देश के सबसे बड़े प्रॉब्लम-सॉल्विंग प्लेटफॉर्म, एचसीएल जिगसॉ के छठे एडिशन के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू

एचसीएल जिगसॉ से अब तक 2 लाख से अधिक छात्र जुड़ चुके हैं 

दिल्ली: एचसीएल ने देश के सबसे बड़े प्रॉब्लम-सॉल्विंग प्लेटफॉर्म ‘एचसीएल जिगसॉ’ के छठे संस्करण की घोषणा की है। यह प्लेटफॉर्म विशेष रूप से कक्षा 6 से 9 तक के स्कूल छात्रों के लिए तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य नवाचार, विश्लेषण और तार्किक सोच को बढ़ावा देना है। एचसीएल जिगसॉ छात्रों को वास्तविक दुनिया की समस्याओं को समझने और समाधान निकालने में सक्षम बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

प्रतियोगिता में छात्रों का मूल्यांकन 21वीं सदी की महत्वपूर्ण क्षमताओं — रिसर्च, क्रिटिकल थिंकिंग और कम्युनिकेशन स्किल्स — के आधार पर किया जाएगा। इच्छुक छात्र और स्कूल www.hcljigsaw.com पर जाकर 31 जुलाई, 2025 तक रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।

महत्वपूर्ण तिथियाँ

राउंडविवरणतिथि
राउंड 1ओलंपियाड (इंट्रा-स्कूल स्तर)मई-अगस्त (हर महीने की 1 से 7 तारीख तक)
राउंड 2प्रोजेक्ट-आधारित चुनौती (इंटर-स्कूल स्तर)22 अगस्त, 2025 – 25 अगस्त, 2025
राउंड 3ग्रैंड फिनाले (इंटर-स्कूल)7 सितंबर, 2025

पुरस्कार और अवसर

  • 12 लाख रुपये से अधिक की पुरस्कार राशि।
  • एचसीएल इनोवेशन लैब्स में लर्निंग के अवसर।
  • पूरे भारत के छात्रों के लिए निशुल्क भागीदारी।

इस वर्ष प्रोजेक्ट-आधारित चुनौती का मिशन “कोलैब, क्रिएट और कॉन्कर” होगा। यह पहल भारत के शीर्ष युवा प्रॉब्लम सॉल्वर्स के विकास को बढ़ावा देने और उनके क्रिटिकल थिंकिंग कौशल को मजबूत करने के लिए की गई है। यह भारत की नई शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप है, जो संज्ञानात्मक शिक्षा और भविष्य के लिए तैयार क्षमताओं को प्रोत्साहित करती है।

एचसीएल जिगसॉ: प्रतियोगिता की संरचना

पहला राउंड: इन्ट्रा-स्कूल राउंड

  • परीक्षा प्रारूप: ऑनलाइन एमसीक्यू आधारित टेस्ट।
  • फोकस स्किल्स: रीज़निंग, प्रॉब्लम-सॉल्विंग और कॉम्प्रिहेन्शन।

दूसरा राउंड: इंटर-स्कूल राउंड

  • परीक्षा प्रारूप: टीम-आधारित प्रोजेक्ट।
  • टीम संरचना: 3 से 4 छात्रों की टीम।
  • केंद्र बिंदु: रियल-वर्ल्ड समस्याओं का मिलकर समाधान।
  • प्री-जूरी राउंड: शीर्ष 20 टीमें चयनित होंगी, जिनमें से 5 टीमें ग्रैंड फिनाले के लिए चुनी जाएंगी।

तीसरा राउंड: ग्रैंड फिनाले

  • प्रस्तुति: शिक्षा, सरकार और उद्योग जगत के विशेषज्ञों के सामने प्रोजेक्ट और समाधान प्रस्तुत करना।

मूल्यांकन के प्रमुख पैरामीटर्स

  • रिसर्च स्किल्स: समस्या को समझने और उस पर कार्ययोजना बनाने की क्षमता।
  • क्रिटिकल थिंकिंग: सूचना का विश्लेषण, निष्कर्ष निकालने और तर्कशील सोचने की योग्यता।
  • कम्युनिकेशन प्रोसेस: विचारों को स्पष्ट और सटीक रूप से प्रस्तुत करने की क्षमता।

एचसीएल जिगसॉ: अब तक की यात्रा

पिछले पाँच संस्करणों में:

  • देशभर के 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों से
  • 6000 से अधिक स्कूलों और
  • 2 लाख से अधिक छात्रों ने भाग लिया है।

विजेताओं को एचसीएल के अत्याधुनिक इनोवेशन लैब्स में व्यावहारिक शिक्षा का अवसर प्रदान किया जाएगा, जिससे वे भविष्य के प्रॉब्लम-सॉल्विंग लीडर्स के रूप में खुद को तैयार कर सकेंगे।

एचसीएल की सोच

रजत चंदोलिया, एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट और हेड-ब्रांड, एचसीएल ग्रुप ने कहा:

“एचसीएल में, हमारा उद्देश्य युवाओं की क्षमता को बढ़ावा देना है, ताकि वे गतिशील दुनिया के साथ आगे बढ़ सकें। एचसीएल जिगसॉ एक सामान्य क्विज़ या ओलंपियाड नहीं है, बल्कि यह एक लॉन्चपैड है, जो युवा विचारकों, सहयोगियों और रचनाकारों को समर्पित है। अब तक हमें मिली भागीदारी शानदार रही है और हम इस संस्करण के माध्यम से और अधिक स्कूलों को प्रेरित करने के लिए उत्साहित हैं।”

मुस्कान सिंह

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