NEW English Version

सरकार पूरे भारत में कैंसर देखभाल, अनुसंधान और किफायती उन्नत उपचारों को बढ़ा रही है: डॉ. जितेंद्र सिंह

देश में कैंसर के बढ़ते बोझ पर संसद में कई प्रश्नों के उत्तर में विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान और प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज कैंसर की रोकथाम, निदान, उपचार, अनुसंधान और विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए वहनीयता को मजबूत करने के लिए सरकार की बहुआयामी, भविष्य के लिए तैयार रणनीति की जानकारी दी।

मंत्री ने अस्पताल में भर्ती, कैंसर के बढ़ते मामले, दवाओं की सामर्थ्य, टीके, वैश्विक सहयोग और उन्नत परमाणु उपचार तक पहुंच से संबंधित चिंताओं को दूर किया। उन्होंने कहा कि सरकार अनुसंधान, प्रौद्योगिकी और सार्वजनिक स्वास्थ्य एकीकरण द्वारा संचालित कैंसर देखभाल को चुनिंदा उत्कृष्टता से सार्वभौमिक पहुंच में बदल रही है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने स्वीकार किया कि कैंसर रोगियों और उनके परिवारों को अक्सर अस्पताल में भर्ती के दौरान भावनात्मक और लॉजिस्टिकल तनाव का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रवेश प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने की दिशा में काम कर रही है, साथ ही तृतीयक अस्पतालों पर रेफरल दबाव को कम करने के लिए जिला स्तर पर कैंसर विज्ञान सुविधाओं का विस्तार कर रही है।

मंत्री ने बताया कि 2014 से देश भर में 11 टाटा मेमोरियल सेंटर अस्पताल स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही 300 से ज़्यादा अस्पतालों को कवर करने वाला नेशनल कैंसर केयर ग्रिड भी बनाया गया है, जो मरीज़ों के घरों के पास स्टैंडर्ड और आसानी से मिलने वाली कैंसर सेवाएं सुनिश्चित करता है। नवी मुंबई में प्लेटिनम ब्लॉक सहित बड़े विस्तार कार्य भी चल रहे हैं।

कैंसर के बढ़ते मामलों पर चिंताओं को दूर करते हुए, डॉ. सिंह ने कहा कि यह बढ़ोतरी ग्लोबल घटना है। इसके लंबी उम्र, पर्यावरणीय कारक, जीवनशैली में बदलाव और गैर-संक्रामक बीमारियों की जल्दी शुरुआत जैसे कारण हैं। मंत्री ने कहा, “आज कैंसर सिर्फ़ बुढ़ापे की बीमारी नहीं रही। शुरुआती जांच ने कई कैंसर को जानलेवा से ठीक होने लायक बना दिया है।”

डॉ. जितेंद्र सिंह ने सदन को बताया कि बोर्ड ऑफ़ रेडिएशन एंड आइसोटोप टेक्नोलॉजी (बीआरआईटी), टाटा मेमोरियल सेंटर और टीचिंग अस्पतालों जैसे संस्थानों के ज़रिए बड़े पैमाने पर रिसर्च चल रही है। यह न सिर्फ़ कैंसर पर, बल्कि रेडियोप्रोटेक्टिव एजेंटों और सटीक-लक्षित टेक्नोलॉजी के ज़रिए कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी के साइड इफ़ेक्ट को कम करने पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार की कैंसर देखभाल नीति में किफ़ायती इलाज सबसे अहम है। टाटा मेमोरियल सेंटर में, लगभग 60% मरीज़ों को आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के तहत मुफ़्त या बहुत कम कीमत पर इलाज मिलता है, जबकि सशुल्क सेवाएं भी कॉर्पोरेट अस्पतालों की तुलना में काफ़ी सस्ती हैं।

मंत्री ने कहा कि सरकार सरकारी अस्पतालों और देश में दवाओं के निर्माण के ज़रिए ज़रूरी कैंसर दवाओं की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित कर रही है, जिससे महंगे  आयात पर निर्भरता कम हो रही है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने यह भी बताया कि भारत ने अपनी पहली स्वदेशी एचपीवी वैक्सीन विकसित की है, जो जैव प्रौद्योगिकी विभाग की बड़ी उपलब्धि है। यह वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर से बचाव में मदद करती है, जो युवा भारतीय महिलाओं में सबसे आम कैंसर में से एक है।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग के बारे में डॉ. जितेंद्र सिंह ने “रेज़ ऑफ़ होप” पहल के तहत टाटा मेमोरियल सेंटर की अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के साथ साझेदारी पर बल दिया, जो कम और मध्यम आय वाले देशों के हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स को प्रशिक्षण दे रही है। उन्होंने कहा कि टाटा मेमोरियल मरीज़ों की देखभाल, शिक्षण और अत्याधुनिक रिसर्च को अनोखे तरीके से जोड़ता है, डीम्ड यूनिवर्सिटी के रूप में काम करता है और असम सहित कई राज्यों में कैंसर विज्ञान, पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी और न्यूक्लियर मेडिसिन में सुपर-स्पेशियलिटी प्रशिक्षण देता है।

प्रोस्टेट कैंसर के लिए ल्यूटेटियम-177 पीएसएमए -617 जैसे एडवांस्ड थेरानोस्टिक्स पर प्रश्नों के उत्तर में, डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत ने पिछले एक दशक में डायग्नोस्टिक और थेराप्यूटिक इस्तेमाल के लिए 24 स्वदेशी रेडियोआइसोटोप विकसित किए हैं। इनमें प्रोस्टेट कैंसर और बचपन के ब्लड कैंसर के लिए विश्व स्तरीय नवाचार शामिल हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि अत्याधुनिक न्यूक्लियर मेडिसिन लॉजिस्टिक्स की चुनौतियों वाले ग्रामीण इलाकों में भी किफायती और आसानी से उपलब्ध हो।

Book Showcase

Best Selling Books

Shri Durgasaptashati Sachitra

By Gorakhpur Gita Press

₹100

Book 2 Cover

Stop Letting Everything Affect You

By Daniel Chidiac

₹190

Truth without apology

By Acharya Prashant

₹240

30 Days to Better English

By Norman Lewis

₹199

Translate »