3 जनवरी को चित्रकूट में होगा विमोचन
शिक्षकों के स्वप्रेरित नवाचारी मैत्री समूह ‘शैक्षिक संवाद मंच उत्तर प्रदेश’ का एक महत्त्वपूर्ण कार्यक्रम ‘कवितायन’ अब एक विशाल कविता संग्रह के रूप में पाठकों के बीच आने को तैयार है। साझा काव्य संग्रह ‘कवितायन’ का आकर्षक आवरण गत दिवस आनलाइन विमोचित किया गया। 340 पृष्ठों का यह वृहद संग्रह बेसिक शिक्षा विभाग के 65 शिक्षक-कवियों की 281 कविताओं को अपने भीतर समेटे हुए है।

संग्रह के संपादक दुर्गेश्वर राय ने बताया कि इस पुस्तक का औपचारिक विमोचन आगामी 2, 3 व 4 जनवरी 2026 को चित्रकूट में आयोजित होने वाली तीन दिवसीय ‘शैक्षिक संगोष्ठी एवं शिक्षक सम्मान समारोह’ के पावन अवसर पर 3 जनवरी को किया जाएगा। शैक्षिक संवाद मंच के संस्थापक प्रमोद दीक्षित ‘मलय’ ने संग्रह की भूमिका लिखी है। विद्यालय बनें आनंदघर की संकल्पना के अंतर्गत दिसंबर 2024 में ऑनलाइन मासिक काव्य सम्मेलन की श्रृंखला शुरू की गई थी। विशेषज्ञों के सान्निध्य में कार्यशालाएं आयोजित की गईं और शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया। कवितायन के इन 12 संस्करणों में देशभर के वरिष्ठ साहित्यकारों ने मुख्य अतिथि के रूप में अपना आशीर्वाद प्रदान किया। पुस्तक के लिए प्रो० विवेक कुमार मिश्र (आचार्य हिंदी, राजकीय कला महाविद्यालय कोटा, राजस्थान) और प्रमोद दीक्षित मलय ने अपने शुभकामना संदेशों में इसे शिक्षक समाज की एक बड़ी उपलब्धि बताया है।
इस संग्रह की सबसे बड़ी विशेषता इसकी विविधता है। इसमें उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों के जिन 65 रचनाकारों गुंजन पोरवाल (कानपुर देहात), आशीष कुमार त्रिपाठी (फतेहपुर), विन्ध्येश्वरी प्रसाद ‘विन्ध्य’ (वाराणसी), नीलम रानी सक्सैना (रामपुर), मिथुन भारती (हमीरपुर), अंकिता सिंह (प्रतापगढ़), ऋतु श्रीवास्तव (हापुड़), नंदकिशोर अहिरवार (महोबा), दीप्ति राय ‘दीपांजलि’ (गोरखपुर), आभा त्रिपाठी (मऊ), गुंजन भदौरिया (कन्नौज), सविता देवी (बाँदा), डॉ० त्रिलोक चन्द (कानपुर देहात), पवन कुमार तिवारी (बाँदा), डॉo ऋतु श्रीवास्तव (गाजीपुर), मनीषा श्रीवास्तव ‘श्रीगौरी’ (कुशीनगर), सुनीता वर्मा (लखनऊ), वत्सला (कानपुर नगर), मीरा कुमारी (मऊ), डॉ० श्रवण कुमार गुप्त (वाराणसी), अनीता मिश्रा (बलरामपुर), वत्सला मिश्रा (प्रयागराज), प्रतीक गुप्ता (बहराइच), माधुरी त्रिपाठी (बस्ती), मीनाक्षी सिंह (मऊ), विजय शंकर यादव (अम्बेडकरनगर), आलोक सिंह (सुल्तानपुर), नीतू सिंह (सुल्तानपुर),
नेहा सिंह (महराजगंज), सरिता यादव (महराज गंज), डॉ० यशोधरा यादव ‘यशो’ (आगरा), रिम्पू सिंह ‘सुभाषिनी’ (गाजीपुर), दाऊ दयाल वर्मा (इटावा), कनक (लखनऊ), निष्ठा दीक्षित (श्रावस्ती), विनीत कुमार मिश्र (कानपुर नगर), प्रमोद दीक्षित मलय (बाँदा), प्रभात त्रिपाठी (गोरखपुर), दुर्गेश्वर राय (गोरखपुर), डॉ० अरविंद कुमार द्विवेदी (वाराणसी), सीमा मिश्रा (फतेहपुर), वैशाली मिश्रा (कानपुर देहात), अनुराधा दोहरे (इटावा), सरस्वती (चंदौली), मो० महताब नार्वी (कौशाम्बी), मीरा रविकुल (बाँदा), अनुपमा शर्मा (चंदौली), प्रीति भारती (उन्नाव), नीरज कुमार पाठक (बांसवाड़ा), राजश्री यादव ‘राज’ (आगरा), अमिता सचान (लखनऊ), फरहत माबूद (प्रयागराज), डॉ० रुचि गर्ग (मुजफ्फरनगर), ऐमन कटियार (कन्नौज), प्रज्ञा गौरव (आगरा), प्रतीक्षा त्रिपाठी (कानपुर देहात), अर्चना गुप्ता (बाँदा), विकास त्रिपाठी (कानपुर देहात), कमलेश कुमार कुशवाहा (चित्रकूट), डॉ० दीपक कुमार ‘भोला जी’ (अमरोहा), अभिलाषा गुप्ता (कौशांबी), आशा देवी कुशवाहा (ललितपुर), शालिनी सिंह (कौशांबी), चन्द्र शेखर कैथवास ‘मित्र’ (प्रतापगढ़) एवं आसिया फारूकी (फतेहपुर) की कविताओं को शामिल किया गया है। यह संग्रह आधुनिक शिक्षा व्यवस्था में मानवीय संवेदनाओं और आनंदमयी शिक्षण के प्रति एक सामूहिक संकल्प है।