रंगो का आनंद लेते समय रखें अपने सेहत का ध्यान

होली के रंग: त्वचा, बालों और आंखों के लिए कितना सुरक्षित?

मार्च में रंगों के त्योहार होली का बड़ी ही उत्सुकता से इंतजार किया जाता है। होली से जुड़ा है रंग, गुलाल व अबीर। बच्चों को खासकर इस त्योहार का इंतजार इसलिए होता है, क्योंकि उन्हें पानी भरे गुब्बारे व पिचकारियों से खेलने का मौका मिल जाता है। लेकिन होली के रंगों में मिले हानिकारक रसायन आपकी त्वचा, बालों और आंखों के लिए घातक साबित हो सकते हैं।

रंगों में छिपे हानिकारक रसायन

होली में उपयोग होने वाले सिंथेटिक रंगों में अक्सर सीसा, पारा, क्रोमियम, अभ्रक और अन्य हानिकारक रसायन पाए जाते हैं। ये तत्व त्वचा पर खुजली, एलर्जी, रैशेज और जलन उत्पन्न कर सकते हैं। इनमें से कुछ रसायन शरीर में प्रवेश कर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का कारण भी बन सकते हैं।

केमिकल रंगों के प्रभाव:

  • एलर्जी और खुजली: त्वचा पर रसायनों का संपर्क होते ही खुजली, लालिमा और जलन महसूस हो सकती है।
  • एग्जिमा और डर्मेटाइटिस: संवेदनशील त्वचा वाले लोगों में केमिकल रंगों से एग्जिमा और एटोपिक डर्मेटाइटिस हो सकता है।
  • आंखों की समस्या: रंगों के सीधे संपर्क से आंखों में जलन, कंजक्टिवाइटिस, कोर्नियल एब्रेशन और यहां तक कि दृष्टिहीनता तक हो सकती है।
  • अस्थमा और श्वसन रोग: सूखे गुलाल में मिले जहरीले तत्व सांस के जरिए शरीर में पहुंच सकते हैं, जिससे अस्थमा, खांसी और अन्य श्वसन संबंधी बीमारियां हो सकती हैं।

होली से पहले त्वचा और बालों की सुरक्षा कैसे करें?

अगर आप रंगों का आनंद लेते समय अपनी त्वचा का ध्यान नहीं रखेंगे तो आपको कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए होली से पहले कुछ उपाय करना बेहद जरूरी है:

  1. सनस्क्रीन का उपयोग करें: धूप में निकलने से 20 मिनट पहले सनस्क्रीन लोशन लगाएं। यह आपकी त्वचा को धूप और हानिकारक रंगों से बचाएगा।
  2. तेल लगाना न भूलें: नारियल, जैतून या सरसों के तेल को त्वचा और बालों पर लगाएं। इससे रंग आपकी त्वचा में नहीं चिपकेगा और बालों को पोषण भी मिलेगा।
  3. नाखूनों की सुरक्षा: नाखूनों पर पारदर्शी नेल पॉलिश लगाएं, जिससे रंग अवशोषित न हो पाए।
  4. होठों की सुरक्षा: पेट्रोलियम जैली या लिप बाम का इस्तेमाल करें ताकि होंठ रूखे न हों।
  5. कपड़ों का चुनाव: फुल स्लीव्स वाले कपड़े पहनें ताकि आपकी त्वचा रंगों के सीधे संपर्क में न आए।

आंखों की देखभाल कैसे करें?

होली के दौरान आंखों की सुरक्षा बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि आंखें बेहद संवेदनशील होती हैं।

  • सुरक्षात्मक चश्मे पहनें: धूप के चश्मे (गॉगल्स) का उपयोग करें ताकि रंग आपकी आंखों में न जाएं।
  • आंखों को रगड़ने से बचें: रंग लगे हाथों से आंखों को छूने या रगड़ने से संक्रमण हो सकता है।
  • गुलाब जल का प्रयोग करें: होली से पहले और बाद में आंखों में गुलाब जल की कुछ बूंदें डालने से जलन और खुजली से राहत मिलती है।

होली के बाद त्वचा और बालों की देखभाल

होली खेलने के बाद रंगों को तुरंत हटाने के लिए कुछ घरेलू उपाय अपनाए जा सकते हैं:

  1. त्वचा के लिए:
    1. दो टेबलस्पून जैतून का तेल, आधा कप दही, एक टेबलस्पून नींबू का रस और एक टेबलस्पून शहद मिलाकर त्वचा पर लगाएं।
    1. बेसन, दही, हल्दी और गुलाब जल का मिश्रण त्वचा से रंग हटाने और टैनिंग कम करने में मदद करता है।
    1. अगर त्वचा पर खुजली या जलन हो तो एलोवेरा जेल लगाएं।
  2. बालों के लिए:
    1. बालों को माइल्ड शैम्पू से धोएं और नारियल तेल से हल्की मालिश करें।
    1. एक घंटे बाद नींबू का रस स्कैल्प पर लगाएं और फिर हल्के शैम्पू से धो लें।
    1. अंडे और दही का मास्क बालों को फिर से पोषण देने में मदद करेगा।

रंगों के बाद कितनी बार नहाना चाहिए?

रंगों के बाद बार-बार नहाने से त्वचा की प्राकृतिक नमी कम हो जाती है, जिससे त्वचा रूखी हो सकती है। इसलिए:

  • अत्यधिक स्नान से बचें: दिन में दो बार से अधिक न नहाएं।
  • गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें: ज्यादा गर्म पानी से नहाने से त्वचा की नमी खत्म हो सकती है।
  • मॉइस्चराइजर जरूर लगाएं: हर बार नहाने के बाद त्वचा पर मॉइस्चराइजर लगाना न भूलें।

होली में किन लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए?

होली खेलने से पहले यह जानना जरूरी है कि कुछ लोग सिंथेटिक रंगों के प्रति ज्यादा संवेदनशील होते हैं।

  • एग्जिमा या थायरॉइड के मरीज:
    • अगर शरीर में कहीं भी एग्जिमा है, तो केमिकल रंगों से बचने की कोशिश करें।
    • थायरॉइड की समस्या वाले लोगों की त्वचा ज्यादा संवेदनशील होती है, इसलिए उन्हें भी विशेष ध्यान देना चाहिए।
  • अस्थमा के मरीज:
    • सूखे रंगों में मिले केमिकल्स सांस के जरिए शरीर में जाकर परेशानी बढ़ा सकते हैं।

प्राकृतिक रंगों का उपयोग करें

अगर होली के मजे को बिना किसी नुकसान के लेना चाहते हैं तो प्राकृतिक और हर्बल रंगों का उपयोग करें।

  • हल्दी से पीला रंग
  • चुकंदर से गुलाबी रंग
  • गुलाब की पत्तियों से लाल रंग
  • पालक या मेहंदी से हरा रंग

होली रंगों और खुशियों का त्योहार है, लेकिन केमिकल युक्त रंगों से बचकर इसे सुरक्षित रूप से मनाना जरूरी है। त्वचा, बालों और आंखों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय अपनाकर आप इस त्योहार का भरपूर आनंद ले सकते हैं। प्राकृतिक रंगों का उपयोग करें और स्वस्थ रहें। होली के इस उत्सव को सुरक्षित और खुशनुमा बनाएं! होली की शुभकामनाएं!

उमेश कुमार सिंह
उमेश कुमार सिंह

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »