राष्ट्रीय एकता, अनुशासन और सांस्कृतिक समरसता के संदेश के साथ राष्ट्रीय कैडेट कोर का प्रतिष्ठित गणतंत्र दिवस शिविर 2026 का औपचारिक शुभारंभ 30 दिसंबर 2025 को दिल्ली कैंट स्थित कारियाप्पा परेड ग्राउंड में सर्व धर्म पूजा के आयोजन के साथ हुआ। यह शुभारंभ न केवल एक प्रशिक्षण शिविर की शुरुआत है, बल्कि भारत की विविधता में एकता की जीवंत अभिव्यक्ति भी है, जहां विभिन्न धर्मों, संस्कृतियों और भाषाओं का सम्मान करते हुए राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा गया।

एक माह का व्यापक प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धात्मक कार्यक्रम
एक माह तक चलने वाले इस गणतंत्र दिवस शिविर के दौरान एनसीसी कैडेट के लिए अनेक अंतर निदेशालय प्रतियोगिताओं और विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इनमें सर्वश्रेष्ठ कैडेट प्रतियोगिता, लघु शस्त्र फायरिंग, कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड के दौरान मार्चिंग दस्ता प्रदर्शन तथा फ्लैग एरिया डिजाइनिंग जैसे महत्वपूर्ण आयोजन शामिल हैं। ये सभी गतिविधियां कैडेट के शारीरिक, मानसिक और नेतृत्व कौशल को परखने के साथ साथ उन्हें राष्ट्र सेवा के लिए तैयार करने का सशक्त माध्यम भी हैं।
देश भर से कैडेट की व्यापक भागीदारी
गणतंत्र दिवस शिविर 2026 में देश के 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों से कुल 2406 कैडेट भाग ले रहे हैं। इनमें 898 महिला कैडेट की सहभागिता यह दर्शाती है कि एनसीसी में महिला सशक्तिकरण को विशेष महत्व दिया जा रहा है। यह शिविर युवाओं को समान अवसर प्रदान करते हुए नेतृत्व और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का मंच उपलब्ध कराता है।
अंतरराष्ट्रीय सहभागिता से मजबूत होता वैश्विक संवाद
युवा विनिमय कार्यक्रम के अंतर्गत इस वर्ष 25 विदेशी मित्र देशों के कैडेट और अधिकारी भी गणतंत्र दिवस शिविर में भाग ले रहे हैं। उनकी उपस्थिति भारत और मित्र देशों के बीच सांस्कृतिक समझ, पारस्परिक सम्मान और सहयोग को और अधिक सुदृढ़ करती है। यह कार्यक्रम भारतीय युवाओं को वैश्विक दृष्टिकोण से जोड़ने और अंतरराष्ट्रीय मित्रता को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
महानिदेशक एनसीसी का प्रेरणादायी संबोधन
एनसीसी के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स ने शिविर में शामिल सभी कैडेट का स्वागत किया और गणतंत्र दिवस शिविर के लिए चुने जाने पर उन्हें बधाई दी। अपने संबोधन में उन्होंने कैडेट से आग्रह किया कि वे राष्ट्र सर्वोपरि की भावना को अपने आचरण में उतारें। उन्होंने धर्म, भाषा और जाति के भेदभाव से ऊपर उठकर चरित्र, सत्यनिष्ठा, निस्वार्थ सेवा, भाईचारा और टीम वर्क जैसे मूल्यों को अपनाने पर बल दिया।
महानिदेशक ने यह भी रेखांकित किया कि गणतंत्र दिवस शिविर केवल प्रदर्शन का मंच नहीं है, बल्कि यह भावी नागरिक और नेतृत्वकर्ता तैयार करने की प्रयोगशाला है, जहां अनुशासन और समर्पण के माध्यम से व्यक्तित्व का समग्र विकास होता है।
एकता और अनुशासन का जीवंत प्रतीक
गणतंत्र दिवस शिविर अपने आदर्श वाक्य एकता और अनुशासन को साकार रूप में प्रस्तुत करता है। देश के विभिन्न कोनों से आए कैडेट यहां एक साथ रहकर प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेते हैं और एक दूसरे की परंपराओं को समझते हैं। यह सांस्कृतिक आदान प्रदान राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के साथ साथ आपसी सम्मान और सहयोग की भावना को भी विकसित करता है।
राष्ट्र निर्माण में एनसीसी की भूमिका
एनसीसी का गणतंत्र दिवस शिविर वर्षों से युवाओं में देशभक्ति, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता को विकसित करने का प्रभावी माध्यम रहा है। यहां से निकले अनेक कैडेट आगे चलकर सशस्त्र बलों, प्रशासन, शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में देश का नाम रोशन करते हैं। गणतंत्र दिवस शिविर 2026 भी इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए युवा शक्ति को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करेगा।