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दीव अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में एक राष्ट्रीय उदाहरण है: केंद्रीय मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी 

केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि दीव अक्षय ऊर्जा अपनाने में एक राष्ट्रीय उदाहरण है। यहां दिन के समय बिजली की पूरी मांग सौर ऊर्जा से पूरी की जाती है। श्री प्रल्हाद जोशी ने दीव की इस असाधारण उपलब्धि पर भी बधाई देते हुए कहा कि यह भारत का पहला जिला है, जिसने बिजली की अपनी पूरी मांग सौर ऊर्जा से पूरी की है और इसने 11.88 मेगावाट (9 मेगावाट जमीन पर स्थापित + 2.88 मेगावाट छत पर) क्षमता हासिल की है। केंद्रीय मंत्री श्री जोशी ने आज दीव का दौरा किया और सौर ऊर्जा को अपनाने में इसकी महत्‍वपूर्ण प्रगति की समीक्षा की तथा  ‘एम-सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ के कार्यान्वयन का आकलन किया।

श्री प्रल्हाद जोशी ने दीव में केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें सौर ऊर्जा उत्पादन की स्थिति, इसकी वर्तमान आपूर्ति की रूपरेखा और भविष्य के विस्तार की संभावनाओं की समीक्षा की गई। बैठक के दौरान, केंद्र शासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव के ऊर्जा सचिव श्री टी. अरुण ने मौजूदा सौर ऊर्जा संयंत्रों, उनकी उत्पादन क्षमताओं और घरेलू स्तर के लाभों पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने श्री प्रल्हाद जोशी को बताया कि केंद्र शासित प्रदेश में बड़ी संख्या में परिवार अब सौर ऊर्जा का लाभ उठा रहे हैं।

बैठक में दीव के जिलाधिकारी डॉ. विवेक कुमार, उप जिलाधिकारी श्री शिवम मिश्रा, कार्यपालक अभियंता श्री योगेश त्रिपाठी, श्री परेश पटेल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

बाद में, श्री प्रल्हाद जोशी ने दीव में प्रमुख सौर ऊर्जा सुविधाओं का दौरा किया, जिसमें फुदम में स्थित 9 मेगावाट का सौर पार्क भी शामिल है। सौर पार्क दीव के सतत परिवर्तन का प्रतीक है और क्षेत्र की स्वच्छ ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि फुदम सौर पार्क ने पारेषण और वितरण (टीएंडडी) घाटे को कम करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और बिजली दरों में संशोधन को सक्षम बनाया है, जिससे उपभोक्ताओं के लिए उन्हें अधिक किफायती बनाया जा सके। उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश प्रशासक श्री प्रफुल पटेल के नेतृत्व की सराहना करते हुए यह भी कहा कि उनके सकारात्‍मक दृष्टिकोण और दूरदर्शिता ने इस स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

अक्षय ऊर्जा के दीर्घकालिक प्रभाव के बारे में चर्चा करते हुए श्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि पिछले दशक में दीव में अक्षय ऊर्जा के बुनियादी ढांचे में किए गए पूंजी निवेश की भरपाई सौर ऊर्जा की आपूर्ति और बिक्री के माध्यम से पहले ही हो चुकी है। उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश के निवासियों के लिए इसके लाभों को अधिकतम करने और कुल घरेलू संपूर्णता को प्राप्त करने के लिए पीएम-सूर्य घर योजना के और भी तेज और अधिक प्रभावी कार्यान्वयन का आह्वान किया।

इस यात्रा ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के प्रत्येक भाग में स्वच्छ ऊर्जा के इस्‍तेमाल में तेजी लाने के लिए भारत सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

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