने प्रशिक्षकों और सहयोगी दल के योगदान को सदैव याद रखने की भी सलाह दी। उन्होंने कहा कि किसी भी खिलाड़ी की सफलता के पीछे उसके गुरु, प्रशिक्षक और सहयोगी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और उनका सम्मान करना प्रत्येक खिलाड़ी का कर्तव्य है।
भारतीय मुक्केबाजी दल ने राष्ट्रमंडल खेल 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए सात स्वर्ण और तीन रजत पदकों सहित कुल 10 पदक जीतकर पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया। स्वर्ण पदक विजेताओं में प्रीति पवार, जैस्मिन लाम्बोरिया, साक्षी चौधरी, प्रिया घंघास, अरुंधति चौधरी, सचिन सिवाच और अंकुश पंघाल शामिल रहे। वहीं जदुमणि सिंह, लवलीना बोरगोहेन और नरेंद्र बरवाल ने रजत पदक जीतकर भारत की उपलब्धियों में महत्वपूर्ण योगदान दिया। विशेष रूप से भारतीय महिला मुक्केबाजों ने राष्ट्रमंडल खेलों में अब तक का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया।
भारतीय जूडो दल ने भी इतिहास रचते हुए दो स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य सहित कुल चार पदक अपने नाम किए। खेलो इंडिया के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के लिए जूडो के पहले स्वर्ण पदक जीतकर नया इतिहास बनाया। अस्मिता राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला जूडो खिलाड़ी बनीं, जबकि हर्ष सिंह यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले भारतीय पुरुष जूडो खिलाड़ी बने।
पैरा एथलेटिक्स दल के खिलाड़ियों ने भी ग्लासगो में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर भारतीय पैरा खेलों के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा। खिलाड़ियों की इन उपलब्धियों ने यह साबित किया कि भारत अब विभिन्न खेलों में विश्व स्तर पर अपनी मजबूत पहचान स्थापित कर रहा है।
सरकार द्वारा खिलाड़ियों को खेलो इंडिया, टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS), प्रशिक्षण एवं प्रतियोगिता के वार्षिक कैलेंडर (ACTC), भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्रों (NCOEs), अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी, आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं तथा आवश्यक खेल उपकरणों के माध्यम से निरंतर सहयोग प्रदान किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय अवसर उपलब्ध कराकर भारत को वैश्विक खेल शक्ति के रूप में स्थापित करना है।